महिला पहलवानों द्वारा लगाए गए यौन शोषण के आरोपों के चर्चित मामले में पूर्व भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह को बड़ी राहत मिली है. दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने सोमवार यानी 3 अगस्त को इस मामले पर अपना अहम फैसला सुनाते हुए बृजभूषण शरण सिंह को सभी आरोपों से बरी कर दिया. कोर्ट ने ये फैसला पर्याप्त सबूत न होने के आधार पर दिया है.
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कोर्ट के फैसले के बाद बृजभूषण और वकील की प्रतिक्रिया
अदालत का फैसला आने के बाद बृजभूषण शरण सिंह ने भी इसपर अपनी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा, "मैंने शुरुआत में जो कहा था, आज वही सच साबित हुआ है." वहीं उनके वकील ने स्पष्ट किया कि वे फिलहाल विस्तृत आदेश का इंतजार कर रहे हैं. वकील ने कहा, "हमने कोर्ट में शुरुआत से ही यही स्टैंड रखा था कि शिकायत और दर्ज बयानों के बीच काफी विरोधाभास और असमानताएं थीं. मामले से जुड़ा विस्तृत और लिखित आदेश जल्द ही जारी किया जाएगा."
चार्जशीट से लेकर बरी होने तक का सफर
मई 2024 में अदालत ने दिल्ली पुलिस द्वारा दाखिल की गई चार्जशीट पर संज्ञान लेते हुए बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ औपचारिक रूप से आरोप तय किए थे. इसके बाद ही मामले में मुख्य सुनवाई यानी ट्रायल की शुरुआत हुई थी. इससे पहले 20 जुलाई 2023 को कोर्ट ने उन्हें नियमित जमानत दे दी थी जिसके बाद से वे जमानत पर बाहर चल रहे थे. अदालत में लंबी सुनवाई और पेश किए गए साक्ष्यों का गहन अध्ययन करने के बाद, कोर्ट इस नतीजे पर पहुंचा कि आरोपों को साबित करने के लिए पर्याप्त और ठोस सबूत मौजूद नहीं हैं। इसी के चलते अदालत ने उन्हें दोषमुक्त करार दिया.
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