मध्य प्रदेश में दावों और वादों के बीच विकास की एक ऐसी तस्वीर सामने आई है जिसे देखकर हर कोई हैरान है. देवास में मंगलवार दोपहर हुई तेज बारिश के बाद नगर निगम के विकास के सारे दावों की पोल खुल गई. शहर के सुतार बाखल सब्जी मंडी चौराहे पर जलभराव के कारण सड़क पर बना एक गहरा और खुला नाला दिखाई नहीं दिया, जिसका नतीजा यह हुआ कि दो मासूम छात्राएं अपनी स्कूटी के साथ सीधे उस गहरे नाले में समा गईं.
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स्थानीय लोग बने 'सुपर हीरो', बची जान
सोशल मीडिया पर इस हादसे का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. गनीमत यह रही कि हादसे के वक्त वहां स्थानीय नागरिक मौजूद थे. उन्होंने अपनी जान पर खेलकर तुरंत मुस्तैदी दिखाई और दोनों छात्राओं को सुरक्षित नाले से बाहर निकाल लिया, जिससे एक बड़ा हादसा होने से टल गया. वरना देवास नगर निगम की लापरवाही ने तो कोई कसर नहीं छोड़ी थी. स्थानीय लोगों का कहना है कि शहर के व्यस्ततम एमजी रोड और अन्य कोनों पर भी ऐसे कई गड्ढे हैं जो आए दिन हादसों को दावत दे रहे हैं.
कैमरे पर मुस्कुराते दिखे बीजेपी पार्षद
इस गंभीर लापरवाही पर जब स्थानीय बीजेपी पार्षद बाली घोषी से सवाल पूछा गया, तो उनके चेहरे पर कोई पछतावा या शर्मिंदगी नजर नहीं आई. कैमरे के सामने मुस्कुराते हुए उन्होंने इस लापरवाही को स्वीकार तो किया, लेकिन साथ ही हादसे के बाद जेसीबी और ट्रॉली बुलवाकर गड्ढा भरने का दावा करते हुए अपनी ही पीठ थपथपाने लगे.
पार्षद बाली घोषी ने बयान में कहा:
"नाला निर्माण के कारण पानी की निकासी के लिए नाली खोदी गई थी. तेज बारिश के कारण पानी जमा हो गया और गड्ढा दिखाई नहीं दिया. हां, इसे ढांकना चाहिए था, यह काम करने वालों की गलती है. जैसे ही मुझे जानकारी मिली, मैंने कमिश्नर और इंजीनियर साहब से बात की और तुरंत जेसीबी व ट्रॉली बुलवाकर गड्ढे को भरवाने और रास्ता साफ करवाने का काम चालू करवा दिया है."
जनता में भारी आक्रोश
हादसे के बाद प्रशासन की इस 'जाग' पर जनता अब सवाल उठा रही है. लोगों का कहना है कि यह काम हादसे से पहले क्यों नहीं किया गया? क्या नगर निगम को किसी बड़े और जानलेवा हादसे का इंतजार था? अमेरिका जैसी चमचमाती सड़कें बनाने का दावा करने वाले सिस्टम की पोल इस एक बारिश ने खोलकर रख दी है.
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