सोशल मीडिया पर इन दिनों हनुमान जी का एक भजन “मैंने तेरे ही भरोसे हनुमान सागर में नैया डार द” जबरदस्त ट्रेंड कर रहा है. रील से लेकर बड़े पर्दे (बॉलीवुड) तक गूंज रही इस मधुर आवाज के पीछे मध्य प्रदेश के सागर जिले के रहने वाले सुनील लोधी हैं. दृष्टिबाधित (नेत्रहीन) होने के बावजूद अपनी अद्भुत प्रतिभा और भक्ति भाव से सुनील ने यह मुकाम हासिल किया है.
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सुनील लोधी हाल ही में रिलीज हुई बॉलीवुड फिल्म 'हनुमान अंश' (Hanuman Ansh) में अपनी आवाज का जादू बिखेर चुके हैं. MP Tak के साथ विशेष बातचीत में सुनील लोधी और उनके साथी रोहित ने अपने संघर्ष और सफलता की पूरी कहानी साझा की.
10 साल की उम्र से संगीत का शौक
सुनील लोधी जन्म से ही नेत्रहीन हैं. करीब 10-11 साल की उम्र में उनका रुझान संगीत की ओर हुआ. वे गांव की भजन मंडली में गाते थे. चौंकाने वाली बात यह है कि सुनील ने संगीत की समझ अपने कीपैड मोबाइल के जरिए विकसित की. वे लता मंगेशकर और अलका याग्निक के गानों को सुनकर संगीत के सुर और ताल सीखते थे. तंबूरा (तमोरा) बजाना और गाना उन्हें अपने दादा जी के आशीर्वाद के रूप में मिला.
वायरल वीडियो से कैसे बदला किस्मत का सितारा?
सुनील के साथी रोहित (बुंदेली दुनिया पेज संचालक) ने बताया कि 2019 में सुनील का एक बुंदेलखंडी लोकगीत का वीडियो अपलोड किया गया था, जो 2021 में जाकर वायरल हो गया. इसके बाद स्थानीय म्यूजिक स्टूडियो (अंकित पांडे) से उनके आधिकारिक गानों की शुरुआत हुई.
इसके बाद “मोरे संकट के कटैया हनुमान” भजन ने इंटरनेट पर धूम मचाई, जिसे इंदौर के पंकज वीआरके ने कैप्चर किया. इस भजन के मिलियंस में व्यूज आए और सुनील की ख्याति मुंबई के साईं बाबा स्टूडियो तक पहुंच गई, जहां से उन्हें भजनों के ऑफर मिले.
वर्सोवा बीच और 'हनुमान अंश' फिल्म का इत्तेफाक
सुनील के बड़े पर्दे पर पहुंचने की कहानी काफी दिलचस्प है. मुंबई में रिकॉर्डिंग खत्म करने के बाद सुनील और रोहित वर्सोवा बीच घूमने गए थे. रोहित ने सुनील की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर शेयर की.
उस फोटो पर फिल्म 'हनुमान अंश' के डायरेक्टर विशाल चतुर्वेदी की नजर पड़ी. उन्होंने तुरंत संपर्क किया और पास ही स्थित अपने ऑफिस में सुनील को बुलाया. सुनील ने वहां 3-4 भजन सुनाए, जिनमें से डायरेक्टर को “मैंने तेरे ही भरोसे हनुमान...” बेहद पसंद आ गया और इसे फिल्म के लिए चुन लिया गया.
जब रास्ता भटके तो भौंरे ने दिखाया मार्ग
इंटरव्यू के दौरान सुनील ने अपने जीवन का एक अजूबा और प्रेरक किस्सा सुनाया. उन्होंने बताया कि एक बार वे गांव के नाले (नरवा) के पास रास्ता भटक गए थे और करीब 15 मिनट तक परेशान रहे. दृष्टिबाधित होने के कारण उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि किधर जाएं.
तब उन्होंने मन ही मन ईश्वर को याद किया. तभी अचानक एक भौंरा आया, उनके कान और हाथ को टच किया और आवाज देता हुआ आगे बढ़ा. सुनील उस भौंरे की आवाज के पीछे-पीछे चले और सुरक्षित सड़क पार कर गए. सुनील इसे हनुमान जी और ईश्वर का चमत्कार मानते हैं.
बॉलीवुड के बाद अब क्या है सुनील का सपना?
फिल्म के प्रीमियर पर जब सुनील का पूरा परिवार और गांव के लोग सिनेमाघर पहुंचे, तो उनकी मां और दादी की आंखों से खुशी के आंसू निकल आए.
सुनील लोधी का अब अगला बड़ा सपना बॉलीवुड के जाने-माने प्लेबैक सिंगर जुबिन नौटियाल (Jubin Nautiyal) के साथ गाना गाना है. इसके अलावा वे दर्शकों की मांग पर हिंदी गाने और 'हनुमान चालीसा' भी लाने की तैयारी कर रहे हैं.
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