Madhya Pradesh News: शिवराज सरकार में मंत्री रहे उज्जैन उत्तर के पूर्व विधायक पारस जैन (Paras Jain) के ऊपर करोड़ों के घोटाले का आरोप है. लोकायुक्त ने पारस जैन समेत आठ लोगों के खिलाफ भ्रष्टाचार और पद के दुरुपयोग करने का मुकदमा दर्ज किया है. पारस जैन ने विधायक निधि की राशि का उपयोग निजी उपयोग के लिए किया, जिसके बाद उनके ऊपर ये मामला दर्ज किया गया है.
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देवासी निवासी दिनेश चौहान ने लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक को शिकायत की थी, कि वर्तामान विधायक पारस चंद्र जैन ने अपने पद का दुरुपयोग कर भ्रष्टाचार किया है और शासन को करोड़ों की राशि का नुकसान पहुचाया है. शिकायत को लोकायुक्त ने गंभीरता से लिया और मामले पर एक्शन लिया.
करोड़ो का भ्रष्टाचार
जांच अधिकारी बसंत श्रीवास्तव ने बताया कि तत्कालीन विधायक पारस चंद्र जैन ने करोड़ों की राशि, अपने निजी हित के लिए विधायक निधि की राशि लोकनिर्माण विभाग से स्वीकृत करवाई और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के साथ मिलकर पद का दुरुपयोग किया. ये जांच में स्पस्ट है. जैन ने अपनी पत्नी अंगुरबाला और भाई विमल कुमार जैन की पत्नी संगीता जैन के नाम से अपनी जमीन की सुरक्षा हेतु बाउंड्री वाल बनवाने के लिए वार्ड-4 पिंगलेश्वर मार्ग पिल्याखाल नाले की सुरक्षा के नाम पर राशि आवंटित कराई.
बॉउंड्री भी तय सीमा से 8-8 फूंट ऊंची बनवाई, जिससे स्पष्ट हुआ कि पांड्याखेड़ी में स्थित निजी जमीन की शासकीय सीलिंग की जमीन पर जैन द्वारा कब्जा किया गया है और निजी हित के लिए शासन कि राशि का दुरुपयोग किया गया है.
इन आठ लोगों के खिलाफ मामला दर्ज…
- तत्कालीन विधायक उज्जैन उत्तर विधानसभा पारस चंद्र जैन.
- राजेन्द्र कुमार जैन तत्कालीन अधीक्षण यंत्री लोक निर्माण विभाग उज्जैन मण्डल.
- जी.पी. पटेल तत्कालीन कार्यपालन यंत्री लोक निर्माण विभाग उज्जैन मण्डल.
- सीमा सागर अनुविभागीय अधिकारी लोक निर्माण विभाग उज्जैन.
- संदीप बेनीवाल अनुविभागीय अधिकारी लोक निर्माण विभाग संभाग उज्जैन.
- शरद त्रिपाठी उपयंत्री लोक निर्माण विभाग उज्जैन.
- गौतम अहिरवार कार्यपालन यंत्री लोक निर्माण विभाग उज्जैन.
- डॉ. राजश्री सांकले जिला सांख्यिकी अधिकारी योजना एवं सांख्यिकी कार्यालय उज्जैन.
दर्ज हुए ये प्रकरण
बसंत श्रीवास्तव (डीएसपी लोकायुक्त) ने बताया कि लोकायुक्त ने जांच में पाया बॉउंड्री के लिए 153.72 लाख की राशि खर्च की जा चुकी है. इसके अलावा 44.76 लाख राशि की भी स्वीकृति हुई है, जिसका काम बाकी है. लोकायुक्त उज्जैन ने 8 नामजद और अन्य के विरुद्ध धारा 7, 13 (1) ए, 13(2) भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम एवं 420, 120बी के अंतर्गत प्रकरण पंजीबद्ध किया और विवेचना में लिया है.
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