'शुद्ध पेट्रोल क्या तुम्हारे बाप के यहां से आएगा?...' एथेनॉल पर बिगड़े बोल वाले BJP सांसद जनार्दन मिश्रा कौन हैं?

हरिओम सिंह

10 Aug 2026 (अपडेटेड: Aug 10 2026 10:04 AM)

BJP MP Janardan Mishra Statement: रीवा एयरपोर्ट पर बीजेपी सांसद जनार्दन मिश्रा ने पेट्रोल में एथेनॉल मिलाने की नीति का बचाव करते हुए ऐसा बयान दे दिया, जो अब चर्चा में है. मंच से दिए गए इस बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है. जानिए कौन हैं जनार्दन मिश्रा और आखिर उन्होंने क्या कहा, जिस पर विवाद बढ़ गया.

बीजेपी सांसद जनार्दन इथेनॉल पर विवादित बयान
बीजेपी सांसद जनार्दन इथेनॉल पर विवादित बयान
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Janardan Mishra Controversial Statement: देशभर में पेट्रोल में एथेनॉल मिलाने को लेकर बहस तेज है. एक तरफ आम लोग और विपक्ष सरकार की इस नीति का विरोध कर रहे हैं तो दूसरी तरफ सत्ता पक्ष के नेता इसका बचाव कर रहे हैं. इसी बीच मध्य प्रदेश की रीवा लोकसभा सीट से बीजेपी सांसद जनार्दन मिश्रा के एक बयान ने सियासी माहौल गर्म कर दिया है. रीवा एयरपोर्ट पर कोलकाता-रीवा-भोपाल हवाई सेवा के उद्घाटन कार्यक्रम में उन्होंने मंच से कुछ ऐसा कह दिया जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. ऐसे में आइए जानते हैं कौन हैं जनार्दन मिश्रा और उन्होंने आखिर ऐसा क्या कहा जिस पर इतना बवाल मचा है?

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क्या है पूरा मामला?

दरअसल, कोलकाता से एक 72 सीटर विमान रीवा में पहुंचा और फिर यहां से भोपाल के लिए रवाना हुआ. इस मौके पर सांसद जनार्दन मिश्रा ने केंद्र सरकार के कार्यों की जमकर तारीफ की. भाषण के दौरान सांसद ने पेट्रोल के भीतर 20 प्रतिशत इथेनॉल मिलाए जाने की सरकारी योजना का समर्थन किया. इथेनॉल मिलावट की नीति का बचाव करते-करते और शुद्ध पेट्रोल की मांग करने वालों को जवाब देते हुए सांसद का आपा खो गया. उन्होंने बिना किसी झिझक के सीधे मंच से कहा, ''शुद्ध पेट्रोल क्या तुम्हारे बाप के यहां से आएगा?'' उनके इस एक वाक्य ने पूरे कार्यक्रम का माहौल बदल दिया और देखते ही देखते यह बयान चर्चा का सबसे बड़ा मुद्दा बन गया.

दिग्गज नेताओं की मौजूदगी में दिया विवादित बयान

जनार्दन मिश्रा ने जब यह बायान दिया उस समय मंच पर कई बड़े नेता मौजूद थे. कार्यक्रम में मध्य प्रदेश के उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला, राज्य मंत्री प्रतिभा बागड़ी और सतना से सांसद गणेश सिंह मौजूद थे. इसके अलावा कई स्थानीय विधायक और कई और जनप्रतिनिधि भी भाषण सुन रहे थे.

यहां देखें वायरल वीडियो

बयानों को लेकर पहले भी रह चुके हैं चर्चा में

यह कोई पहला मौका नहीं है जब जनार्दन मिश्रा अपने भाषण को लेकर खबरों में आए हों. इससे पहले भी वे कई अवसरों पर अपनी अजीबो-गरीब बयानबाजी को लेकर सुर्खियां बटोर चुके हैं. आज तक की खबर के अनुसार एक बार उन्होंने रीवा के तत्कालीन निगम आयुक्त सभाजीत यादव पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए उन्हें कुदाल से जमीन खोदकर जिंदा गाड़ने तक की धमकी दे दी थी.

इसके अलावा, भ्रष्टाचार को लेकर भी उनका एक बयान काफी चर्चा में रहा था. उन्होंने कहा था कि अगर कोई सरपंच 15 लाख रुपये तक का भ्रष्टाचार करता है तो लोग शिकायत लेकर न आएं, क्योंकि महंगाई के दौर में इतना तो चलता है. उन्होंने कहा था कि 15 लाख रुपये से ज्यादा के घोटाले की बात हो तभी शिकायत करें.

प्रधानमंत्री आवास योजना पर बोलते हुए जनार्दन मिश्रा ने कहा था कि "मोदी जी की दाढ़ी में घर ही घर हैं, जब तक दाढ़ी रहेगी, आवास मिलता रहेगा."

वहीं, जल संरक्षण को लेकर भी उनका एक बयान खूब चर्चा में आया था. उन्होंने लोगों से कहा था कि वे शराब पिएं, गुटखा खाएं, गांजा या थिनर-सॉल्यूशन सूंघें और चाहे जितना फिजूलखर्च करें लेकिन पानी जरूर बचाएं.

स्वच्छता को लेकर भी जनार्दन मिश्रा का एक बयान विवादों में रहा था. उन्होंने कहा था कि जो लोग डस्टबिन तोड़ते हैं, उसमें आग लगाते हैं या सफाई व्यवस्था में बाधा डालते हैं, उन्हें जीने का अधिकार नहीं है और ऐसे लोगों को फांसी दे देनी चाहिए.

कौन हैं बीजेपी सांसद जनार्दन मिश्रा?

आपको बाद दें कि BJP के वरिष्ठ नेता हैं. वे पेशे से अधिवक्ता  हैं. जनार्दन मिश्रा ने बी.ए. और एल.एल.बी. (B.A., LL.B.) तक की शिक्षा हासिल की है. वे मई 2014 में पहली बार 16वीं लोकसभा के लिए चुने गए थे. इसके बाद मई 2019 में वे लगातार दूसरी बार 17वीं लोकसभा के लिए पुनर्निवार्चित हुए. हाल ही में जून 2024 में वे तीसरी बार 18वीं लोकसभा के सदस्य के रूप में चुने गए हैं.

संसदीय समितियों में निभा चुके हैं अहम भूमिकाएं

जनार्दन मिश्रा अपने लंबे संसदीय कार्यकाल के दौरान संसद की कई महत्वपूर्ण समितियों के सदस्य रह चुके हैं. वे कृषि संबंधी स्थायी समिति, अधीनस्थ विधान समिति, लाभ के पदों पर संयुक्त समिति, और सार्वजनिक उपक्रमों की समिति में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. इसके अतिरिक्त वे ग्रामीण विकास और पंचायती राज संबंधी स्थायी समिति तथा पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की परामर्शदात्री समिति के सदस्य के रूप में भी कार्य कर चुके हैं.

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