Ravikant Malviya Birthday Party Viral Video: मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले से एक अनोखा मामला सामने आया है. यहां बिजली विभाग (MPB) के असिस्टेंट इंजीनियर रविकांत मालवीय ने अपने जन्मदिन को यादगार बनाने के लिए सरकारी दफ्तर को ही पार्टी हाउस बना दिया. ढोल-नगाड़ों के साथ बाकायदा हाथी पर सवार होकर किसी राजा-महाराजा की तरह अपने सरकारी कार्यालय पहुंचे.
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हाथी ने पहनाई माला, टेबल पर रखा 'नोटों की गड्डी' वाला केक
उज्जैन के बिजली विभाग कार्यालय में जब असिस्टेंट इंजीनियर रविकांत मालवीय की एंट्री हुई, तो वहां मौजूद स्टाफ उनके स्वागत में जुट गया. हाथी पर सवार होकर पहुंचे साहब को हाथी ने खुद अपनी सूंड से माला पहनाई, जिसे देखकर वहां मौजूद लोग दंग रह गए. दफ्तर पहुंचते ही ढोल-नगाड़े बजने लगे और सहकर्मियों ने उन पर फूलों की पंखुड़ियां बरसाईं.
इसके बाद इंजीनियर साहब हाथी से नीचे उतरे और सहकर्मी ढोल की थाप पर जमकर नाचते दिखाई दिए. शाही एंट्री के बाद जब केक कटिंग की बारी आई, तो साहब के सामने टेबल पर 'भारतीय नोटों की गड्डियों' जैसा दिखने वाला केक रखा गया, जिसे काटकर उन्होंने बर्थडे सेलिब्रेट किया. हालांकि, सफाई में यह कहा गया कि केक पर लगे नोट असली नहीं बल्कि नकली/डिजाइनर थे.
छुट्टी के दिन दफ्तर खुलवाने पर उठे सवाल
यह पूरा मामला अब गंभीर सवालों के घेरे में आ गया है. बताया जा रहा है कि यह पार्टी शासकीय अवकाश (छुट्टी के दिन) आयोजित की गई थी. छुट्टी के दिन सरकारी कार्यालय खुलवाकर इस तरह का निजी और भव्य जश्न मनाना प्रशासनिक नियमों के खिलाफ माना जा रहा है.
सोशल मीडिया पर उठ रहे हैं सवाल:
- क्या किसी सक्षम अधिकारी से सरकारी दफ्तर में निजी आयोजन की अनुमति ली गई थी?
- क्या शासकीय कार्यालय के भीतर ढोल-नगाड़ों और हाथी के साथ ऐसी पार्टी करना नियमों के अनुरूप है?
बिजली विभाग ने थमाया नोटिस
मामले का संज्ञान लेते हुए बिजली विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने इस हरकत को सरकारी दफ्तर की गरिमा के विपरीत माना है. विभाग के वरिष्ठ अधिकारी ने बयान देते हुए कहा, "कार्यालय में इस तरह का आयोजन दफ्तर की गरिमा के अनुरूप नहीं है. संबंधित सहायक इंजीनियर (रविकांत मालवीय) को कारण बताओ नोटिस जारी किया जा रहा है. साथ ही भविष्य में ऐसी पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए सभी कर्मचारियों को सख्त हिदायत दी जाएगी."
फिलहाल, असिस्टेंट इंजीनियर रविकांत मालवीय की यह शाही बर्थडे पार्टी पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बनी हुई है और अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि नोटिस के बाद विभाग उन पर क्या अनुशासनात्मक कार्रवाई करता है.
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