ट्विशा शर्मा का मामला अब दिन-ब-दिन और भी ज्यादा पेचीदा होता जा रहा है. इस मामले में कानूनी लड़ाई लड़ने के लिए पीड़ित परिवार सोमवार को भोपाल जिला अदालत पहुंचा. यहां मृतका के पति समर्थ सिंह की जमानत याचिका पर सुनवाई होनी है, जिसे चुनौती देने के लिए ट्विशा का परिवार कोर्ट परिसर में मौजूद रहा. परिवार की मांग है कि ट्विशा की संदिग्ध मौत की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया जाए और शव का दूसरा पोस्टमार्टम मध्य प्रदेश से बाहर दिल्ली में कराया जाए.
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सास के आरोपों पर भड़की मां
हाल ही में ट्विशा की सास गिरिबाला सिंह की जमानत अर्जी में ट्विशा को ड्रग एडिक्ट बताया गया था, जिस पर कोर्ट परिसर में ट्विशा की मां का गुस्सा और दर्द फूट पड़ा. रोते हुए मां ने कहा, "मेरी बेटी बहुत हिम्मत वाली और अच्छी थी उस पर जबरन झूठे इल्जाम लगाए जा रहे हैं ताकि केस को भटकाया जा सके."
वहीं ट्विशा के ममेरे भाई आशीष ने सास के आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए दामाद पर ही गंभीर आरोप लगाए. आशीष ने दावा किया कि ट्विशा ने अपने जीते जी पुलिस को कई ऐसे सबूत और चैट सौंपे थे जिनमें साफ लिखा था कि उसका पति समर्थ सिंह खुद ड्रग्स लेता है और नशे का आदी है. भाई ने आरोप लगाया कि समर्थ को वकालत के दौरान भी नशे की वजह से दो साल के लिए बार काउंसिल से सस्पेंड किया जा चुका है.
'यह बच्चा किसका है?' पूछकर देते थे यातनाएं
ट्विशा के भाई आशीष ने बताया कि ससुराल वाले शादी के बाद से ही ट्विशा के चरित्र पर कीचड़ उछाल रहे थे. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में ट्विशा के दो महीने गर्भवती होने की बात सामने आई थी. भाई का आरोप है कि पति समर्थ अक्सर ट्विशा से "यह बच्चा किसका है?" यह पूछकर मानसिक रूप से प्रताड़ित करता था जिसका जिक्र ट्विशा ने अपनी चैट्स में भी किया था.
जांच प्रक्रिया पर खड़े किए गंभीर सवाल
ट्विशा के चाचा और भाई ने भोपाल पुलिस की शुरुआती तफ्तीश पर गहरे सवाल उठाए हैं. उनका कहना है कि घटना के 48 घंटे बाद तक पुलिस ने मौके को सीज नहीं किया और न ही कोई कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) खंगाला गया. हद तो तब हो गई जब कथित तौर पर जिस बेल्ट से फांसी लगाने की बात कही जा रही है, उसे पोस्टमार्टम के समय डॉक्टरों को दिखाया ही नहीं गया और उसे बाद में सौंपा गया. परिवार का कहना है कि आरोपी पक्ष बेहद रसूखदार है. सास रिटायर्ड जज हैं और जब वे अस्पताल गईं तो पुलिस वाले उनके पैर छू रहे थे.
अखिलेश यादव ने फोन कर बंधाया ढाँढस
ससुराल पक्ष के कथित रसूख के आगे खुद को अकेला पा रहे पीड़ित परिवार की मदद के लिए अब समाजवादी पार्टी (सपा) खुलकर मैदान में आ गई है. सपा के मध्य प्रदेश प्रदेश अध्यक्ष और भारी संख्या में कार्यकर्ता पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाने कोर्ट पहुंचे. सपा नेताओं ने बताया सपा मुखिया अखिलेश यादव ने खुद फोन पर पीड़ित परिवार से बात की है. अखिलेश यादव ने परिवार को आश्वासन दिया है कि जब तक ट्विशा को न्याय नहीं मिल जाता, समाजवादी पार्टी इस लड़ाई में उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी रहेगी.
कौन है ट्विशा
33 साल की ट्विशा शर्मा पूर्व मॉडल, ब्यूटी पीजेंट विनर, कॉर्पोरेट प्रोफेशनल और डिजिटल कंटेंट क्रिएटर थीं. उन्होने हाल ही में डेटिंग ऐप से मिले अपने बवायफ्रेंड से शादी की थी. शादी के कुछ दिन बाद ही मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में उसकी संदिग्ध मौत हो गई. ट्विशा की मौत के बाद जहां एक तरफ ससुराल वालों ने इसे खुदकुशी बताया वहीं मायके वालों ने इनके पति और ससुराल वालों पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं. मामले ने उस वक्त तूल पकड़ लिया जब पता चला कि ट्विशा का पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर्स ने बिना फंदे की जांच के लिए पीएम कर दिया. यही नहीं डॉक्टर्स ने शुरूआती जांच रिपोर्ट भी सौंप दी.
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