ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अभिमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने एक बार फिर केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला है. गौ रक्षा के लिए अपने 'धर्म युद्ध' के अगले पड़ाव का शंखनाद करते हुए उन्होंने वर्तमान शासन व्यवस्था और खुद पर लगे व्यक्तिगत आरोपों पर बेबाकी से अपनी बात रखी.
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इजरायल-ईरान युद्ध और बुलडोजर नीति पर प्रहार
शंकराचार्य ने ईरान पर इजरायल और अमेरिका के हमलों की तुलना उत्तर प्रदेश की 'बुलडोजर नीति' से कर दी. उन्होंने कहा कि जैसे अमेरिका अपनी ताकत के दम पर निर्दोषों को कुचल रहा है, वैसी ही स्थिति आज यहां भी है. उन्होंने कहा, "जिसके पास शक्ति है, वह निर्बल को निगल रहा है. बुलडोजर तो केवल एक प्रतीक बन गया है, जो भी सवाल पूछता है उस पर बुलडोजर चला दिया जाता है."
वैवाहिक संबंधों और पॉक्सो (POCSO) के आरोपों पर जवाब
शंकराचार्य पर हाल ही में वैवाहिक संबंधों और आपराधिक मामलों के जो आरोप लगे थे, उन पर उन्होंने दो-टूक जवाब दिया. उन्होंने आरोपों को आधारहीन बताते हुए कहा कि ये सब उन्हें रोकने की एक साजिश है. उन्होंने कहा, "जो व्यक्ति आपराधिक प्रवृत्ति का है, उसे ताकत दी जा रही है ताकि वह कुछ भी बोल सके. मुझ पर पॉक्सो एक्ट का सहारा लेकर झूठे आरोप मढ़े गए, लेकिन सच्चाई यह है कि जिस बच्चे का हवाला दिया जा रहा है, उससे मेरा कोई संबंध ही नहीं है."
11 मार्च को लखनऊ में शंखनाद
गौ माता को 'राष्ट्रमाता' और 'राज्यमाता' का दर्जा दिलाने की अपनी मांग को लेकर शंकराचार्य 11 मार्च को लखनऊ पहुंचेंगे. वे वहां आशियाना स्थित स्मृति स्थल पर गौ प्रतिष्ठा ध्वज की स्थापना करेंगे. उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मांग की कि वे सन्यासी होने के नाते गौ मांस के निर्यात पर रोक लगाएं और गाय को पशु सूची से हटाकर राज्यमाता घोषित करें.
विपक्ष का समर्थन और आगामी रणनीति
अखिलेश यादव और अजय राय जैसे नेताओं के समर्थन पर शंकराचार्य ने कहा कि जो भी सत्य के साथ खड़ा है, उसका स्वागत है. उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी यह मुहिम कोई राजनीतिक मुद्दा नहीं है, बल्कि सनातन धर्म और गौ माता की रक्षा के लिए एक धर्म युद्ध है.
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