देश के मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के कामकाज और हालिया विवादों को लेकर देश की सियासत में घमासान लगातार तेज होता जा रहा है. कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके द्वारा मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ शुरू किए गए विरोध के स्वर अब महाराष्ट्र तक पहुंच गए हैं. इस पूरे विवाद के बीच राज्य की राजनीति में दो धुर विरोधी माने जाने वाले ठाकरे बंधु यानी शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे एक मंच पर आते नजर आ रहे हैं. दोनों नेताओं ने CJP के इस आंदोलन को खुला समर्थन देने का ऐलान किया है, जिससे राजनीतिक पारा काफी हाई हो गया है.
ADVERTISEMENT
CJP के अल्टीमेटम और विरोध प्रदर्शन को ठाकरे बंधुओं का साथ
कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर मोर्चा खोला है और 2 अक्टूबर को मुंबई में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन का ऐलान किया है. CJP के इस आह्वान को पहले आदित्य ठाकरे और अब उद्धव ठाकरे व राज ठाकरे दोनों का ही भरपूर समर्थन मिल गया है. ठाकरे बंधुओं के इस कदम के बाद अब राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं कि चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्ष और क्षेत्रीय दल गोलबंद होने लगे हैं. अभिजीत दिपके ने भी ठाकरे बंधुओं द्वारा इस लोकतांत्रिक लड़ाई में समर्थन दिए जाने पर उनका आभार व्यक्त किया है.
शिवसेना का ठाकरे बंधुओं पर तीखा हमला
उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे द्वारा कॉकरोच जनता पार्टी के समर्थन में उतरने के बाद एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने दोनों नेताओं पर तीखा जुबानी हमला बोला है. शिंदे गुट के नेताओं का कहना है कि लगातार चुनावी हार और राजनीतिक जमीन खिसकने के बाद ठाकरे बंधु अब एक नई पार्टी के सहारे अपनी सियासत चमकाने की कोशिश कर रहे हैं. सत्ताधारी पार्टी का दावा है कि चुनाव आयोग के खिलाफ फैलाया जा रहा यह नैरेटिव पूरी तरह बेबुनियाद है और विपक्षी दल केवल राजनीतिक रोटियां सेकने के लिए ऐसे आंदोलनों का सहारा ले रहे हैं.
ADVERTISEMENT


