​विमान बादलों में गया और मेरे पेट में खलबली मच गई......जब बीच आसमान में फंस गए थे अजित पवार, वायरल हो रहा है पुराना वीडियो

अजित पवार का वह यादगार किस्सा जब गढ़चिरौली दौरे के दौरान खराब मौसम में उनका हेलिकॉप्टर बादलों में फंस गया था और फडणवीस ने अपनी बातों से उनका डर दूर किया था. आज विमान हादसे में उनके निधन के बाद वह भावुक कर देने वाली याद सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है.

अजीत पवार
अजीत पवार

न्यूज तक डेस्क

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महाराष्ट्र की राजनीति में अपनी बेबाकी और सख्त मिजाज के लिए पहचाने जाने वाले अजित पवार आज हमारे बीच नहीं हैं. बारामती के पास हुए दुर्भाग्यपूर्ण विमान हादसे ने न केवल एक कद्दावर नेता को हमसे छीन लिया, बल्कि राज्य की राजनीति के एक अध्याय का भी अंत कर दिया. आज जब समर्थक और कार्यकर्ता उन्हें याद कर रहे हैं तो उनका गढ़चिरौली दौरे वाला वो मजेदार और थोड़ा डरावना किस्सा सोशल मीडिया पर फिर से वायरल हो रहा है.

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बादलों के बीच फंसा था हेलिकॉप्टर

बात 17 जुलाई 2024 की है. महाराष्ट्र के विदर्भ इलाके में मानसून अपनी चरम सीमा पर था. उपमुख्यमंत्री अजित पवार और देवेंद्र फडणवीस को एक सरकारी दौरे के लिए नागपुर से गढ़चिरौली जाना था. दोनों नेता एक ही हेलिकॉप्टर में सवार थे. उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद मौसम अचानक बिगड़ गया. चारों तरफ सिर्फ घना कोहरा और काले बादलों का डेरा था.

मेरे पेट में खलबली मच गई थी

गढ़चिरौली पहुंचने के बाद एक जनसभा को संबोधित करते हुए खुद अजित पवार ने इस किस्से को बड़े ही चटकारे लेकर सुनाया था. उन्होंने अपनी घबराहट को छुपाने के बजाय जनता के सामने स्वीकार करते हुए कहा था-

"विमान बादलों के बीच जा चुका था, बाहर कुछ दिखाई नहीं दे रहा था और सच कहूं तो उस वक्त मेरे पेट में खलबली मच गई थी. मैं डरा हुआ था और बार-बार इधर-उधर देख रहा था कि आखिर हो क्या रहा है."

जब फडणवीस ने दिया '6 एक्सीडेंट' वाला जवाब

अजित दादा की घबराहट के बीच उनके बगल में बैठे देवेंद्र फडणवीस की शांति देखने लायक थी. जब दादा ने अपनी बेचैनी जाहिर की तो फडणवीस ने बड़े ही कूल अंदाज में मुस्कुराते हुए कहा, "दादा, आप फालतू में चिंता कर रहे हैं. अब तक मेरे साथ सड़क पर छह बड़े एक्सीडेंट हो चुके हैं, लेकिन जब मैं हवा में (विमान में) होता हूं, तो मुझे कुछ नहीं होता. आप बस आराम से बैठिए."

फडणवीस की यह बात सुनते ही अजित पवार की हंसी छूट गई और पूरी सभा भी ठहाकों से गूंज उठी थी.

हंसी का वो पल अब याद बनकर रह गया

किस्मत का खेल देखिए जिस हवाई सफर के डर के बारे में दादा ने कभी हंसते हुए बात की थी, उसी आसमान ने उन्हें हमेशा के लिए हमसे दूर कर दिया. आज कार्यकर्ता उसी पुराने वीडियो को देख रहे हैं और भावुक हो रहे हैं. उनकी वो बेबाकी, वो इंसानी डर और फिर खुद का मजाक उड़ाने का वो अंदाज़. यही तो था जो अजित पवार को 'जनता का दादा' बनाता था.

इनपुट- वेंकेश

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