कर्नाटक के सीएम डी.के. शिवकुमार ने अपनी सादगी और जमीनी जुड़ाव को दर्शाते हुए एक बड़ा ही दिलचस्प किस्सा साझा किया है. 'इंडिया टुडे' के विशेष कॉनक्लेव/राउंडटेबल कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ पत्रकार राजदीप सरदेसाई ने उनकी जिंदगी से जुड़ा यह मजेदार वाक्या सबके सामने रखा.
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राजदीप सरदेसाई ने बताया कि डी.के. शिवकुमार सालों से एक ही साधारण नाई से अपने बाल कटवाते आ रहे हैं. जब वे सत्ता और राजनीति के शीर्ष पदों पर पहुंचे तो सुरक्षा और पद की गरिमा का हवाला देते हुए शुभचिंतकों ने उन्हें उस दुकान पर जाने से मना किया. सलाह दी गई कि नाई को घर पर ही बुला लिया जाए. हालांकि पुराने रिश्तों और वफादारी की कद्र करने वाले शिवकुमार ने इसे खारिज कर दिया. वे किसी प्रोटोकॉल की परवाह किए बिना खुद उसी पुराने नाई की दुकान पर गए और अपने बाल कटवाए.
इस किस्से पर बात करते हुए जब पत्रकारों ने उनसे उनकी जीवनशैली और रोजमर्रा के खर्चों पर सवाल पूछा, तो डी.के. शिवकुमार ने बेहद बेबाकी से अपनी सादगी का जिक्र किया.
सोशल मीडिया पर छिड़ी दिलचस्प बहस
इंडिया टुडे द्वारा इस बयान का वीडियो एक्स पर शेयर किए जाने के बाद से ये बयान इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रहा है. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर लोग इस बयान को लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं.
कई स्थानीय यूजर्स और इंटरनेट यूजर्स ने इस बात पर सवाल उठाए हैं. लोगों का कहना है कि आज के दौर में, खासकर बेंगलुरु जैसे बड़े और महंगे शहर में, 50 रुपये में बाल काटना व्यावहारिक रूप से नामुमकिन है. वहां किसी आम दुकान पर भी कटिंग के लिए कम से कम 100 से 150 रुपये तक लग जाते हैं.
कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने उनके ब्रांडेड कपड़ों, शॉल और महंगी एक्सेसरीज की ओर इशारा करते हुए उनके 'सादे जीवन' वाले दावे पर चुटकी भी ली है. उनका कहना है कि बड़े ब्रांड्स का इस्तेमाल करने के साथ 50 रुपये के हेयरकट का दावा थोड़ा विरोधाभासी लगता है.
बहरहाल, राजनेताओं के ऐसे बयान सोशल मीडिया पर अक्सर चर्चा और मीम्स का कारण बनते हैं और डीके शिवकुमार का यह बयान भी इस समय काफी सुर्खियां बटोर रहा है.
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