कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने हाल ही में इंदौर में दूषित पानी पीने से हुई मौतों के मामले में पीड़ित परिवारों से मुलाकात की. राहुल गांधी ने न केवल पीड़ितों का दर्द सुना, बल्कि आर्थिक सहायता के तौर पर मृतकों के परिजनों को 1-1 लाख रुपये का चेक भी सौंपा. इस दौरान उन्होंने परिवारों को ढांढस बंधाया और आगे भी हर संभव मदद का आश्वासन दिया.
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अकेले में की मुलाकात, सुना पीड़ितों का दर्द
राहुल गांधी ने प्रभावित इलाके के लोगों और मृतकों के परिजनों से काफी देर तक बात की. पीड़ितों ने बताया कि राहुल गांधी ने उनसे उनकी समस्याओं के बारे में पूछा और यह जानने की कोशिश की कि घटना के समय क्या स्थिति थी. परिजनों ने भावुक होते हुए बताया कि उनकी सास और पत्नी जैसे करीबियों की मौत उल्टी-दस्त के कारण हुई थी.
प्रशासन पर उठाए सवाल, मुआवजे को लेकर नाराजगी
मुलाकात के दौरान कुछ परिवारों ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी नाराजगी जाहिर की. एक महिला पीड़ित, सोनाली कदम ने बताया कि प्रशासन ने नाम तो दर्ज किया था, लेकिन अभी तक कोई सहायता नहीं मिली. वहीं, एक अन्य पीड़ित सीमा प्रजापत ने बताया कि उन्हें सरकार की तरफ से 2 लाख रुपये का चेक मिला था, लेकिन उनका कहना है कि "पैसे से इंसान वापस नहीं आता, हमें स्वच्छ पानी चाहिए."
'हमें पैसा नहीं, स्वच्छ पानी चाहिए'
राहुल गांधी से बातचीत के दौरान परिवारों ने सबसे बड़ी मांग 'स्वच्छ पानी' की रखी. पीड़ितों ने कहा कि दूषित पानी की वजह से उन्होंने अपने परिजनों को खोया है, इसलिए प्रशासन को जल्द से जल्द पीने के साफ पानी की व्यवस्था करनी चाहिए. राहुल गांधी ने उन्हें भरोसा दिलाया कि वे इस लड़ाई में उनके साथ हैं और सहयोग करेंगे.
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