तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद के एक प्राइवेट स्कूल से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने पूरे शहर में सियासी और सामाजिक पारा गरमा दिया है. कक्षा दो के एक हिंदू छात्र को स्कूल डायरी में 'इस्लामिक धार्मिक प्रैक्टिस' यानी कलमा पढ़ने का होमवर्क दिए जाने पर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है.
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इस मामले में पुलिस ने ऐक्शन लेते हुए आरोपी शिक्षिका और स्कूल प्रबंधन से जुड़े कुछ अन्य लोगों के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली है. दूसरी तरफ, इस घटना के विरोध में स्कूल परिसर में हंगामा करने और तोड़फोड़ के आरोप में कुछ कथित बीजेपी कार्यकर्ताओं पर भी पुलिस ने मामला दर्ज किया है.
क्या है पूरा मामला?
यह पूरा विवाद 16 जुलाई को उस समय खुलकर सामने आया जब दूसरी क्लास में पढ़ने वाले छह साल के एक मासूम बच्चे की बुआ ने उसकी स्कूल डायरी देखी. डायरी में बच्चे को मुस्लिम धार्मिक मान्यताओं से जुड़ा 'कलमा' पढ़ने और याद करने का निर्देश दिया गया था.
जब बच्चे की बुआ ने स्कूल जाकर इस पर आपत्ति जताई, तो उनका दावा है कि स्कूल के प्रिंसिपल ने इसे सभी बच्चों के लिए एक अनिवार्य धार्मिक विषय बता दिया. इसके बाद बच्चे के परिवार ने सवाल उठाया कि इस तरह का धार्मिक होमवर्क सिर्फ उन्हीं बच्चों को दिया जाना चाहिए, जो इसे खुद चुनना चाहते हैं. किसी पर इसे जबरन क्यों थोपा जा रहा है?
पुलिस ने क्या कहा?
चारमीनार जोन की डीसीपी खरे किरण प्रभाकर ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि यह घटना 15 जुलाई की है. शिक्षिका ने क्लास के सभी बच्चों को यह होमवर्क दिया था. चौंकाने वाली बात यह है कि उस क्लास में मौजूद कुल 25 छात्रों में से 24 मुस्लिम हैं और सिर्फ एक ही हिंदू छात्र है.
डीसीपी के मुताबिक, यह कदम शिक्षा नीति और खुद स्कूल के नियमों का सीधा और साफ उल्लंघन है. बच्चे की बुआ की शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी टीचर और अन्य के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 299 (धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना) और जुवेनाइल जस्टिस एक्ट की धारा 75 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
सियासी मोड़ और स्कूल का ऐक्शन
जैसे ही यह खबर फैली, इस पर जमकर राजनीति भी शुरू हो गई. केंद्रीय गृह राज्य मंत्री बंडी संजय कुमार के साथ-साथ बीजेपी और विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने इस घटना पर कड़ी नाराजगी जताई. हिंदू संगठनों ने स्कूल के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर मोर्चा खोल दिया.
चौतरफा घिरने और विवाद को बढ़ता देख स्कूल प्रबंधन बैकफुट पर आ गया. माहौल को शांत करने के लिए मैनेजमेंट ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी शिक्षिका को नौकरी से बर्खास्त (निकाल) कर दिया है.
प्रदर्शनकारियों पर भी केस दर्ज
इस घटना के बाद स्कूल के बाहर भारी विरोध प्रदर्शन भी देखने को मिला. स्कूल प्रबंधन ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई कि कुछ प्रदर्शनकारियों ने स्कूल के गेट को नुकसान पहुंचाया और जबरन परिसर के भीतर घुस आए.
पुलिस ने स्कूल की इस शिकायत पर कार्रवाई करते हुए कथित बीजेपी कार्यकर्ताओं के खिलाफ भी एक अलग केस दर्ज किया है और प्रदर्शन करने वाले कुछ लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है. फिलहाल पुलिस दोनों मामलों की बारीकी से जांच कर रही है.
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