क्या समाज में एक लड़का और एक लड़की सिर्फ दोस्त नहीं हो सकते? क्या पुरानी दोस्ती हमेशा किसी 'अफेयर' या 'हाफ गर्लफ्रेंड' जैसे टैग से ही तौली जाएगी? सुपरस्टार थलापति विजय और साउथ सिनेमा की क्वीन तृषा कृष्णन की ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री जितनी जादुई रही है, ऑफ-स्क्रीन उनकी दोस्ती उतनी ही गहरी और साफ-सुथरी रही है. लेकिन अब विजय के राजनीति में आने और फिर छा जाने की बड़ी कीमत एक्ट्रेस तृष्णा कृष्षन चुका रही हैं. सीएम होने के नाते अब सीएम विजय की ड्यूटी बन गई है कि वो तृष्णा को हर हाल में बचाएं. पुरानी दोस्त तृष्णा पर जब लांछन लगे तो विजय ने जरा भी हिचक नहीं दिखाई और 24 घंटे के अंदर विपक्ष के नेता और स्टालिन परिवार के राजनीतिक वारिस उदयनिधि स्टालिन को अरेस्ट करा दिया.
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तमिलनाडु में नए जमाने की राजनीति में अगर सबसे ज्यादा चर्चा थलापति विजय की है तो उनकी ऑन स्क्रीन एक्ट्रेस रही तृषा कृष्णन की भी चर्चाएं कम नहीं. विजय की चर्चा इसलिए कि उन्होंने सिनेमा से निकलकर राजनीति में खुद को स्थापित किया. स्क्रीन का जननायकन रियल लाइफ में भी जननायक बन गया. तृषा का नाम तो बेवजह चर्चा है. सिर्फ इसलिए उनकी केमिस्ट्री एक्टर विजय से कहीं ज्यादा पर्सनल मान ली गई है. अब तृषा कृष्णन फिर चर्चित चेहरा बनी हैं क्योंकि तमिलनाडु के पूर्व डिप्टी सीएम, डीएमके नेता उदयनिधि स्टालिन ने भीड़ से आई तृषा..तृषा की आवाजें सुनते अचानक वल्गर हो गए हो गए कि सारी मर्यादा, गरिमा की लक्ष्मण रेखा तोड़ दी.
कैसे निशाने पर आई तृषा?
सरकार बनाते विजय ने तमिलनाडु के हिस्से के पानी के लिए किया तो अच्छे नीयत से लेकिन हो गया बैकफायर. निशाने पर सीएम विजय हैं. उनके चक्कर में निशाने पर आ गईं एक्ट्रेस तृषा कृष्णन जिनका पानी विवाद से कोई लेना-देना नहीं. सीएम थलापति विजय का डीके शिवकुमार से मिलना, तमिलनाडु के हक का पानी मांगने कर्नाटक जाना डीएमके को पसंद नहीं आया. बस यहीं से तृषा टारगेट पर आईं.
तंजावुर में उदयनिधि स्टालिन ने कावेरी नदी पर विजय के स्टैंड के खिलाफ रैली निकाली. वहीं से भूचाल शुरू हुआ. भीड़ में से कुछ हुड़दंगियों की तृषा..तृषा की आवाजें आने लगीं. वही आवाजें सुनकर बहककर एकदम वल्गर हो गए उदयनिधि. कावेरी को विजय और तृषा के संबंधों से जोड़ते हुए ऐसी डबल मीनिंग टॉक कर दी जिससे केवल तृषा ही नहीं, पूरी महिलाओं के मान-सम्मान पर चोट हो गई. तमिल में इतना गंदा बोला कि उसे दोहरा भी नहीं सकते.
तृषा का पलटवार और विजय का एक्शन!
तृषा ने पलटवार करते हुए सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा-हाथ में सिर्फ एक माइक्रोफोन होने से कोई कमेंट इंटेलिजेंट या फनी नहीं हो जाता. यह सिर्फ आपकी बेवकूफी की आवाज को और लाउड बनाता है. विजय ने सब सुना. कुछ बोले नहीं. बस मौका मिल गया. उन्होंने चेन्नई पुलिस को स्टालिन के घर भेजकर उदयनिधि को उठवा लिया. सरकार का मैसेज ये कि कार्रवाई तृषा के लिए या राजनीतिक बदले की भावना से नहीं, बल्कि महिला के सम्मान की रक्षा के लिए की गई.
उदयनिधि के फिल्म में काम कर चुकी हैं तृषा!
उदयनिधि के लिए तृषा कृष्णन केवल एक्ट्रेस नहीं. वो खुद तृषा के हीरो रहे हैं. तृषा के करियर को आगे ले जाने में उनका भी कुछ योगदान तो रहा है. उदयनिधि स्टालिन की कंपनी Red Giant Movies ने 2008 में अपनी पहली फिल्म कुरुवी बनाई थी, जिसमें तृषा कृष्णन और थलापति विजय लीड एक्टर थे. तृषा ने कमल हासन और उदयनिधि के प्रोडक्शन की एक और बड़ी फिल्म मन्मदन अंबू में भी काम किया.
2012 में जब उदयनिधि ने फिल्म 'ओरु कल ओरु कन्नाडी' से बतौर एक्टर डेब्यू किया, तब भी लीड एक्ट्रेस के लिए पहली पसंद तृषा ही थीं. हालांकि शेड्यूल के कारण तृषा उस प्रोजेक्ट का हिस्सा नहीं बन सकीं. मई में ऐसी मीडिया रिपोर्ट्स भी आईं कि उदयनिधि के प्रोडक्शन बैनर ने तृषा को एक बड़े प्रोजेक्ट के लिए करीब 12-14 करोड़ में फिल्म ऑफर की है. साथ काम करने और एक-दूसरे को लंबे समय से जानने के बावजूद, राजनीतिक मंच से इस तरह की डबल मीनिंग वल्गर कमेंट करने पर लोग हैरान हैं कि तृषा कृष्णन के लिए उदयनिधि ऐसा सोचते हैं?
तृषा के संघर्ष की कहानी
विजय के राजनीति में आने के बाद तृषा बहुत वायरल हैं लेकिन उनकी कहानी बियोंड विजय भी है. तृषा कृष्णन की कहानी सिर्फ एक फिल्म स्टार की नहीं, बल्कि आत्म-सम्मान, कड़े संघर्ष और राजनीतिक बवंडरों के बीच खुद को अजेय रखने की एक मुकम्मल दास्तान है. तृषा की अपनी पहचान इस राजनीतिक घमासान और विजय के नाम से परे बेहद इंस्पायरिंग है.
तृषा कृष्णन का जन्म 4 मई 1983 को चेन्नई के तमिल पलक्कड़ अय्यर परिवार में हुआ. उनके पिता कृष्ण कुमार होटल इंडस्ट्री प्रोफेशनल रहे. मां उमा कृष्णन हाउसवाइफ हैं. तृषा अपने माता-पिता की इकलौती संतान हैं, इसलिए खुद को 'सिंगल चाइल्ड सिंड्रोम' मानती रही हैं. उन्हें बचपन से अकेले रहने, अपने स्पेस में रहने की आदत है. दूर-दूर तक किसी फिल्मी बैकग्राउंड न होने के कारण तृषा का मन पढ़ने-लिखने में लगता था.
करियर एंबिशन क्रिमिनल साइकोलॉजिस्ट बनना था. किस्मत का रास्ता चेन्नई के एथिरानी कॉलेज से होकर गुजरा, जहां पढ़ाई के दौरान ही मॉडलिंग शुरू की. मॉडलिंग करियर शुरू होते ही चमक गया. देखते-देखते 1999 में तृषा मिस चेन्नई बन गई. मिस इंडिया में ब्यूटीफुल स्माइल का अवॉर्ड भी मिल गया. वहीं से सिनेमा के दरवाजे अपने-आप खुलने लगे.
कैसे जुड़ा तृषा और विजय का नाम?
शुरुआत में पढ़ाई पूरी करने के लिए कई बड़े फिल्म ऑफर्स को ठुकराने वाली तृषा ने 2002 में फिल्म 'मौनम पेसियधे' से लीड एक्ट्रेस करियर शुरू किया. 2003 की फिल्म 'सामी' ने पहचान दिलाई, लेकिन 2004 की ब्लॉकबस्टर फिल्म 'गिल्ली' ने उन्हें रातों-रात साउथ सिनेमा की 'क्वीन' बना दिया. उसी फिल्म में विजय पहली बार उनके हीरो बने. तब तक विजय बहुत बड़े नाम बन चुके थे. स्क्रीन पर विजय और तृषा की बेमिसाल केमिस्ट्री से फिल्में तो हिट होने लगी लेकिन एक नया पंडोरा बॉक्स खुला जिसमें अफेयर्स के चर्चे भरे पड़े थे. विजय की लंबी शादीशुदा लाइफ के बाद भी वो बॉक्स आज तक बंद नहीं हुआ. बंद हुआ नहीं या शायद कभी चाहा भी नहीं की बंद हो.
तृषा विजय से अलग भी अपनी पहचान के लिए काम करती रहीं. हमेशा खुद को बेजोड़ एक्ट्रेस बनाने के लिए प्रभास, सिद्धार्थ, सिंबू के साथ भी फिल्में की. कल्ट-क्लासिक फिल्में देकर साबित किया कि उनकी सफलता किसी एक सुपरस्टार की मोहताज नहीं है. सुपरहिट फिल्मों की गारंटी बनीं लेकिन विजय में कुछ तो बात थी कि सारी चर्चाएं लौटकर वही आ जाती.
तृषा क्यों है सिंगल?
2014 में नई चर्चा शुरू हुई कि तृषा चेन्नई के मशहूर बिजनेसमैन और फिल्म प्रोड्यूसर वरुण मणियन को डेट कर रही हैं. सगाई भी कर ली लेकिन महज तीन महीने में ब्रेकअप हो गया. किसी ने रिश्ता टूटने पर बात नहीं की. दावे किए गए कि शादी तय होने के बाद वरुण का परिवार चाहता था कि तृषा फिल्मों में काम करना बंद कर दें और एक हाउसवाइफ के तौर पर रहें. तब तृषा करियर के पीक पर थी. उन्होंने इसे मंजूर नहीं किया.
ब्रेक अप में विजय से लिंक अप का भी एंगल जुड़ा. दावा ये भी हुआ कि सगाई के फंक्शन्स में वरुण के पिता और तृषा के बीच बहस हो गई थी. तृषा ने इन सबको आत्म-सम्मान और पर्सनल च्वाइस के खिलाफ माना. ऐसी भी चर्चा है कि 2010 के आसपास तृषा का नाम तेलुगु सुपरस्टार राणा दग्गुबाती के साथ भी लंबे समय तक जुड़ा था. मिहिका बजाज से शादी के बाद राणा दग्गुबाती से रिलेशनशिप का द एंड हुआ. तृषा ने अपने लिए ठान लिया कि आगे वो सिंगल ही रहेंगी. 40 साल में भी तृषा आज भी सिंगल ही हैं.
लगातार जुड़ा रहा विजय और तृषा का नाम
तृषा का नाम थलापति विजय के साथ आज तक जुड़ा है लेकिन दोनों ने हमेशा सिर्फ एक गहरी दोस्ती और प्रोफेशनलशिप रिलेशनशिप बताई लेकिन दुनियावालों ने कभी नहीं माना कि एक लड़का और एक लड़की केवल दोस्त नहीं हो सकते. जब विजय की 27 साल की शादी 2026 में टूटने तक पहुंची तो उसमें भी संगीता ने बिना नाम लिए आरोप तृषा कृष्णन पर ही लगाए.
थलपति विजय और तृषा कृष्णन ने 6 फिल्मों में साथ काम किया जिसमें द ग्रेटेस्ट ऑफ ऑल टाइम (The GOAT) में स्पेशल कैमियो अपीयरेंस शामिल है. ये किसी को नहीं पता नहीं चला कि हिट जोड़ी बनने के बाद भी 2008 के बाद दोनों ने साथ काम करना क्यों बंद किया. 2023 में जब लोकेश कनकराज की फिल्म लियो में करीब 15 साल बाद यह जोड़ी वापस आई, तो फैंस का क्रेज सातवें आसमान पर था.
यही सिनेमाई केमिस्ट्री विरोधियों के लिए एक हथियार बन गई जब विजय राजनीति में आए. तृषा नाम का हथियार विजय पर चलना शुरू है. जब विजय पर हमला करने के लिए कुछ नहीं मिलता तो तृषा कृष्णन का नाम लेकर गंदी, भद्दी और बहुत पर्सनल कमेंट्स किए जाते हैं. तृषा बिना किसी राजनीतिक झुकाव के भी राजनीति के दलदल में घसीट ली गई हैं. चुनाव से ठीक पहले तमिलनाडु बीजेपी के नेता नैनार नागेंद्रन ने इतना तक कह दिया कि विजय को राजनीतिक जमीन समझने के लिए पहले तृषा के घर से बाहर निकलना होगा. इस आपत्तिजनक और महिला-विरोधी बयान की हर तरफ थू-थू हुई थी तो बाप-बाप करते नागेंद्रन ने माफी मांगी.
तृषा ने अपने दम पर खड़ा किया साम्राज्य!
कहते हैं धुआं वही उठता है जहां आग लगी हो. विजय के सीएम बनने के बाद तृषा का लगातार सामना सॉफ्ट टारगेट वाले तूफान से होता ही जा रहा है. 4 मई को चुनाव नतीजों के बाद तृषा का विजय को बधाई देने उनके घर जाना, शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होना, परिवार वालों से मिलना-ये सब संकेत बनते हैं कि दोनों केवल दोस्त नहीं हैं. सीएम बनने के बाद शादी से लेकर शोक के मौकों पर भी विजय और तृषा साथ देखे गए. विजय के बर्थडे पर भी तृष्णा ने चहकती हुई पोस्ट की थी. अटकलें यहां तक लगीं हैं कि तृषा भी TVK में शामिल होकर त्रिची ईस्ट सीट से चुनाव में उतर सकती हैं.
तमाम राजनीतिक कीचड़ उछालने की कोशिशों और विवादों के बीच तृषा कृष्णन अकेली हैं लेकिन टिकी हैं. उन्होंने हर एडवर्स सिचुएशन का सामना डटकर किया. तृषा की यह मुकम्मल कहानी दिखाती है कि वह सिर्फ एक 'गॉसिप टॉपिर' नहीं, बल्कि अपने दम पर 25 साल का लंबा और सफल सफर तय करने वाली एक बेहद मजबूत और आत्मनिर्भर महिला हैं. दावा है कि तृषा ने करीब 85 करोड़ का साम्राज्य खड़ा किया है. साउथ की सबसे महंगी और बैंकएबल एक्ट्रेसेस हैं जिनकी एक फिल्म की एवरेज फीस 10 से 13 तक करोड़ मानी जाती है.
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