MK Stalin Premalatha Vijayakanth Meeting: चेन्नई का अलवारपेट चेन्नई के सबसे पॉश इलाकों में से है जहां सीएम एमके स्टालिन का घर है. गुरुवार की सुबह इस घर में कुछ ऐसा हुआ जिसने तमिलनाडु की चुनाव से पहले की राजनीति को हिला दिया. स्टालिन अपने घर में स्पेशल गेस्ट प्रेमलता विजयकांत का स्वागत कर रहे थे. विजयकांत तमिल फिल्मों की बड़े स्टार रहे और कैप्टन टैग मिला. स्टारडम के दम पर उन्होंने DMDK नाम की पार्टी बनाई थी. 2003 में विजयकांत के अचानक निधन से पार्टी को बड़ा धक्का लगा लेकिन पत्नी प्रेमलता विजयकांत ने पार्टी की कमान और कैप्टन की विरासत संभालकर ऐसा मास्टर स्ट्रोक चला कि एंटी डीएमके कैंप हक्का-बक्का हो गया.
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तमिलनाडु में चुनाव से पहले वो हुआ जिसकी कल्पना शायद ही किसी ने की थी. जिस DMK के खिलाफ दिवंगत विजयकांत यानी 'कैप्टन' ने अपनी पार्टी बनाई थी, आज उसी DMK के मुख्यालय 'अन्ना अरिवलयम' में 'लाल और काले' झंडे के साथ 'पीला और काला' झंडा भी लहरा रहा है. DMDK General Secretary और पार्टी सुप्रीमो प्रेमलता विजयकांत ने सीएम एम.के. स्टालिन से मुलाकात कर 2026 के लिए गठबंधन पर मुहर लगा दी. मुलाकात के दौरान प्रेमलता के साथ उनके बेटे विजया प्रभाकरण भी मौजूद थे.
नए समीकरण की शुरुआत
ये सिर्फ एक गठबंधन नहीं, बल्कि एक युग का अंत और नए समीकरण की शुरुआत है. स्टालिन ने 2026 के लिए गठबंधन को इतना बड़ा कर दिया है कि अब बीजेपी के लिए तमिलनाडु में कोई मजबूत छोटा साथी नहीं बचा. AIADMK के EPS पलानीस्लामी के लिए ये अस्तित्व का संकट है क्योंकि उनका पुराना साथी अब दुश्मन के पाले में है. पिछले कई चुनावों से DMDK, AIADMK और BJP के साथ गठबंधन में थी. अमित शाह की रणनीति थी कि DMDK जैसी पार्टियों को साथ रखकर DMK के खिलाफ मजबूत विपक्षी ब्लॉक बनाया जाए. विजय की चुनौती ये है कि स्टालिन ने 'एंटी-इस्टैब्लिशमेंट' वोटों को भी अपने गठबंधन में समेटना शुरू कर दिया है.
करुणानिधि और जयललिता पर निशाना
2005 में जब विजयकांत ने DMDK बनाई थी तो उनका निशाना करुणानिधि और जयललिता दोनों थे. 2005 में उन्होंने DMDK देसिया मुरपोक्कू द्रविदा कड़गम नाम की पार्टी बनाई, लेकिन आज वक्त बदल चुका है. स्टालिन ने प्रेमलता को अपनी 'बहन' बताया है और प्रेमलता ने कहा कि ये तो बहुत पहले हो जाना चाहिए था. विजयकांत का चेहरा आज भी ग्रामीण तमिलनाडु में भरोसे का प्रतीक माना जाता है. DMK को कैप्टन की विरासत वाली पॉलिटिक्स और वोटबैंक का फायदा मिलने की उम्मीद है.
तमिलनाडु में कैप्टन विजयकांत एक ऐसी शख्सियत थे, जिन्होंने अपनी शर्तों पर द्रविड़ राजनीति के दो दिग्गजों करुणानिधि और जयललिता को चुनौती दी थी. मदुरै में जन्मे विजयराज अलगरस्वामी ने 1979 में फिल्मी सफर शुरू किया और 150 से अधिक फिल्मों में काम किया. उनकी पहचान एक एक्शन हीरो के रूप में बनी जो पर्दे पर भ्रष्टाचार और अन्याय के खिलाफ लड़ता था. विजयकांत केवल एक नेता नहीं, एक इमोशन थे. उन्होंने 'सिनेमा' के जरिए भ्रष्टाचार के खिलाफ जो छवि बनाई, उसे राजनीति में 'गरीबों का मसीहा' बनकर भुनाया. उनकी 1991 में आई 100वीं फिल्म 'कैप्टन प्रभाकरण' की ब्लॉकबस्टर कामयाबी के बाद कैप्टन नाम पड़ गया.
2006 में अकेले लड़े थे चुनाव
2006 के विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी ने अकेले चुनाव लड़कर 8% से ज्यादा वोट हासिल किए. तमिलनाडु के पारंपरिक 'टू-पार्टी सिस्टम' को हिला दिया. हालांकि, केवल विजयकांत ही अपनी सीट वृद्धाचलम जीत सके, लेकिन उन्होंने कई सीटों पर DMK और AIADMK का खेल बिगाड़ दिया था. 2009 लोकसभा चुनाव में पार्टी ने अकेले चुनाव लड़ते हुए अपना अब तक का सबसे अधिक 10 परसेंट से ज्यादा वोट शेयर दर्ज किया. 2011 में विजयकांत ने पॉलिटिकल लाइन बदलते हुए जयललिता की AIADMK के साथ हाथ मिलाया.
इतना बड़ा फायदा ये हुआ कि पार्टी ने 41 में से 29 सीटें जीतीं और 8 परसेंट वोट हासिल कर लिए. जयललिता के रहे विजयकांत विपक्ष के नेता प्रतिपक्ष लेकिन जयललिता के जाने के बाद अलायंस टूट गया और विजयकांत की राजनीतिक ताकत हर चुनाव में घटने लगी. अपना चुनाव भी नहीं जीत पाए कैप्टन विजयकांत. 2024 लोकसभा चुनाव में विजयकांत के जाने के बाद प्रेमलता ने AIADMK के साथ अलायंस किया लेकिन स्टालिन की लहर में सब फ्लॉप हुए.
अब डीएमके और डीएमडीके का अलायंस वोटों के गणित को बदलने वाला कदम माना जा रहा है. DMDK का ग्रामीण इलाकों और मध्य तमिलनाडु में डेडिकेटेड वोट बैंक माना जाता है जो कैप्टन के सम्मान में बना हुआ है. अलायंस का फॉर्मूला कुछ फाइनल नहीं है. चर्चा है कि प्रेमलता विजयकांत ने 12 से 15 सीटें और एक राज्यसभा सीट मांगी है. 20 साल में पहली बार DMDK ने डीएमके के साथ अलायंस किया है. स्टालिन के साथ अलायंस प्रेमलता विजयकांत के लिए अपनी खोई हुई राजनीतिक जमीन वापस पाने का आखिरी मौका हो सकता है। DMK खुद करीब 200 सीटों पर चुनाव लड़ना चाहती है. बाकी 30-34 सीटें कांग्रेस, VCK, लेफ्ट के साथ DMDK में बंटेंगी
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