एक आश्रम… चौथी मंजिल… नीचे गिरा 29 साल का एक साधु. कमरे के अंदर मिला ग्राइंडर और उससे जुड़ा एक ऐसा रहस्य, जिसने इस मौत को साधारण हादसा मानने पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं. वृंदावन के गुरुकृपा कुंज आश्रम में हुई रसिक दुलारी शरण की मौत का रहस्य गहरा गया है.
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रसिक दुलारी शरण का असली नाम दीपक लोधी है. पुलिस की शुरुआती जांच में चौथी मंजिल से गिरने की घटना को खुद उठाया गया कदम माना जा रहा है, लेकिन उससे पहले कमरे के अंदर क्या हुआ था, इसे लेकर तस्वीर अभी पूरी तरह साफ नहीं है. क्योंकि जांच में कमरे से एक ग्राइंडर मिला है. दीपक के प्राइवेट पार्ट पर गंभीर चोट की बात सामने आई और पोस्टमार्टम में मौत की वजह अत्यधिक ब्लीडिंग बताई गई है..
जबलपुर से वृंदावन तक: कौन था दीपक लोधी?
तो आखिर 29 साल का दीपक लोधी कौन था? जबलपुर के एक साधारण किसान परिवार का ये युवक खेती-किसानी छोड़कर वृंदावन कैसे पहुंचा? कैसे बना रसिक दुलारी शरण? और सबसे बड़ा सवाल… मौत से पहले उसके कमरे में आखिर क्या हुआ था?
इस पूरी कहानी को समझने के लिए पहले जानते हैं उस दीपक के बारे में, जो कुछ साल पहले तक अपने परिवार के साथ एक बिल्कुल सामान्य जिंदगी जी रहा था.
दीपक लोधी जबलपुर के बरगी डैम के डूब क्षेत्र में आने वाले मगरधा गांव का रहने वाला था. हालांकि पिछले करीब 10 साल से वह जमतरा-परसवाड़ा में अपने ननिहाल में रह रहा था. परिवार खेती-किसानी करता है. दीपक भी अपने पिता के साथ खेती में हाथ बंटाता था. उसका छोटा भाई भारत पेट्रोलियम में काम करता है. यानी परिवार की जिंदगी आम मध्यवर्गीय ग्रामीण परिवार जैसी थी. दीपक ने जबलपुर से ग्रेजुएशन किया था. करीबियों के मुताबिक उसका स्वभाव बेहद मिलनसार और शांत था.
आध्यात्म की ओर झुकाव और दीक्षा
लेकिन पढ़ाई और खेती के साथ-साथ उसका झुकाव आध्यात्म की तरफ लगातार बढ़ता गया. बताया जाता है कि दीपक मां नर्मदा का बड़ा भक्त था. करीब ढाई साल पहले उसने जबलपुर के संत दादा गुरु भैया जी सरकार के साथ करीब छह महीने की पदयात्रा भी की. पदयात्रा से लौटने के बाद जब परिवार ने उसकी शादी की बात शुरू की, तो दीपक वृंदावन चला गया.
यहां उसने संत प्रेमानंद महाराज से दीक्षा ली और उसका नाम रसिक दुलारी शरण हो गया. पिछले करीब दो साल से वह राधा केली कुंज आश्रम में रह रहा था. परिवार के मुताबिक, दीक्षा लेने के बाद दीपक से उनकी बातचीत बेहद कम हो गई थी. धीरे-धीरे परिवार से उसकी दूरी बढ़ती गई. यानी परिवार की नजर में दीपक घर-परिवार के किसी विवाद की वजह से नहीं, बल्कि आध्यात्मिक जीवन की तलाश में वृंदावन गया था.
शनिवार की सुबह और CCTV का सच
लेकिन शनिवार की सुबह जो हुआ, उसने दीपक की पूरी कहानी को एक रहस्य में बदल दिया. शनिवार सुबह करीब साढ़े 10 बजे राधा केली कुंज आश्रम में अचानक अफरा-तफरी मच गई. दीपक चौथी मंजिल से नीचे गिर गया. सामने आए CCTV फुटेज में एक व्यक्ति के चौथी मंजिल से नीचे गिरने की घटना दिखाई दे रही है. पुलिस इसी फुटेज और शुरुआती जांच के आधार पर फिलहाल इसे दीपक की ओर से उठाया गया कदम मान रही है. गंभीर हालत में दीपक को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई.
लेकिन CCTV एक अहम सवाल का जवाब नहीं देता....दीपक के नीचे गिरने से ठीक पहले उसके कमरे में क्या हुआ था ? क्या उसने गलत कदम उठाया ? क्या वह किसी दबाव में था ? क्या उसके साथ कोई घटना हुई थी ?.या फिर इस पूरे मामले की कोई ऐसी कड़ी है, जो अभी जांच के सामने आना बाकी है.फिलहाल इन सवालों का जवाब जांच पूरी होने के बाद ही साफ होगा.
कमरे से मिले साक्ष्य और पुलिस जांच
मामले को और रहस्यमय बना रहा है दीपक के कमरे से मिला एक मिक्सर ग्राइंडर और उसके प्राइवेट पार्ट पर गंभीर चोट का सामने आना...पुलिस के मुताबिक, कमरे में ग्राइंडर मिला है... साथ ही दीपक के प्राइवेट पार्ट के कटे होने की बात भी जांच में सामने आई है..लेकिन सबसे अहम सवाल यही है कि ये चोट कैसे लगी? कब लगी? क्या इसका दीपक के चौथी मंजिल से गिरने से कोई संबंध था? या फिर दोनों घटनाएं अलग-अलग थीं? इन सवालों पर पुलिस फिलहाल जांच कर रही है। किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले पोस्टमार्टम, फॉरेंसिक जांच, CCTV और दूसरे साक्ष्यों को जोड़ना जरूरी है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह अत्यधिक बिल्डिंग बताई गई है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक जांच और दूसरे साक्ष्यों के आधार पर मौत की वास्तविक परिस्थितियां स्पष्ट की जाएंगी.
परिजनों के सवाल और उठती आशंकाएं
परिवार के भी सवाल...इस पूरे मामले में अब दीपक के परिवार ने भी सवाल उठाए हैं... परिजनों के मुताबिक, दीक्षा लेने के बाद उनकी दीपक से बातचीत बेहद कम हो गई थी। उन्हें घटना की जानकारी किस तरह और किन परिस्थितियों में मिली, इसे लेकर भी परिवार के सवाल हैं...परिवार की शिकायत के बाद पुलिस अब CCTV फुटेज की जांच के साथ आश्रम में मौजूद लोगों से पूछताछ कर रही है.
अनसुलझी पहेली
यानी फिलहाल इस मामले में दो तस्वीरें सामने हैं एक तरफ पुलिस की शुरुआती जांच है, जो CCTV और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर इसे दीपक की ओर से उठाया गया कदम मान रही है.. दूसरी तरफ परिवार के सवाल हैं, जो घटना से पहले की परिस्थितियों और कमरे में मिले साक्ष्यों को लेकर जवाब चाहता है और इन दोनों के बीच सबसे बड़ा सवाल अब भी वही है कि चौथी मंजिल से गिरने से पहले रसिक दुलारी शरण के कमरे में आखिर क्या हुआ था.
जिस दीपक लोधी ने परिवार और खेती-किसानी की जिंदगी छोड़कर आध्यात्म की राह चुनी थी, उसकी मौत अब कई अनसुलझे सवाल छोड़ गई है.. परिवार के लिए वो आज भी दीपक है और वृंदावन में वो रसिक दुलारी शरण के नाम से जाना जाता था.. लेकिन उसकी मौत की पूरी सच्चाई क्या है. इसका जवाब अब पुलिस की जांच, फॉरेंसिक रिपोर्ट और सामने आने वाले दूसरे सबूतों पर टिका है.
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