Charchit Chehra: मां हैं बीजेपी की सांसद, इधर बेटी ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर लिखा पोस्ट तो मचा बवाल! जानिए कौन हैं अर्चिता सारंगी राहर

रूपक प्रियदर्शी

28 Jul 2026 (अपडेटेड: Jul 28 2026 12:06 PM)

Archita Sarangi Rahar Profile: बीजेपी सांसद अपराजिता सारंगी की बेटी अर्चिता सारंगी राहर एक सोशल मीडिया पोस्ट के बाद अचानक सुर्खियों में आ गई हैं. केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर उनकी इंस्टाग्राम स्टोरी ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी. जानिए अर्चिता सारंगी राहर कौन हैं, उनकी शिक्षा, करियर, परिवार, आईएएस सचिन राहर से शादी, वायरल पोस्ट, विवाद और पूरे मामले की विस्तृत कहानी.

Archita Sarangi Profile
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कॉकरोच जनता पार्टी ऑनलाइन बनी क्योंकि चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया ने बेरोजगारों को कॉकरोच, पैरासाइट कह दिया था. कॉकरोच जनता पार्टी जंतर मंतर पर बैठी क्योंकि उसे सरकार से पेपर लीक के खिलाफ लड़ना था. राहुल गांधी पीएम का घर का घेराव करने पहुंच गए क्योंकि उन्हें सरकार से दो-दो हाथ करने थे. इन सब लोगों ने वही किया जो करना उनका धर्म और कर्म है. लेकिन दिल्ली से दूर ओडिशा में हाई प्रोफाइल बीजेपी नेता अपराजिता सारंगी की बेटी अर्चिता सारंगी राहर ने जो किया वो न तो धर्म था, कर्म था. छात्रों के आंदोलन के प्रेशर में जब शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा हुआ तब सारे एंटी बीजेपी वालों ने जश्न बनाया लेकिन सबको चुभ गया वो जश्न जो अपराजिता सारंगी की बेटी अर्चिता सारंगी ने सोशल मीडिया पर मनाया. एक फोटो लगाते हुए चर्चित चेहरा बन गईं अर्चिता सारंगी. बेटी के किए से फंस गईं मां अपराजिता सारंगी जिनके लिए अब धर्मेंद्र प्रधान से आंखें मिलाना आसान नहीं रह गया. 

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अर्चिता के एक पोस्ट ने मचाया बवाल!

अर्चिता सारंगी राहर, सत्ता के गलियारों से निकली एक ऐसी 'पारिवारिक और राजनीतिक बगावत' की वो कहानी है , जिसने सोशल मीडिया से लेकर ओडिशा और दिल्ली तक सियासी तूफान खड़ा कर दिया है. एक तरफ हैं मां- जो बीजेपी की बड़ी नेता हैं और पार्टी के साथ खड़ी हैं और दूसरी तरफ हैं उनकी 'Gen-Z' बेटी- जिन्होंने अपनी ही सरकार के केंद्रीय मंत्री के इस्तीफे पर सीधे 'सेलिब्रेशन' की पोस्ट डाल दी. दबाव आया, धमकियां मिलीं, लेकिन बेटी अड़ गई कि- 'चिंता मत करो, मैं पोस्ट डिलीट नहीं करूंगी'. हालांकि इतना सब हुंकार भरने के लिए उन्होंने वही किया जो मां के हित और उनकी पार्टी के हित में था. उन्होंने पोस्ट डिलीट कर दिया और जिम्मेदारी किसी और पर थोप दी.

कौन है अर्चित सारंगी राहर?

अर्चिता, अपराजिता सारंगी की बेटी हैं इसलिए नाम था अर्चिता सारंगी लेकिन आईएएस सचिन राहर से शादी हुई तो नाम हो गया अर्चिता सचिन राहर. अर्चिता सचिन राहर कोई कॉमन Gen-Z नहीं और उन्हें शायद इसका हक भी नहीं क्योंकि उनका बैकग्राउंड पॉलिटिकल है. भुवनेश्वर से बीजेपी की सांसद और पूर्व आईएएस अपराजिता सारंगी की बेटी हैं. ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से MBA किया है. आंध्र प्रदेश कैडर के 2024 बैच के आईएएस सचिन राहर से शादी हुई. सचिन राजस्थान के झुंझुनू जिले के रहने वाले हैं. अर्चिता और सचिन राहर की शादी नवंबर 2025 में दिल्ली में बेहद भव्य समारोह में हुई थी. जिसमें राष्ट्रपति, ओडिशा के राज्यपाल और सीएम मोहन चरण माझी समेत देश के कई बड़े नेता अर्चिता और सचिन को शादी की मुबारकवाद देने पहुंचे थे.

अर्चिता सारंगी ने बनाई है अपनी अलग पहचान!

धर्मेंद्र प्रधान के पीए को सीधी चुनौती देने वाली अर्चिता सारंगी की ताकत सिर्फ उनका पारिवारिक बैकग्राउंड नहीं, बल्कि उनका खुद का शानदार इंटरनेशनल करियर ग्राफ है. ऑक्सफोर्ड से एमबीए करने वाली अर्चिता ने बिजनेस एनालिटिक्स, ऑपरेशन्स, लॉजिस्टिक्स और पॉलिसी रिसर्च में महारत हासिल की है. ग्लोबल कंसल्टेंसी फर्म अर्न्स्ट एंड यंग (EY) में प्री-एमबीए कंसल्टेंट रह चुकी हैं और अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन (APSEZ) जैसी दिग्गज कंपनी में सीधे सीईओ (CEO) ऑफिस के साथ काम कर चुकी हैं. 

उन्होंने ट्रेड प्रमोशन काउंसिल ऑफ इंडिया और संयुक्त राष्ट्र की प्रतिष्ठित संस्था यूनाइटेड नेशंस डेवलपमेंट प्रोग्राम (UNDP) में भी काम किया है. अपनी कॉरपोरेट और फैमिली प्रोफाइल के कारण अर्चिता का चार लाइन का लिखा पोस्ट हाथों-हाथ लिया गया और उन्हें Gen-Z की सीरियस और जेनेविन आवाज मानकर आंदोलन के जश्न में शामिल कर लिया गया लेकिन ये सब लंबे समय तक टिका नहीं रहा.

अर्चिता ने क्या लिखा कि आया भूचाल?

अर्चिता खुद को एक जागरूक नागरिक मानती हैं और अक्सर सामाजिक-छात्र मुद्दों पर अपनी राय रखती हैं. लेकिन इस बार उनकी एक सोशल मीडिया पोस्ट ने उनकी सांसद मां को भारी राजनीतिक मुसीबत में डाल दिया है. जैसे ही धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दिया, देश भर में प्रदर्शन कर रहे छात्रों के समर्थन में अर्चिता ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक स्टोरी लगाई. तिरंगे के बैकग्राउंड में धर्मेंद्र प्रधान की तस्वीर के साथ उन्होंने लिखा- 'नीट लीक घोटाले पर छात्रों के भारी विरोध के बीच धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा.' पोस्ट से बीजेपी में भूचाल आ गया. तुरंत धर्मेंद्र प्रधान की टीम और उनके पीए ने उनकी सांसद मां अपराजिता सारंगी से संपर्क किया और पोस्ट डिलीट करवाने का दबाव बनाया. 

ऑक्सफोर्ड से पढ़ी अर्चिता ने झुकने से साफ इनकार कर दिया. उन्होंने एक और बेबाक स्टोरी डाली. जो बातें नहीं बताई जाती है वो उन्होंने जोश-जोश में सारे जहां के सामने लिखा दिया. इंस्टा पोस्ट में लिखा-धर्मेंद्र प्रधान (DP) के PA को... जो मेरी मां को मैसेज करके पिछली स्टोरी डिलीट करने को कह रहे हैं (ऐसा पहले भी हो चुका है) परेशान न हों, मैं डिलीट नहीं करूंगी। जय जगन्नाथ! जय हिंद!'

अपराजिता ने संभाला मोर्चा, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी!

बेटी के इस रुख के विपरीत उनकी मां अपराजिता सारंगी पूरी तरह पार्टी लाइन पर डटी हैं. अपनी बेटी की पोस्ट से मचे बवाल को शांत करने के लिए अपराजिता सारंगी ने तुरंत मोर्चा संभाला और X पर धर्मेंद्र प्रधान का खुलकर समर्थन करते हुए लिखा- नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने के लिए बहुत साहस चाहिए. मैं इस कठिन समय में धर्मेंद्र जी के साथ खड़ी हूं. इंस्टा और एक्स के बीच बगावत और निष्ठा की इस जंग में घर के अंदर मां-बेटी के बीच हुआ ये न तो पता चला, न चलने वाला है. 

अपने रुख पर अड़े रहने और स्क्रीनशॉट वायरल होने के तुरंत बाद शनिवार रात को अर्चिता सारंगी का इंस्टाग्राम हैंडल सर्च रिजल्ट से पूरी तरह गायब हो गया. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक बढ़ते विवाद को देखते हुए उनका अकाउंट डीएक्टिवेट कर दिया गया. हालांकि अकाउंट डिलीट या डीएक्टिवेट होने के पीछे क्या वजह थी, इस पर न तो अर्चिता और न ही सांसद अपराजिता सारंगी की तरफ से कोई स्पष्टीकरण आया है. ये जरूर है कि मां के लिए अर्चिता की हुंकार मिटाने की कोशिश हुई तब तक न जाने कितने स्क्रीन शॉट कैप्टर किए जा चुके होंगे जिनसे सोशल मीडिया के पन्ने भरे पड़े हैं.

अर्चिता के पोस्ट ने लिया तीखा मोड़!

इस कहानी का सबसे दिलचस्प पहलू यह है कि केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ मोर्चा खोलने वाली अर्चिता के चारों तरफ 'IAS रसूख' का पहरा है. मां पूर्व IAS और वर्तमान सांसद, पिता केंद्र सरकार में मौजूदा सीनियर IAS, और पति खुद एक IAS अधिकारी हैं. लोगों को अटकलें लगाने का मौका मिला कि इतने रसूखदार प्रशासनिक परिवार की बेटी की यह बगावत क्या वाकई सिर्फ एक 'व्यक्तिगत राय' है या फिर परदे के पीछे ब्यूरोक्रेसी और राजनेताओं के बीच चल रही किसी बड़ी जंग का हिस्सा?

राजनीतिक और सूत्र वाले गलियारों में चर्चा है कि यह सिर्फ एक मां-बेटी के विचारों का मतभेद नहीं है, बल्कि इसके पीछे ओडिशा बीजेपी के भीतर की पुरानी पॉलिटिकल राइवलरी भी एक बड़ा कारण है. ओडिशा बीजेपी में धर्मेंद्र प्रधान को 'धरती का पुत्र' माना जाता है, जबकि अपराजिता सारंगी बिहार की हैं. आईएएस के तौर पर ओडिशा में पोस्टिंग रही. प्रधान के समर्थकों ने इस विवाद के बाद अपराजिता पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि ओडिशा के लोगों ने बिहार की बेटी का स्वागत किया और दो बार सांसद बनाया, लेकिन उन्हें अपने परिवार पर नियंत्रण रखना चाहिए और इस टिप्पणी के लिए पूरे राज्य से माफी मांगनी चाहिए. ओडिशा की राजनीति में दोनों ही नेता बेहद महत्वाकांक्षी माने जाते हैं. अर्चिता की ये पोस्ट कहीं पार्टी के भीतर चल रही अंदरूनी खींचतान और पुरानी प्रतिद्वंद्विता का अनजाने में ही सही, लेकिन कोई बड़ा विस्फोट तो नहीं?

क्या धर्मेंद्र और अपराजिता के बीच सब कुछ ठीक?

धर्मेंद्र प्रधान जहां पुरानी और पारंपरिक सांगठनिक राजनीति के धुरंधर हैं, वहीं अपराजिता सारंगी अर्बन, एजुकेटेड और ब्यूरोक्रेटिक क्लास की पसंदीदा हैं. दोनों नेताओं के बीच सीधा टकराव कभी सामने नहीं आया, लेकिन दोनों के ही समर्थक एक-दूसरे को नीचा दिखाने का कोई मौका नहीं छोड़ते. बेटी की पोस्ट ने 'कोल्ड वॉर' को पब्लिक बना दिया. प्रधान के पीए का तुरंत अपराजिता पर दबाव बनाना और जवाब में अर्चिता का यह कहना कि 'धर्मेंद्र प्रधान के पीए मेरी मां को मैसेज करना बंद करें, मैं पोस्ट डिलीट नहीं करूंगी' यह इशारा है कि दोनों गुटों के बीच चीजों में कितना तल्खी है. राजनीतिक नुकसान को भांपते हुए अपराजिता सारंगी ने तुरंत प्रधान के इस्तीफे को 'बड़ा नैतिक साहस' बताकर डैमेज कंट्रोल की कोशिश ही तो की.

कौन हैं अपराजिता सारंगी?

अपराजिता सारंगी राजनीति में आने से पहले 1994 बैच की चर्चित IAS अधिकारी रही हैं. 2018 में उन्होंने अपनी नौकरी से वीआरएस (VRS) लेकर राजनीतिक पारी शुरू करने बीजेपी में शामिल हो गईं. 2019 और फिर 2024 में उन्होंने भुवनेश्वर लोकसभा सीट से शानदार जीत दर्ज की. ओडिशा से लेकर दिल्ली तक पार्टी में उनका ऊंचा लंबा राजनीतिक कद है. 

बिहार के मुजफ्फरपुर में जन्मी और भागलपुर विश्वविद्यालय से इंग्लिश ऑनर्स करने वाली अपराजिता ने महज 24 साल की उम्र में अपने पहले ही प्रयास में 1994 की सिविल सेवा परीक्षा (UPSC) पास कर ली. उन्हें ओडिशा कैडर मिला. आईएएस अधिकारी के रूप में उन्होंने भुवनेश्वर नगर निगम कमिश्नर और ग्रामीण विकास मंत्रालय में संयुक्त सचिव जैसे कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक पदों पर काम किया. कभी कोई विवाद अपराजिता सारंगी से नहीं चिपका. इससे उन्होंने आईएएस की नौकरी छोड़कर राजनीति में मदद मिली. 

अपराजिता सारंगी का पूरा परिवार देश के सबसे रसूखदार हाई-प्रोफाइल ब्यूरोक्रेटिक (IAS) परिवारों में गिना जाता है. अपराजिता के पति संतोष कुमार सारंगी उन्हीं की तरह 1994 बैच के ओडिशा कैडर के एक बेहद सीनियर आईएएस (IAS) अधिकारी हैं, जो केंद्र सरकार में कई महत्वपूर्ण मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं. दो बच्चे हैं- एक बेटा शिखर सारंगी और एक बेटी अर्चिता सारंगी जो शादी के बाद अर्चिता सचिन राहर बन गईं. अर्चिता अब तक लाइमलाइट से दूर रहीं. अब लाइम लाइट में आ गईं. शिखर सारंगी आज भी लाइमलाइट से दूर हैं. 

असम सरकार में मंत्री के बेटी का भी वीडियो हुआ था वायरल

असम में भी ठीक ओडिशा की अर्चिता सारंगी जैसा ही एक हाई-वोल्टेज राजनीतिक ड्रामा सामने आया है, जहां असम सरकार के कैबिनेट मंत्री केशव महंता की बेटी दिबीसा महंता नीट (NEET) पेपर लीक मामले को लेकर सीधे गुवाहाटी की सड़कों पर विरोध-प्रदर्शन करने उतर गईं. बीजेपी की सहयोगी पार्टी 'असोम गण परिषद' (AGP) के वरिष्ठ नेता की बेटी दिबीसा का एक वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुआ, जिसमें वह न सिर्फ धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रही थीं बल्कि उन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ विवादित नारेबाजी करने का भी आरोप लगा. 

इस तीखे विरोध और भारी ट्रोलिंग के बाद दिबीसा ने भी अपना सोशल मीडिया अकाउंट डिलीट कर दिया, लेकिन इस विवाद में सबसे दिलचस्प मोड़ तब आया जब असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने उनका बचाव करते हुए कहा कि बच्चे जब वयस्क हो जाते हैं, तो उनकी राजनीतिक विचारधारा माता-पिता से बिल्कुल अलग हो सकती है और इसके लिए मंत्री पिता को जिम्मेदार नहीं ठहराया जाना चाहिए.

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असम की NDA सरकार में मंत्री केशव महंत की बेटी दिविशा कौन हैं? जिनके प्रदर्शन में शामिल होने पर CM हिमंता को देनी पड़ी सफाई