Datia By Election: कौन हैं अवधेश नायक, दतिया उपचुनाव में टिकट कटते ही जिन्हें मनाने में जुटे BJP और कांग्रेस के नेता?

अशोक शर्मा

• 02:09 PM • 15 Jul 2026

Datia By Election: दतिया उपचुनाव में कांग्रेस का टिकट कटने के बाद अवधेश नायक अचानक सियासत के सबसे चर्चित चेहरों में शामिल हो गए हैं. बीजेपी और कांग्रेस दोनों उन्हें अपने पाले में लाने की कोशिश में जुटी हैं. आखिर अवधेश नायक कौन हैं और उनकी राजनीतिक ताकत क्या है, जानिए पूरी कहानी.

दतिया उपचुनाव में महा-संग्राम
दतिया उपचुनाव में महा-संग्राम
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Avdhesh Nayak News: मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर होने जा रहा उपचुनाव हर बीतते दिन के साथ बेहद दिलचस्प मोड़ पर पहुंच गया है. कांग्रेस के टिकट के सबसे मजबूत दावेदार माने जा रहे अवधेश नायक का टिकट कटने के बाद क्षेत्र का राजनीतिक तापमान अचानक बढ़ गया है. बताया जा रहा है कि कांग्रेस द्वारा घनश्याम सिंह को दतिया से उम्मीदवार घोषित किए जाने के बाद से अवधेश नायक अपनी ही पार्टी से बेहद नाराज चल रहे हैं. इस सियासी उठापटक के बीच अवधेश नायक को अपने पाले में करने के लिए BJP और कांग्रेस ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है.

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बंद कमरे में हुई सीक्रेट मीटिंग, अटकलें हुईं तेज

इसी क्रम में मंगलवार की देर रात मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री राकेश शुक्ला अचानक अवधेश नायक के गृह निवास पर पहुंचे. दोनों कद्दावर नेताओं के बीच काफी देर तक बंद कमरे में चर्चा हुई. इस मुलाकात की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल होते ही राजनीतिक गलियारों में कयास लगाए जाने लगे हैं कि अवधेश नायक जल्द ही अपनी पुरानी पार्टी बीजेपी में घर वापसी कर सकते हैं.

इतना ही नहीं, मंत्री राकेश शुक्ला के आने से पहले बीजेपी के विधानसभा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी भी अवधेश नायक से मिलने पहुंचे थे और दोनों के बीच करीब आधे घंटे तक गोपनीय बातचीत हुई थी. हालांकि, इन मुलाकातों के एजेंडे को लेकर किसी भी नेता ने आधिकारिक तौर पर बयान जारी नहीं किया है.

नायक ने लगाया 'वादाखिलाफी' का आरोप

टिकट वितरण से नाराज अवधेश नायक के समर्थकों के भारी आक्रोश को देखते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने खुद डैमेज कंट्रोल का मोर्चा संभाला. वे खुद अवधेश नायक को मनाने उनके घर पहुंचे और वहां कई घंटों तक कार्यकर्ताओं से चर्चा की. हालांकि, खुद अवधेश नायक ने कांग्रेस के रवैये पर अपनी गहरी पीड़ा व्यक्त की है.

मीडिया से बातचीत में नायक ने कांग्रेस आलाकमान पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया. उन्होंने कहा, "2023 के विधानसभा चुनाव में जब मेरा घोषित टिकट कटा था, तब तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ और तत्कालीन प्रभारी सुरजेवाला ने मुझसे आमने-सामने बैठकर वादा किया था कि अगला दतिया चुनाव मैं ही लड़ूंगा. घनश्याम सिंह जी से मुझे कोई शिकायत नहीं है, लेकिन पार्टी नेतृत्व ने मेरे साथ जो वादाखिलाफी की है, उसकी पीड़ा मुझे और मेरे कार्यकर्ताओं को जरूर है."

कौन हैं अवधेश नायक?

अवधेश नायक की राजनीतिक पृष्ठभूमि मूल रूप से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और बीजेपी से जुड़ी रही है. वे 1993 में बीजेपी की सक्रिय राजनीति में आए, दतिया में पार्षद रहे और भाजपा के टिकट पर विधानसभा चुनाव भी लड़ चुके हैं. साल 2023 के विधानसभा चुनाव के ठीक पहले उन्होंने कांग्रेस का दामन थामा था. शुरुआत में कांग्रेस ने उन्हें उम्मीदवार बनाया भी था, लेकिन बाद में उनका टिकट बदलकर राजेंद्र भारती को दे दिया गया था. अब दोबारा हुई इस अनदेखी के बाद दतिया के राजनीतिक समीकरण तेजी से बदल रहे हैं.

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