Shahdol Patwari Ashish Sonkar Suspended:"20 हजार रुपये मांगे थे, 15 हजार दे भी चुकी थी... लेकिन 6 महीने से काम नहीं कर रहा था. यहां-वहां बुला रहा था, होटल तक आने को कहा और गंदे-गंदे शब्द बोलकर शारीरिक शोषण करने की बात की..." सरकारी दफ्तर में जमीन से जुड़े दस्तावेज और जाति प्रमाण पत्र बनवाने पहुंची एक असहाय युवती के साथ मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में जो कुछ हुआ, उसने पूरे प्रशासनिक तंत्र को शर्मसार कर दिया है. काम के एवज में पहले तो रिश्वत ऐंठी गई, और जब मन इतने से भी नहीं भरा, तो पटवारी ने पीड़िता पर अकेले होटल में मिलने का अनैतिक दबाव बनाना शुरू कर दिया. हालांकि, पीड़िता ने हिम्मत दिखाते हुए पटवारी की तमाम अश्लील और डर्टी व्हाट्सएप चैट को सुरक्षित रखा और पूरे सबूतों के साथ सीधे कलेक्टर के सामने शिकायत दर्ज करा दी.
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₹20 हजार की घूस और 6 महीने का अश्लील टॉर्चर
यह पूरा मामला शहडोल जिले का है. पीड़िता के मुताबिक, वह अपनी जमीन के बंटवारे/कुल्ली फाट और जाति प्रमाण पत्र के आवेदन के सिलसिले में पटवारी आशीष सोनकर के संपर्क में आई थी. आरोप है कि पटवारी आशीष सोनकर ने इस जायज सरकारी काम को करने के बदले युवती से ₹20,000 की रिश्वत मांगी. मजबूर होकर पीड़िता ने कथित तौर पर ₹15,000 नगद पटवारी को दे भी दिए और बाकी ₹5,000 काम होने के बाद देने की बात तय हुई.
लेकिन मोटी रकम वसूलने के बावजूद पटवारी ने महीनों तक काम पूरा नहीं किया. जब भी युवती अपने दस्तावेजों और काम के बारे में पूछती, पटवारी बातचीत का रुख बदलकर आपत्तिजनक मोड़ पर ले जाता. आरोप है कि करीब 6 महीने तक सोशल मीडिया और व्हाट्सएप के जरिए पटवारी अश्लील बातें और गंदे मैसेज भेजकर उसे मानसिक रूप से परेशान करता रहा.
"होटल में खाना खाएंगे और जिस काम के लिए मिले हैं वो करेंगे"
मामला तब और गंभीर हो गया जब पटवारी ने युवती को अकेले होटल में मिलने का दबाव बनाना शुरू कर दिया. युवती ने घबराते हुए जब सीधे सवाल किया "होटल में जाकर क्या करेंगे?" तो आरोप है कि पटवारी ने जवाब में लिखा कि 'वहां बातें करेंगे, खाना खाएंगे और जिस काम के लिए मिलने की बात हो रही है, उसे करेंगे.' पटवारी की यह मंशा समझकर पीड़िता ने मामले को दबाने के बजाय हर एक मैसेज और अश्लील चैट का स्क्रीनशॉट व सबूत सहेज लिए.
कलेक्टर के पास पहुंची पीड़िता, एसडीएम ने किया सस्पेंड
पटवारी की गंदी हरकतों से तंग आकर पीड़िता शहडोल कलेक्टर के पास पहुंची और रिश्वतखोरी व शारीरिक शोषण के प्रयास के तमाम सबूत सामने रख दिए.
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन ने तुरंत कड़ा रुख अपनाया:
- सुहागपुर की एसडीएम अमृता गर्ग ने पटवारी आशीष सोनकर को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा.
- निर्धारित समय सीमा के भीतर पटवारी की ओर से कोई संतोषजनक जवाब दाखिल नहीं किया गया.
- इसके बाद एसडीएम सुहागपुर ने पटवारी आशीष सोनकर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया.
सरकारी तंत्र में भरोसे पर सवाल खड़ा करने वाले इस मामले में फिलहाल निलंबन की कार्रवाई की गई है, जबकि प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच जारी है और रिपोर्ट के आधार पर आरोपी पटवारी पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
इनपुट: राघवेंद्र शुक्ला
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