कौन हैं अरविंद शर्मा, जिनके एक फैसले से मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द, दिल्ली से भोपाल तक मचा बवाल

Arvind Sharma News: मध्य प्रदेश के राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने के बाद सबसे ज्यादा चर्चा रिटर्निंग ऑफिसर अरविंद शर्मा की हो रही है. उनके फैसले ने सियासत गरमा दी है. अब कांग्रेस चुनाव आयोग और अदालत दोनों के रास्ते पर आगे बढ़ने की तैयारी में है.

कौन हैं रिटर्निंग ऑफिसर अरविंद शर्मा?
कौन हैं रिटर्निंग ऑफिसर अरविंद शर्मा?

आशुतोष मिश्रा

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Who is Arvind Sharma Returning Officer: मध्य प्रदेश के राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस को बड़ा झटका तब लगा, जब पार्टी प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द कर दिया गया. इस फैसले के बाद भोपाल से लेकर दिल्ली तक सियासी हलचल तेज हो गई. कांग्रेस इसे लोकतंत्र के खिलाफ कदम बता रही है, जबकि चुनाव अधिकारी ने नियमों के आधार पर कार्रवाई की है. इस पूरे विवाद के बीच सबसे ज्यादा चर्चा उस अधिकारी की है, जिन्होंने यह फैसला सुनाया.

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पहले जानिए नामांकन क्यों हुआ रद्द?

रिटर्निंग ऑफिसर के आदेश के अनुसार मीनाक्षी नटराजन ने नामांकन के साथ जमा किए गए फॉर्म-26 में अपने खिलाफ चल रहे एक न्यायालयीन प्रकरण का उल्लेख नहीं किया था. हलफनामे को अधूरा मानते हुए उनकी उम्मीदवारी निरस्त कर दी गई. इससे कांग्रेस की राज्यसभा चुनाव की रणनीति को बड़ा झटका लगा और मामला तुरंत राजनीतिक विवाद में बदल गया.

कौन हैं रिटर्निंग ऑफिसर अरविंद शर्मा?

मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द करने वाले अरविंद शर्मा वर्तमान में मध्य प्रदेश विधानसभा के प्रमुख सचिव हैं और इसी चुनाव में रिटर्निंग ऑफिसर की जिम्मेदारी निभा रहे हैं. उनका जन्म 5 जनवरी 1965 को दिल्ली में हुआ. उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से बीएससी और एलएलबी की पढ़ाई की, जबकि हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय से लोक प्रशासन में मास्टर डिग्री हासिल की. वर्ष 1989 में उन्होंने लोकसभा सचिवालय से सरकारी सेवा शुरू की और करीब 37 वर्षों तक संसदीय कार्यों से जुड़े कई महत्वपूर्ण पदों पर काम किया. मार्च 2024 में वह प्रतिनियुक्ति पर मध्य प्रदेश विधानसभा पहुंचे और अक्टूबर 2025 से प्रमुख सचिव के पद पर कार्यरत हैं.

संसदीय अनुभव के साथ निजी रुचियां भी चर्चा में

अरविंद शर्मा संसदीय और विधायी कार्यों के लंबे अनुभव वाले अधिकारी माने जाते हैं. उन्होंने राष्ट्रमंडल संसदीय संघ, अंतर संसदीय संघ और वर्ष 2023 में दिल्ली में आयोजित पी-20 सम्मेलन जैसे बड़े आयोजनों में भी भूमिका निभाई. निजी जीवन में उन्हें हिंदी फिल्में देखना, लॉन टेनिस और क्रिकेट खेलना पसंद है. हालांकि इस समय उनका प्रशासनिक फैसला ही सबसे ज्यादा चर्चा का विषय बना हुआ है.

बीजेपी की आपत्ति के बाद शुरू हुई पूरी कार्रवाई

पूरे मामले की शुरुआत बीजेपी प्रत्याशी महेश केवट की आपत्ति से हुई. उन्होंने चुनाव अधिकारी के सामने दावा किया कि मीनाक्षी नटराजन ने अपने हलफनामे में तेलंगाना से जुड़े एक मामले की जानकारी नहीं दी है. इसके बाद दोनों पक्षों की दलीलें सुनी गईं और नियमों के आधार पर रिटर्निंग ऑफिसर ने नामांकन निरस्त करने का आदेश जारी कर दिया.

कांग्रेस का विरोध और आगे की रणनीति

नामांकन रद्द होने के बाद कांग्रेस लगातार विरोध कर रही है. पार्टी का कहना है कि यह फैसला राजनीतिक साजिश का हिस्सा है. कांग्रेस चुनाव आयोग के सामने अपना पक्ष रख रही है और जरूरत पड़ने पर अदालत का दरवाजा खटखटाने की भी तैयारी में है. अब सबकी नजर इस बात पर है कि चुनाव आयोग या अदालत से कांग्रेस को कोई राहत मिलती है या नहीं.

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