उज्जैन में पति-पत्नी ने बंद कमरे में कर रहे थे ये काम तभी पहुंच गई पुलिस, फिर जो हुआ जानकर रह जाएंगे दंग

उज्जैन में एक व्हाट्सएप स्टेटस ने दो जिंदगियां बचा लीं. पति-पत्नी ने आत्महत्या का फैसला कर लिया था, लेकिन आखिरी पल में डाले गए स्टेटस ने पुलिस को अलर्ट कर दिया. दरवाजा तोड़कर पहुंची टीम ने दोनों को फंदे से उतारा और अस्पताल पहुंचाया, जहां अब उनकी हालत स्थिर है.

Ujjain Police Rescues Couple
Ujjain Police Rescues Couple

संदीप कुमार

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Ujjain Police Rescues Couple: कभी-कभी सोशल मीडिया पर डाला गया एक छोटा सा संदेश जिंदगी और मौत के बीच की दीवार बन जाता है. उज्जैन के घटिया थाना क्षेत्र में एक ऐसा ही हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां पुलिस की मुस्तैदी और एक व्हाट्सएप स्टेटस की वजह से दो जिंदगियां खत्म होने से बच गईं. दरअसल, उज्जैन के नजरपुर निवासी आसिफ पटेल और उनकी पत्नी रीना पिछले कई महीनों से गहरे तनाव में थे. आसिफ का आरोप है कि उनके पिता शफीक अहमद पटेल उन्हें घर में नहीं रहने दे रहे थे, जिसके कारण वे दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर थे. प्रताड़ना से तंग आकर दोनों ने बीती रात अपनी जीवनलीला समाप्त करने का मन बना लिया.

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आखिरी पुकार: वो एक व्हाट्सएप स्टेटस

कमरा अंदर से बंद था और फंदा तैयार था. लेकिन जान देने से ठीक पहले आसिफ ने अपने व्हाट्सएप पर एक स्टेटस डाला. यह स्टेटस शायद मदद की एक आखिरी उम्मीद थी. जैसे ही यह स्टेटस पुलिस की नजर में आया, घटिया थाना प्रभारी करण खवाल और उनकी टीम बिना एक सेकंड गंवाए आसिफ के घर की ओर दौड़ पड़ी.

पुलिस का 'ऑपरेशन लाइफ': दरवाजा तोड़कर अंदर घुसी टीम

जब पुलिस टीम मौके पर पहुंची, तो सन्नाटा पसरा था और दरवाजा अंदर से लॉक था. खिड़की से झांकने पर जो दिखा, उसने पुलिसकर्मियों के होश उड़ा दिए. पुलिस ने तुरंत एक रणनीति बनाई. एक टीम ने बाहर से बातचीत कर दंपत्ति का ध्यान भटकाया, जबकि दूसरी टीम ने दरवाजा तोड़ने की तैयारी की. दरवाजा तोड़ते ही पुलिस अंदर दाखिल हुई और फंदे पर लटके पति-पत्नी को तुरंत नीचे उतारा.

सांसें चल रही थीं, अस्पताल में मिली नई जिंदगी

नीचे उतारे जाने के समय दोनों की सांसें बहुत धीमी चल रही थीं और हालत नाजुक थी. पुलिस ने तत्काल उन्हें पास के अस्पताल पहुंचाया. डॉक्टरों की कड़ी मेहनत के बाद अब आसिफ और रीना दोनों खतरे से बाहर हैं. उज्जैन एसपी ने पुलिस टीम की इस बहादुरी और सूझबूझ की जमकर तारीफ की है. उन्होंने घोषणा की है कि जीवन बचाने वाले इन जांबाज पुलिसकर्मियों के नाम 'जीवन रक्षा पदक' के लिए शासन को भेजे जाएंगे.

अंधेरे में उम्मीद की किरण

आसिफ ने होश में आने के बाद पुलिस का शुक्रिया अदा किया और अपनी आपबीती सुनाई. यह घटना हमें याद दिलाती है कि समय पर की गई मदद किसी की पूरी दुनिया बचा सकती है. आज एक हंसता-खेलता परिवार उजड़ने से बच गया, और इसका श्रेय पुलिस की सतर्कता और उस एक डिजिटल संदेश को जाता है जिसने मौत को मात दे दी.

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