मिडिल ईस्ट में जारी ईरान-अमेरिका जंग अब अपने सबसे निर्णायक और खतरनाक मोड़ पर पहुंच गई है. बीते छह हफ्तों से चल रहे इस संघर्ष के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक ऐसी धमकी दी है, जिसने पूरी दुनिया की सांसें थाम दी हैं. ट्रंप ने सोशल मीडिया (ट्रूथ सोशल) पर पोस्ट साझा करते हुए कहा कि आज रात एक "पूरी सभ्यता" खत्म हो सकती है, जिसे फिर कभी वापस नहीं लाया जा सकेगा.
ADVERTISEMENT
ट्रंप का 'सभ्यता खत्म' करने वाला बयान
ईरान को दिए गए 48 घंटे के अल्टीमेटम की मियाद खत्म होने से ठीक पहले ट्रंप का यह बयान सामने आया है. उन्होंने लिखा, "मैं ऐसा नहीं चाहता, लेकिन शायद ऐसा होगा. आज रात एक पूरी सभ्यता खत्म हो जाएगी. यह दुनिया के इतिहास का सबसे महत्वपूर्ण पल हो सकता है." ट्रंप ने आगे कहा कि ईरान में 47 साल से जारी उगाही, भ्रष्टाचार और मौत का तांडव अब खत्म होने वाला है.
ईरान में तख्तापलट के संकेत?
ट्रंप के इस बयान में एक बड़ा दावा सत्ता परिवर्तन को लेकर भी है. उन्होंने अपनी पोस्ट में संकेत दिया कि ईरान में अब पहले की तुलना में कम कट्टरपंथी और स्मार्ट लोग सत्ता संभाल रहे हैं. उन्होंने "क्रांतिकारी कदम" उठाए जाने की संभावना जताते हुए लिखा कि ईरानी जनता पर ईश्वर की कृपा बनी रहे.
48 घंटे की डेडलाइन और बदलता घटनाक्रम
ट्रंप की यह तीखी प्रतिक्रिया उस समय आई है जब हाल ही में उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए ईरान में फंसे अमेरिकी एयरमैन के रेस्क्यू ऑपरेशन की जानकारी साझा की थी. गौरतलब है कि ट्रंप ने शुरुआत में ईरान को होर्मुज की खाड़ी खोलने और डील करने के लिए 48 घंटे का समय दिया था. हालांकि तनाव को देखते हुए इस समयसीमा को तीन बार बढ़ाया गया. पहले 5 दिन और फिर 10 दिन. इस तरह 48 घंटे की मूल डेडलाइन अब 408 घंटे (7 अप्रैल) तक पहुंच चुकी है, जिसकी मियाद आज खत्म हो जाएगी.
ईरान का अड़ियल रवैया
इधर ईरान का कहना है कि पाकिस्तानी मध्यस्थता की कोशिशें "अहम मोड़" पर हैं. रॉटर्स के मुताबिक तेहरान ने मंगलवार को हॉर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने और सीजफ़ायर समझौते को मानने से इनकार कर दिया. यह सब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा तय की गई उस डेडलाइन से ठीक पहले हुआ, जिसमें उन्होंने अपनी मांगें मानने या फिर "खत्म कर दिए जाने" की चेतावनी दी थी.
हालांकि सकारात्मक संकेत के तौर पर, पाकिस्तान में ईरानी राजदूत ने कहा कि युद्ध खत्म करने के लिए इस्लामाबाद द्वारा की जा रही "सकारात्मक और सार्थक कोशिशें" अब "एक अहम और संवेदनशील मोड़ पर पहुंच रही हैं.'' इस योजना से जुड़े एक सूत्र के मुताबिक, ईरान ने पाकिस्तान की मध्यस्थता से आए अमेरिकी प्रस्ताव को ठुकरा दिया है. इस प्रस्ताव में तुरंत सीजफ़ायर करने, जलडमरूमध्य पर लगी प्रभावी नाकेबंदी हटाने और उसके बाद 15 से 20 दिनों के भीतर एक व्यापक शांति समझौते पर बातचीत करने की बात कही गई थी.
ईरान की भी 10 शर्तें
सरकारी समाचार एजेंसी IRNA की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के जवाब में 10 बिंदु शामिल थे. इनमें इस क्षेत्र में चल रहे संघर्षों को खत्म करना, हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य से सुरक्षित आवाजाही के लिए एक प्रोटोकॉल बनाना, प्रतिबंध हटाना और पुनर्निर्माण करना शामिल था.
इधर भारत ने जारी की एडवाइजरी
ईरान में भारतीय नागरिकों के लिए MEA ने एडवाइजरी जारी की है. विदेश मंत्रालय ले कहा है- 'ईरान में तेज़ी से बदलती स्थिति को देखते हुए, जो भारतीय नागरिक अभी ईरान में हैं, उन्हें सलाह दी जाती है कि वे जहां हैं वहीं रहें, सुरक्षित जगह पर पनाह लें और इधर-उधर न जाएं. ईरान के अंदर या ईरान की सीमा चौकियों की ओर कोई भी आवाजाही केवल तेहरान में भारतीय दूतावास के साथ करीबी तालमेल से और दूतावास से स्पष्ट निर्देश मिलने के बाद ही की जानी चाहिए. भारतीय दूतावास ईरान में भारतीय नागरिकों को मार्गदर्शन देने के लिए इन आपातकालीन हेल्पलाइन नंबरों पर उपलब्ध है- मोबाइल नंबर: +98 912 810 9115, +98 912 810 9102, +98 912 810 9109, +98 993 217 9359.ईमेल: cons.tehran@mea.gov.in
दुश्मन की जमीन, चारों तरफ खतरा...अमेरिकी कमांडो ने ईरान में घुसकर ऐसे बाहर निकाला अपना सैनिक!
ADVERTISEMENT


