दुबाई से तेल अवीव जा रही 'फ्लाई दुबई' की फ्लाइट में को-पायलट ने पायलट स्मित मच्छार पर हमला कर दिया. इसके बाद विमान क्रैश करने की कोशिश वाली कहानी और पायलट स्मित के जज्बे को दुनिया ने सलाम किया. इसके बाद स्मित का एक पुराना कास्ट भी चर्चा में आ गया और सोशल मीडिया पर इसके हिस्से वायरल होने लगे.
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दरअसल ये पॉडकास्ट झलक मेहता (Zalak Mehta) ने किया है. इसी पॉडकास्ट के आधार पर हम बता रहे हैं एक ऐसी कहानी जो स्मित मच्छार ने बताया था.
जब हजारों फीट की ऊंचाई पर हुई महिला की डिलीवरी
'हजारों फीट की ऊंचाई पर कोई ऐसा अनुभव जिसने इंसान के तौर पर झकझोर दिया हो' के सवाल पर स्मित ने बताया कि "एक सुबह की फ्लाइट में जब मैं नाश्ता कर रहा था, तभी केबिन क्रू का फोन आया कि एक महिला यात्री को समय से काफी पहले लेबर पेन (प्रसव पीड़ा) शुरू हो गया है. मैंने और मेरे फर्स्ट ऑफिसर ने तुरंत नजदीकी एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग की तैयारी शुरू की, रूट और वेदर चेक किया, लेकिन महज 6-7 मिनट के भीतर 'कॉकपिट में खबर आई- प्लेन में बच्चे का जन्म हो चुका है!' क्रू मेंबर्स की मदद से सुरक्षित डिलीवरी हो गई थी. इमरजेंसी लैंडिंग की वजह से फ्लाइट थोड़ी लेट हुई पर आसमान में एक नई जिंदगी को आते देखना मेरे जीवन का सबसे सुखद पल था."
...तब मेरा परिवार बहुत डरा हुआ था
एक सवाल- जब बोइंग 737 मैक्स (Boeing 737 MAX) विमानों को दुनिया भर में ग्राउंड किया जा रहा था, तब उस डर के माहौल में उड़ान भरने का अनुभव कैसा था? के जवाब में स्मित मच्छार ने बताया- "वर्ष 2018-19 में जब दो बड़े हादसों के बाद हड़कंप मचा था, तब हमारी एयरलाइन भारत में बोइंग 737 मैक्स लाने वाली पहली कंपनी थी. जब विमानों को ग्राउंड करने का आदेश आया, तो प्लेन्स को सुरक्षित स्थानों पर री-पोजिशन करना जरूरी था. जब मैं घर से निकल रहा था, मेरा परिवार बहुत डरा हुआ था. मैंने अपने पिता से झूठ बोला कि मैं आज 'मैक्स' नहीं उड़ा रहा हूं. मुंबई से अहमदाबाद की वह री-पोजिशनिंग फ्लाइट बिना यात्रियों के केवल हम पायलट्स के लिए थी. कॉकपिट में कदम रखते ही वो डर, जिम्मेदारी और सन्नाटे का अहसास सबसे अलग और भारी था."
आपातकालीन स्थितियों में पायलट्स खुद को शांत और दबाव-मुक्त कैसे रखते हैं? इस सवाल का जवाब देते हुए पायलट स्मित मच्छार ने बताया- "हमारी ट्रेनिंग का 80% हिस्सा पैनिक मैनेजमेंट और इमरजेंसी सिचुएशन से निपटने के लिए होता है. जब कॉकपिट में कोई वॉर्निंग बजती है, तो पहली प्राथमिकता 'Fly the aircraft' (विमान को नियंत्रित रखना) होती है, उसके बाद ही बाकी चेकलिस्ट फॉलो की जाती है. शांत रहना कोई विकल्प नहीं, बल्कि एक जरूरत है."
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