भारत ने OIC को लगाई फटकार, पाकिस्तान पर साधा निशाना

आयुष मिश्रा

19 Oct 2026 (अपडेटेड: Oct 19 2026 7:11 PM)

विदेश मंत्रालय ने OIC के भारत-विरोधी संदर्भों को खारिज करते हुए पाकिस्तान पर संगठन का दुरुपयोग करने और सीमा पार आतंकवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाया.

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न्यूज़ हाइलाइट्स

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भारत ने OIC के भारत-विरोधी संदर्भों को खारिज किया

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MEA ने पाकिस्तान पर OIC के दुरुपयोग का आरोप लगाया

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जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को भारत का अभिन्न अंग बताया

भारत ने इस्लामिक सहयोग संगठन यानी OIC के विदेश मंत्रियों की परिषद की बैठक में पारित प्रस्तावों में भारत के खिलाफ किए गए संदर्भों को सिरे से खारिज कर दिया है. विदेश मंत्रालय ने 19 अक्टूबर 2026 को जारी बयान में इन संदर्भों को दुर्भावनापूर्ण, पक्षपातपूर्ण और झूठा बताया.

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पाकिस्तान पर OIC का दुरुपयोग करने का आरोप

विदेश मंत्रालय के अनुसार, भारत के खिलाफ लगाए गए आरोप पाकिस्तान द्वारा संचालित और प्रायोजित हैं. मंत्रालय ने कहा कि यह निराशाजनक है कि OIC ने एक बार फिर खुद को पाकिस्तान के संकीर्ण राजनीतिक एजेंडे के लिए इस्तेमाल होने दिया. भारत ने संगठन के रुख पर असंतोष जताते हुए इसकी निष्पक्षता पर सवाल उठाए.

बगदाद में हुई थी OIC की बैठक

OIC के विदेश मंत्रियों की परिषद की बैठक 17 और 18 अक्टूबर 2026 को बगदाद में आयोजित की गई थी. इस बैठक में पारित प्रस्तावों में भारत से जुड़े संदर्भों पर विदेश मंत्रालय ने कड़ी आपत्ति दर्ज कराई. भारत ने स्पष्ट किया कि ऐसे राजनीतिक रूप से प्रेरित बयान वास्तविक स्थिति को नहीं बदल सकते.

भारत के आंतरिक मामलों में दखल का अधिकार नहीं

MEA ने कहा कि OIC को भारत के आंतरिक मामलों पर टिप्पणी करने का कोई अधिकार नहीं है. भारत के अनुसार, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश देश के अभिन्न और अविभाज्य अंग हैं. मंत्रालय ने दोहराया कि इन क्षेत्रों की स्थिति पर भारत का रुख स्पष्ट है और बाहरी राजनीतिक बयानबाजी इसे प्रभावित नहीं कर सकती. विदेश मंत्रालय ने अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद जम्मू-कश्मीर में हुए विकास का भी उल्लेख किया. मंत्रालय के मुताबिक, क्षेत्र में बुनियादी ढांचे, पर्यटन और कनेक्टिविटी के क्षेत्र में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है. भारत ने कहा कि इन पहलों से स्थानीय लोगों को प्रत्यक्ष लाभ मिला है.

PoJK में हिंसा और दमन का आरोप

भारत ने पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर की स्थिति को लेकर भी पाकिस्तान पर निशाना साधा. MEA के बयान के अनुसार, वहां नागरिक प्रदर्शनकारियों, महिलाओं और बच्चों सहित लोगों के खिलाफ हिंसा और दमन किया गया है. मंत्रालय ने आरोप लगाया कि मीडिया ब्लैकआउट के बावजूद गंभीर मानवाधिकार उल्लंघनों की घटनाएं छिप नहीं सकी हैं.

जम्मू-कश्मीर पर भारत ने बताया अपना रुख

विदेश मंत्रालय ने कहा कि जम्मू-कश्मीर से जुड़े मुद्दों पर भारत का रुख स्पष्ट है. मंत्रालय के अनुसार, पाकिस्तान को उन क्षेत्रों से अपना अवैध कब्जा समाप्त करना चाहिए, जिन पर उसने जबरन नियंत्रण कर रखा है. साथ ही, पाकिस्तान को सीमा पार आतंकवाद को समर्थन देना बंद करना चाहिए. भारत ने OIC के प्रस्तावों में शामिल अन्य संदर्भों, जिनमें इस्लामोफोबिया से संबंधित आरोप भी शामिल हैं, को गढ़ा हुआ और शत्रुतापूर्ण बताया. MEA के अनुसार, पाकिस्तान ऐसे मुद्दों के माध्यम से अपने देश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ कथित अत्याचार, सांप्रदायिक हिंसा, शासन की विफलताओं और राजनीतिक अस्थिरता से अंतरराष्ट्रीय ध्यान हटाने की कोशिश कर रहा है.

OIC की विश्वसनीयता पर उठाए सवाल

विदेश मंत्रालय ने कहा कि पाकिस्तान के प्रचार का बार-बार समर्थन करने से OIC की विश्वसनीयता और अखंडता पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं. भारत ने उम्मीद जताई कि संगठन के सदस्य देश इस स्थिति पर गंभीरता से विचार करेंगे और OIC में आवश्यक सुधारों की दिशा में कदम उठाएंगे.

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