Panna Tiger Reserve Leopard and Calf Virsal Video: प्रकृति अक्सर हमें ऐसे दृश्यों से रूबरू कराती है जिस पर विश्वास करना कठिन हो जाता है. मध्य प्रदेश के पन्ना जिले के रैपुरा रेंज अंतर्गत ग्राम मक्केपाला में एक ऐसा ही मामला सामने आया है जिसने 'शिकारी और शिकार' की परिभाषा को ही बदल दिया. यहां एक गहरा कुआं मौत का कुआं बनने के बजाय तेंदुए और बछड़े की एक अनोखी दोस्ती का गवाह बन गया. इस घटना की वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हाे रही है.
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अंधेरे कुएं में एक साथ गिरे दो जीव
घटना दक्षिण पन्ना वन मंडल की है, जहाँ मक्केपाला गांव के एक गहरे कुएं में एक तेंदुआ और एक बछड़ा अचानक गिर गए. जैसे ही ग्रामीणों को कुएं के अंदर से आवाजें सुनाई दीं, उन्होंने पास जाकर देखा तो उनके होश उड़ गए. कुएं के अंदर एक विशालकाय तेंदुआ और एक छोटा बछड़ा एक साथ मौजूद थे. ग्रामीणों को डर था कि तेंदुआ किसी भी क्षण बछड़े को अपना निवाला बना लेगा, लेकिन नीचे जो चल रहा था वह कुछ और ही था.
दुश्मनी भूला तेंदुआ, बछड़े ने जताया प्यार
वन विभाग की टीम जब मौके पर पहुंची तो वहाँ का नजारा देखकर अधिकारी और विशेषज्ञ दंग रह गए. जिस बछड़े को अब तक तेंदुए का शिकार बन जाना चाहिए था, वह तेंदुए के पास पूरी तरह से सहज था. ताज्जुब की बात यह थी कि बछड़ा बार-बार तेंदुए के पास जा रहा था और उसे चाट रहा था. [01:01] खूंखार शिकारी भी पूरी तरह शांत था और उसने बछड़े को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया. वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार, अत्यधिक तनावपूर्ण और जानलेवा परिस्थिति में दोनों जीवों ने एक-दूसरे में सुरक्षा और साथी का एहसास किया, जो कि जीव विज्ञान के नजरिए से एक अत्यंत दुर्लभ उदाहरण है.
वन विभाग का सफल रेस्क्यू ऑपरेशन
दक्षिण पन्ना वन मंडल अधिकारी श्रीमती रचना शर्मा और रेंज अधिकारी श्री विवेक जैन के नेतृत्व में तुरंत एक रेस्क्यू प्लान तैयार किया गया. तेंदुए को निकालने के लिए लकड़ी के लट्ठों और रस्सियों की मदद से कुएं में एक अस्थायी सीढ़ी बनाई गई. गांव वालों की सुरक्षा के लिए ट्रैक्टरों और वाहनों की घेराबंदी की गई ताकि तेंदुआ बाहर निकलकर गांव की तरफ न आए. कुछ ही देर में तेंदुआ सीढ़ी के सहारे ऊपर चढ़ा और सीधे जंगल की ओर सुरक्षित निकल गया. इसके तुरंत बाद वन विभाग की टीम ने बछड़े को भी सुरक्षित बाहर निकाल लिया.
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