Atiq Ahmad Son Ali Ahmad News: माफिया अतीक अहमद के सबसे छोटे बेटे अबान की मौत के बाद उसके जनाजे में शामिल होने के लिए अतीक के दूसरे बेटे अली अहमद और बड़े बेटे उमर अहमद पैरोल पर बाहर आए. कसारी मसारी कब्रिस्तान में जनाजे के दौरान दोनों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं. अली पहली बार अपने पिता अतीक, चाचा अशरफ और भाइयों की कब्रों के पास पहुंचे. इस दौरान उनके लुक और बॉडी लैंग्वेज को लेकर सोशल मीडिया पर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं.
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कसारी मसारी कब्रिस्तान में भाई अबान के जनाजे में पहुंचे अली अहमद के एग्रेसिव तेवर देखने को मिले. यहां उसने लोगों की तरफ हाथ हिलाया और मूंछों को ताव दिया, जिसकी अब काफी चर्चा हो रही है. कुछ लोग उनके लुक की तुलना अशरफ तो कुछ अतीक अहमद से कर रहे हैं. अबान को सुपुर्द-ए-खाक किए जाने के दौरान अली अपने बड़े भाई उमर अहमद से लिपटकर रो पड़े. वहीं, जब छोटे भाई अजहम की आंखें नम हुईं तो अली खुद को संभालते हुए उसे चुप कराते नजर आए.
झांसी जेल में तड़प रहा है अली, किताबें देखकर छलक रहे आंसू
कब्रिस्तान से वापस झांसी जेल पहुंचे अली अहमद का रो-रोकर बुरा हाल है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, वह जेल में ना कुछ खा रहा है और ना ही पी रहा है. बताया जा रहा है कि जब भी उसकी नजर उन किताबों पर पड़ती है जो अबान उसके लिए लेकर आया करता था, उसकी आंखें भर आती हैं. 11 महीने से झांसी जेल में बंद अली से मिलने अबान हर 8-10 दिन में जाया करता था. 6 अगस्त को भी जब सड़क हादसा हुआ, तब अबान अपने दोस्त सोनू के साथ अली के लिए किताबें लेकर झांसी जेल ही जा रहा था.
1 करोड़ की रंगदारी मामले में 4 साल से बंद है अली अहमद
अतीक अहमद का दूसरे नंबर का बेटा अली अहमद काफी एग्रेसिव मिजाज का माना जाता है. साल 2022 में करेली के रहने वाले जीशान उर्फ जानू ने अली के खिलाफ 1 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने का आरोप लगाया था. इस एफआईआर के दर्ज होने के बाद 30 जुलाई 2022 को अली को गिरफ्तार कर लिया गया था. तब से वह पिछले 4 साल से जेल में बंद है. अतीक के परिवार में उसे सबसे ज्यादा आक्रामक माना जाता था और कहा जाता है कि उसके जेल जाने से पहले वह अतीक के गिरोह का कामकाज देख रहा था.
नैनी जेल में हुई थी छापेमारी, फिर मिला था फांसी बैरक
मई 2025 में नैनी सेंट्रल जेल में औचक निरीक्षण के दौरान अली अहमद के पास से नकदी और कुछ आपत्तिजनक सामान बरामद हुआ था. इस घटना के बाद जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया था. सुरक्षा में लापरवाही के चलते डिप्टी जेलर और जेल वार्डन को सस्पेंड कर दिया गया था. इसके बाद अली को हाई सिक्योरिटी बैरक यानी 'फांसी बैरक' में शिफ्ट कर दिया गया था, जहां 24 घंटे सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जाती थी. बाद में सुरक्षा कारणों का हवाला देकर उसे नैनी से झांसी जेल ट्रांसफर कर दिया गया था.
सुरक्षा की अर्जी को हाई कोर्ट ने कर दिया था खारिज
जेल में रहने के दौरान अली अहमद ने अपनी जान को खतरा बताते हुए कोर्ट में पेशी के समय कड़ी सुरक्षा की मांग की थी. हालांकि, दिसंबर 2023 में हाई कोर्ट ने उसकी याचिका को यह कहते हुए खारिज कर दिया था कि सिर्फ काल्पनिक आधार पर सुरक्षा के आदेश नहीं दिए जा सकते. इसके लिए कोई ठोस और विश्वसनीय सबूत होने जरूरी हैं. अब छोटे भाई अबान की अचानक मौत के बाद अली की जेल में स्थिति और मानसिक तनाव को लेकर लगातार चर्चाएं बनी हुई हैं.
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