मध्य प्रदेश में ‘केरला स्टोरी’ जैसी निकल गई एक कहानी! सौरभ से सलीम बना युवक ATS की गिरफ्त में

Bhopal News: भोपाल एटीएस ने बीते दिनों प्रतिबंधित संगठन हिज़्ब-उत-तहरीर से जुड़े 16 संदेही राजधानी भोपाल, छिंदवाड़ा और तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद से पकड़े थे. उनमें से एक भोपाल का मोहम्मद सलीम पहले हिंदू था. सलीम पहले सौरभ राजवैद्य के नाम से पहचाना जाता था. लेकिन भारत में प्रतिबंधित किए गए कट्‌टरपंथी जाकिर नाईक और […]

Bhopal ATS mp crime news mp news Bhopal News
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रवीशपाल सिंह

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Bhopal News: भोपाल एटीएस ने बीते दिनों प्रतिबंधित संगठन हिज़्ब-उत-तहरीर से जुड़े 16 संदेही राजधानी भोपाल, छिंदवाड़ा और तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद से पकड़े थे. उनमें से एक भोपाल का मोहम्मद सलीम पहले हिंदू था. सलीम पहले सौरभ राजवैद्य के नाम से पहचाना जाता था. लेकिन भारत में प्रतिबंधित किए गए कट्‌टरपंथी जाकिर नाईक और डॉ. कमाल जैसे कुछ कट्‌टरपंथियों के संपर्क में आने से वह हिंदू धर्म छोड़कर इस्लाम कबूल कर लिया था. उसके बाद सौरभ राजवैद्य जैसे ही मोहम्मद सलीम बना, वह कट्‌टरपंथियों के लिए काम करने लगा.

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MP Tak ने उसकी मां से इस धर्म परिवर्तन और प्रतिबंधित कट्‌टरपंथी संगठनों से जुड़ने की कहानी जानी तो मां ने रोते-रोते दर्द भरी दास्तां सुनाई. पढ़िए MP Tak की एक्सक्लूसिव रिपोर्ट.

सौरभ की मां और पिता ने बताया कि जब वह टीआईटी कॉलेज में गया तो वहां पर डॉ कलाम नाम के एक शख्स ने उसे पहले तो धर्म के बारे में बताना शुरू किया और उसके बाद जाकिर नायक की सीडी और साहित्य देने शुरू किए. सौरभ के पिता के मुताबिक डॉ कलाम सौरभ की सगाई में भी आया था और एक बार घर पर भी आया था.

इस्लाम में जाने के बाद से ही सौरभ थोड़ा उग्र हो गया था और कमरा बंद करके जाकिर नायक की सीडी देखा करता था. इन लोगों ने पूरा गैंग बनाकर मेरे बेटे को फंसाया है. सौरभ के पिता के मुताबिक उनके बेटे के साथ चार अन्य लोगों ने भी इस्लाम धर्म अपनाया था. तब उन्होंने बकायदा इसकी शिकायत पुलिस में की थी. लेकिन तब इन्होंने कहा उन्होंने अपनी मर्जी से धर्म बदला है.

इस्लाम को लेकर उसके झुकाव की वजह से पिता-पुत्र में होने लगी अनबन
सौरभ राजवैध पूरी तरह से डॉ.कमाल और जाकिर नाईक की तकरीरे सुन-सुनकर इस्लाम की तरफ झुकने लगा था. परिवार का कहना है कि बेटा कट्टर बन रहा था, क्योंकि वो जाकिर नाईक की तकरीरें सुनता था. कट्टरपंथी साहित्य पढ़ता है. 2014 में जब पिता और बेटे का टकराव होने लगा तब पिता ने सौरभ और उसकी पत्नी को घर से निकाल दिया. सलीम के पिता डॉ अशोक जैन और मां बसंती जैन ने बताया कि

बहनों से राखी बंधवाने से कर दिया था इनकार
सलीम के पिता डॉ अशोक जैन और मां बसंती जैन ने बताया कि हमारे घर में कई बार विवाद हुआ. पिता ने बताया कि 2014 के रक्षाबंधन पर सौरभ घर तो आया लेकिन उसने रक्षाबंधन का बहिष्कार कर दिया और अपनी चारों बहनों से राखी नहीं बंधवाई. तब उन्होंने भी अपने बेटे का परिवार से बायकॉट कर दिया. पिता के मुताबिक उनके बेटे ने इस्लाम अपना लिया है इसकी जानकारी उन्हें तब लगी जब मुंबई से रजिस्ट्रार का एक पत्र आया जिसमें उनके बेटे बहू और दोनों पोतों के मुस्लिम धर्म अपनाने का जिक्र था.

बहू के बुर्का पहनने पर हुआ विवाद
सौरभ के पिता ने बताया की उनकी बहू ने एक बार जब घर में बुर्का पहना तो उसे लेकर काफी विवाद हुआ. उन्होंने अपनी बहू से बोला कि यहां बुर्का मत पहनो तो बहू ने इसे समाज में जरूरी बताया. इसके बाद विवाद और बढ़ गया और हाल ही में जब उनका बेटा घर आया था तो पिता और पुत्र के बीच इस बात को लेकर बहस हो गई कि हबीबगंज का नाम रानी कमलापति स्टेशन क्यों किया गय. उसके बाद से ही सौरभ उर्फ सलीम की अपने पिता से बात नहीं हुई.

मां का रो-रोकर बुरा हाल
सौरभ उर्फ सलीम की मां बेहद ही भावुक हो जाती हैं. सौरभ को यादकर फूट-फूट कर रोने लगती हैं. रोते हुए उन्होंने कहा कि क्या हम उन्हें उनके बेटे से मिलवा देंगे. सौरभ की मां ने बताया कि उन्हें अपने बेटे की बहुत याद आती है, भले ही वह कितना भी बदल गया हो. सौरभ पहले पूजा पाठ किया करता था, लेकिन बाद में उसने कमरा बंद कर नमाज पढ़ना भी शुरू कर दिया था. सौरभ की मां कहती है कि उनके बेटे को जाकिर नायक की गैंग के लोगों ने जानबूझकर फंसाया है.

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