Twisha Sharma Case Update: भोपाल के चर्चित ट्विशा शर्मा सुसाइड केस में एक नया और बड़ा मोड़ सामने आया है. मामले में आरोपी और ट्विशा की सास (पूर्व जिला जज) पहली बार मीडिया के कैमरे के सामने आई हैं. उन्होंने अपनी और अपने बेटे समर्थ की बेगुनाही का दावा करते हुए ट्विशा के माता-पिता, मीडिया और पुलिस की कार्यप्रणाली पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं.
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'शिजोफ्रेनिया' और डिप्रेशन से पीड़ित थीं ट्विशा
पूर्व जिला जज ने दावा किया कि ट्विशा शर्मा बहुत कम उम्र में ग्लैमर वर्ल्ड का हिस्सा बन गई थीं, जिसके चलते उन पर काफी गहरा मानसिक और मनोवैज्ञानिक दबाव था. उन्होंने बताया कि ट्विशा मानसिक बीमारी 'शिजोफ्रेनिया' और डिप्रेशन से जूझ रही थीं, जिसके लिए भोपाल के जाने-माने डॉक्टर सत्यकांत त्रिवेदी से उनकी काउंसलिंग और इलाज चल रहा था.
गांजे की लत का बड़ा दावा
सास ने इंटरव्यू के दौरान एक चौंकाने वाला आरोप लगाते हुए कहा कि ट्विशा को भारी मात्रा में मारिजुआना (गांजा) के सेवन की लत थी. इस बात को ट्विशा ने खुद एक काउंसलिंग सेशन के दौरान काकोली रॉय मैडम के सामने कबूला था. उन्होंने आगे कहा कि सुसाइड से दो-तीन दिन पहले ट्विशा के हाथों में कंपकंपी देखी गई थी जो कि एडिक्शन के अचानक बंद होने के बाद दिखने वाले विड्रॉल लक्षण थे.
गर्भपात और चरित्र पर शक का विवाद
गर्भावस्था और सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे WhatsApp चैट्स पर बात करते हुए सास ने स्पष्ट किया कि ट्विशा ने डॉक्टरों की सलाह के विपरीत अपनी मर्जी से गर्भपात कराया था. हालांकि बाद में वह इसे रिवर्स करने के लिए हार्मोनल दवाइयां भी मांग रही थीं.
जब उनसे पूछा गया कि चैट्स में ट्विशा अपनी मां से कह रही हैं कि समर्थ उसके चरित्र पर शक करता था और पूछता था कि 'बच्चा किसका है', तो सास ने कहा- "यह मुमकिन है कि गर्भपात की जिद के बाद एक पति के नाते समर्थ के मन में कुछ सवाल आए हों, लेकिन शिजोफ्रेनिया की स्थिति में मरीज के अंदर दो अलग-अलग लोग बात करते हैं. केवल एक WhatsApp चैट के आधार पर किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा जा सकता."
हादसे की रात हमने बचाने की पूरी कोशिश की
घटना वाली रात का ब्योरा देते हुए पूर्व जज ने कहा कि जैसे ही उन्हें और समर्थ को भनक लगी, उन्होंने तुरंत ट्विशा को फंदे से उतारा. पड़ोस के एक लड़के को मदद के लिए बुलाया और ट्विशा को बचाने के लिए सीपीआर दिया. उन्होंने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया कि उन्होंने पुलिस को गुमराह किया या केवल सीसीटीवी (CCTV) में दिखाने के लिए सीपीआर दिया था. उन्होंने कहा, "हम बिना एक मिनट गंवाए बदहवास हालत में उसे लेकर एम्स (AIIMS) अस्पताल भागे.
'मेरा जज होना हमारे लिए अभिशाप बन गया'
पूर्व जिला जज होने के नाते केस को प्रभावित करने और एंटीसिपेटरी बेल मिलने के आरोपों पर उन्होंने भावुक होते हुए कहा, "मेरा जिला जज होना आज हमारे लिए एक अभिशाप बन चुका है. अगर हम सामान्य नागरिक होते, तो अब तक समर्थ को आसानी से बेल मिल जाती. एम्स अस्पताल या पुलिस में हमारा कोई नहीं है, हमने कोर्ट के सामने सारे कॉल डिटेल्स और सबूत सौंप दिए हैं."
लड़की के माता-पिता पर लगाए आरोप
ट्विशा के माता-पिता पर निशाना साधते हुए सास ने कहा कि उन्होंने अपनी बेटी को हमेशा केवल एक अर्निंग सोर्स (कमाई का जरिया) समझा और कठिन समय में उसका साथ नहीं दिया. उन्होंने आरोप लगाया कि अब इस दुखद घटना के बाद भी वे केवल मीडिया माइलेज लेने और फायदा उठाने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने अपने परिवार के फौजी बैकग्राउंड और पति की शहादत का हवाला देते हुए कहा कि उन्हें देश के कानून और जांच एजेंसियों पर पूरा भरोसा है.
क्या है ट्विशा की पूरी काहानी
ट्विशा शर्मा एक पूर्व मॉडल, ब्यूटी पीजेंट विनर, कॉर्पोरेट प्रोफेशनल और डिजिटल कंटेंट क्रिएटर थीं. 33 साल की ट्विशा की शादी 5 महीने पहले ही हुई थी. उसने डेटिंग ऐप के जरिए मिले अपने बॉयफ्रेंड से शादी की थी. हालांकि, शादी के कुछ ही समय बाद उसकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई.
उनकी मृत्यु के बाद इस मामले को लेकर दोनों पक्षों में गहरा विवाद खड़ा हो गया है. जहां एक तरफ ससुराल पक्ष इसे आत्महत्या का मामला बता रहा है, वहीं दूसरी तरफ ट्विशा के मायके वालों ने उनके पति और ससुराल के अन्य सदस्यों पर प्रताड़ना के कई गंभीर आरोप लगाए हैं.
इस पूरे मामले ने उस समय और ज्यादा तूल पकड़ लिया, जब यह बात सामने आई कि पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टरों ने फांसी के फंदे (जिससे शव लटका हुआ था) की बिना किसी बारीकी से जांच किए ही पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी कर दी. इसके साथ ही डॉक्टरों की टीम ने अपनी शुरुआती जांच रिपोर्ट भी विभाग को सौंप दी है, जिसके बाद से पूरी जांच प्रक्रिया पर सवाल उठने लगे हैं.
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