दिल्ली में संदीप दीक्षित का मेलोनी वाला मजाक और अब इंदौर में पुलकित मणि का ये मोदी वाला तंज. राजनीति के मंच पर राहुल गांधी के ठहाके थमे भी नहीं थे कि देश की राजनीति में एक और नया भूचाल आ गया है. जब अगस्त में दिल्ली के मंच पर कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी का नाम लेकर राहुल गांधी के गले लगे थे तब बड़ा बवाल खड़ा हुआ था. लगा था कि आगे राहुल गांधी इस विवाद से कुछ सबक सीखेंगे. लेकिन महज पांच हफ्तों के भीतर राहुल गांधी ने इंदौर के छात्रों की गूंज कार्यक्रम में एक बार फिर वही कुछ दोहरा दी. इस बार राहुल गांधी ने एक युवा स्टैंड-अप कॉमेडियन पुलकित मणि के हाथ में माइक सौंपकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पर कॉमेडी का वो दौर शुरू करवा दिया, जिसने अब कांग्रेस के लिए नया सिरदर्द खड़ा कर दिया है.
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इंदौर में राहुल गांधी के साथ साथ मंच शेयर करते हुए पुलकित ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मिमिक्री की. ये दिखाने के लिए कि मिमिक्री कि पीएम विदेशी मेहमानों से कैसे मिलते हैं. लेकिन इस हास्य-व्यंग्य के चक्कर में कुछ ऐसी बातें कह दी गईं, जिसने बीजेपी को राहुल गांधी को घेरने का मौका दे दिया. इतना विवाद हुआ कि पुलकित ने ऐलान कर दिया कि नोएडा, लखनऊ और कानपुर जैसे कई शहरों के शो रद्द हो गए हैं. पोस्ट में उन्होंने कारण भी बताए. चर्चित चेहरा के इस एपिसोड में जानिए पुलकित मणि की कहानी.
कौन हैं पुलकित मणि?
डिजिटल की दुनिया में @hunnywhoisfunny के नाम से मशहूर पुलकित मणि को राहुल के मंच पर जाने का मौका ही इसलिए मिला कि उनके डिजिटल फुटप्रिंट जोरदार है. पुलकित स्टैंड-अप कॉमेडियन कंटेंट क्रिएटर हैं. बचपन से ही उन्हें लोगों की नकल उतारने और हास्य-व्यंग्य का शौक था. तब कहां पता था कि आगे चलकर यही उनका करियर बन जाएगा. करियर की शुरुआत में उन्होंने पढ़ाई-लिखाई पर ध्यान दिया और स्टैंड-अप कॉमेडी में आने से पहले नोएडा के एक स्कूल में फ्रेंच टीचर बने. ट्रांसलेशन का काम भी करते थे. 2021 में उन्होंने इस नौकरी को अलविदा कह दिया और अपने भीतर छिपे व्यंग्यकार को बाहर लाते हुए स्टैंड-अप कॉमेडी को अपना फुल-टाइम करियर बना लिया.
पीएम की मिमिक्री करना बनी पहचान!
साल 2021 से पुलकित ने पूरी तरह से स्टैंड-अप कॉमेडी की दुनिया में कदम रखा. राजनीतिक और समसामयिक मुद्दों पर तीखा कटाक्ष करना पुलकित की सबसे बड़ी यूएसपी बन गया. देश की बड़ी राजनीतिक हस्तियों और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सटीक मिमिक्री करना उनकी पहचान बन गया. इसी साल यानी फरवरी में यूट्यूब पर रिलीज हुए उनके पहले हाफ-एन-अवर स्पेशल "Raw Hunny" ने सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया था, जिसके बाद इंस्टाग्राम पर उनके फॉलोअर्स की संख्या 6 लाख के पार पहुंच गई. कॉपीराइट शिकायतों के चलते मेटा ने वीडियो के दो हिस्से भी हटा दिए. उनके वीडियो को लेकर शिकायतें रही हैं कि वो हिंदू देवी-देवताओं और पुजारियों के खिलाफ भड़काऊ टिप्पणियां करते रहे.
तब पुलकित मणि नहीं जानते थे कि सोशल मीडिया की ये रील उन्हें सीधे कांग्रेस और राहुल गांधी के मंच तक पहुंचा देगी, जहां से शुरू हुआ ये 'कॉमेडी शो' उनके करियर का सबसे बड़ा सियासी चक्रव्यूह बन जाएगा.
इंदौर के कार्यक्रम में ऐसा क्या हुआ?
मध्य प्रदेश के इंदौर में छात्रों की गूंज कार्यक्रम में युवाओं और छात्रों से संवाद के लिए राहुल गांधी पहुंचे तो कांग्रेस के मंच से पुलकित की औपचारिक पॉलिटिकल लॉन्चिंग हुई. राहुल गांधी ने मुस्कुराते हुए पुलकित का स्वागत किया और वहीं से शुरू हो गई परफॉर्मेंस. पुलकित ने कुछ नया या पहली बार नहीं किया. ऐसा कुछ करते रहे हैं. विवाद तब शुरू हुआ जब पुलकित मणि ने पीएम मोदी के कूटनीतिक दौरों, विदेशी नेताओं से गले मिलने की शैली और चुनावी रैलियों के अंदाज की मिमिक्री की. एक्ट के एक हिस्से में उन्होंने पीएम द्वारा एक रैली में बुजुर्ग महिला को कुर्सी देने वाले प्रसंग मां को कुर्सी दो का जिक्र करते हुए सिर पर सिक्का चिपका कर व्यंग्य किया. कांग्रेस ने पीएम का ओरिजनल वीडियो के साथ पुलकित का वीडियो टैग करते हुए लिख दिया बस 19-20 का फर्क है.
कांग्रेस पर जमकर बरसी बीजेपी
इसी को बीजेपी ने मुद्दा बना दिया कि पूरे नाटक में हंसी मजाक के नाम पर प्रधानमंत्री की दिवंगत मां और मातृशक्ति का घोर अपमान किया गया. जैसे ही इस परफॉर्मेंस का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, पूरी भाजपा कांग्रेस और राहुल गांधी पर टूट पड़ी. केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कांग्रेस को कॉमेडियन और जोकरों की पार्टी करार दे दिया. पीयूष गोयल ने राहुल गांधी पर तंज कसते हुए उन्हें असंस्कारी नाराज फूफा कह डाला. आरोप लगाया कि राहुल राजनीतिक लाभ के लिए देश के प्रधानमंत्री के परिवार को घसीट रहे हैं. महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि राहुल गांधी को राजनीति छोड़कर स्टैंड-अप कॉमेडियन बन जाना चाहिए.
राहुल गांधी पॉलिटिकली निशाने पर आए जिसमें उनके लिए नया कुछ नहीं. पुलकित मणि भयंकर ट्रोलिंग, आलोचना, धमकियां झेल रहे हैं. इंस्टा पोस्ट में लिखा अंडरग्राउंड होने का समय आ गया है. बीजेपी ही नहीं, ऐसे भी लोग राहुल गांधी को घेर रहे हैं कि उन्हें इन सबसे बचना चाहिए था. जब छात्रों की गूंज जैसा कार्यक्रम छात्रों की समस्याओं, बेरोजगारी और शिक्षा पर केंद्रित है तो राजनीतिक मंच का उपयोग प्रधानमंत्री के निजी जीवन को घसीटना नहीं चाहिए था. चूंकि उनके मंच पर ये सब हुआ जिसे अमर्यादित मिमिक्री भी माना जा रहा है तो ठहाकों के लिए फंस गए हैं राहुल गांधी.
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