देश में हाल ही में हुए पेपर लीक विवाद, छात्रों के जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शनों और संसद में हुए हंगामे के बीच C-Voter का एक नया और चौंकाने वाला सर्वे सामने आया है. इस सर्वे में युवाओं के बीच राजनेताओं की साख, शिक्षा सुधार की प्राथमिकताओं और विरोध प्रदर्शनों पर जनता का मूड भांपने की कोशिश की गई है.
ADVERTISEMENT
1. युवाओं के बीच कौन है सबसे लोकप्रिय नेता?
सर्वे के आंकड़ों के मुताबिक, देश के युवाओं के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता अब भी शीर्ष पर बनी हुई है:
- नरेंद्र मोदी: 59.9%
- राहुल गांधी: 13.5%
- CJP (कॉकरोच जनता पार्टी): 9% (लगभग)
- अखिलेश यादव: 2.9%
- अरविंद केजरीवाल: 2.7%
- अन्य / कह नहीं सकते: लगभग 12%
आंकड़ों से स्पष्ट है कि पीएम मोदी के बाद दूसरे स्थान पर राहुल गांधी हैं, वहीं छात्र आंदोलन के बाद CJP ने तेजी से अपनी पैठ बनाई है और केजरीवाल तथा अखिलेश यादव जैसे दिग्गज नेताओं को पछाड़कर तीसरे नंबर पर जगह बनाई है.
2. पेपर लीक और शिक्षा सुधार को लेकर जनता का मूड
संसद में पेपर लीक पर हुई बहस से लेकर शिक्षा मंत्रालय के कदमों पर जनता की राय विभाजित नजर आई:
- शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग: विपक्ष (इंडिया गठबंधन) के समर्थकों में 37.7% लोगों का मानना है कि शिक्षा मंत्री का इस्तीफा लिया जाना सही कदम था.
- सख्त कानून की आवश्यकता: एनडीए समर्थकों में 37.3% और इंडिया गठबंधन समर्थकों में 29.6% लोगों ने पेपर लीक पर सख्त कानून बनाए जाने को सबसे बड़ी प्राथमिकता बताया.
- NTA में सुधार: 11% से अधिक लोगों का मानना है कि परीक्षा कराने वाली एजेंसी NTA के पूरे सिस्टम में व्यापक सुधार होना चाहिए.
3. प्रदर्शनकारी छात्रों पर FIR रद्द करने पर क्या बोली जनता?
विरोध प्रदर्शनों के दौरान छात्रों पर दर्ज हुई FIR को वापस लेने के सवाल पर बड़ा आंकड़ा सामने आया है:
- 40.5% (इंडिया गठबंधन समर्थक) और 27.3% (एनडीए समर्थक) का मानना है कि छात्रों पर दर्ज सभी FIR तुरंत खत्म की जानी चाहिए.
- 39.7% (एनडीए समर्थक) लोगों का मानना है कि किसी भी कार्रवाई या FIR हटाने से पहले पूरे मामले की गहन जांच होनी चाहिए.
क्या भविष्य में CJP को मिलेगा युवाओं का समर्थन?
सर्वे में जब यह पूछा गया कि क्या भविष्य में भी छात्र व युवा अन्य मुद्दों पर CJP जैसे संगठनों का समर्थन करेंगे, तो इंडिया गठबंधन के 61.6% समर्थकों ने 'हां' में जवाब दिया। इससे यह साफ संकेत मिलता है कि अगर युवाओं या छात्रों के हित से जुड़े मुद्दे उठाए जाते हैं तो उन्हें बड़ा जनसमर्थन मिल सकता है.
ये भी पढ़ें: कौन हैं ऋषभ शाह जो मोहन भागवत को छात्रों की साइड ले आए, क्या है IIMUN जो Gen Z को बना रहा क्रांतिकारी?
ADVERTISEMENT


