'कुछ पाकर खोना है, कुछ खोकर पाना है…' ये लाइनें इन दिनों टीम इंडिया के युवा विकेटकीपर-बल्लेबाज Ishan Kishan पर बिल्कुल फिट बैठती हैं. पटना की गलियों से निकलकर इंटरनेशनल क्रिकेट में अपनी पहचान बनाने वाले 27 साल के ईशान ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि करियर में गिरावट अंत नहीं होती. असली जीत तो तब होती है, जब खिलाड़ी वापसी करके दिखाए और ईशान ने वही किया है.
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रैंकिंग में लंबी छलांग
आईसीसी की ताज़ा टी20 इंटरनेशनल रैंकिंग में ईशान किशन ने 17 पायदान की बड़ी छलांग लगाई है. शानदार प्रदर्शन की बदौलत अब वह दुनिया के नंबर-8 टी20 बल्लेबाज़ बन गए हैं. हालिया मुकाबलों में उनकी आक्रामक बल्लेबाज़ी और लगातार रन बनाने का फायदा सीधे उनकी रैंकिंग में दिखा है.
कुछ समय पहले तक टीम से बाहर चल रहे ईशान के लिए ये दौर आसान नहीं था. आलोचनाएं भी हुईं, सवाल भी उठे. लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी. घरेलू क्रिकेट में झारखंड के लिए लगातार रन बनाए और खुद को फिर से चयन के लिए तैयार किया. मौका मिला तो भुनाया और अब नतीजा सबके सामने है.
वर्ल्ड कप में पाकिस्तान के खिलाफ 77 रन की पारी
टी20 वर्ल्ड कप 2026 में पाकिस्तान के खिलाफ मुकाबले में ईशान ने 77 रन की मैच जिताऊ पारी खेलकर आलोचकों को जवाब दिया. दबाव वाले मैच में जिस तरह उन्होंने पारी संभाली, उससे साफ हो गया कि अब वह सिर्फ बड़े शॉट्स खेलने वाले बल्लेबाज़ नहीं, बल्कि मैच की परिस्थिति समझने वाले परिपक्व खिलाड़ी बन चुके हैं.
दोहरे शतक से सुर्खियों तक
साल 2022 में बांग्लादेश के खिलाफ चटगांव में लगाया गया उनका दोहरा शतक आज भी याद किया जाता है. 10 छक्कों और 24 चौकों से सजी उस पारी ने उन्हें रातों-रात सुर्खियों में ला दिया था. ऐसा लग रहा था कि टीम इंडिया में उनकी जगह पक्की हो गई है. लेकिन क्रिकेट अनिश्चितताओं का खेल है. अचानक टीम से बाहर होना उनके लिए बड़ा झटका था.
यही वह मोड़ था, जहां से असली परीक्षा शुरू हुई. ईशान ने खुद को संभाला, घरेलू क्रिकेट में मेहनत जारी रखी और फिर इंटरनेशनल स्तर पर धमाकेदार वापसी की.
पटना से रांची तक का संघर्ष
ईशान का क्रिकेट सफर पटना के मोइनुल हक स्टेडियम से शुरू हुआ. महज 7 साल की उम्र में उन्होंने बल्ला थाम लिया था. पिता उन्हें कोच उत्तम मजूमदार के पास लेकर गए, जहां से उनकी ट्रेनिंग शुरू हुई.
पटना में सीमित मौके मिलने के कारण उन्हें झारखंड का रुख करना पड़ा. 12 साल की उम्र में रांची पहुंचकर सीनियर खिलाड़ियों के साथ एक छोटे से कमरे में रहना, खुद का ख्याल रखना ये सब आसान नहीं था. खाना बनाना नहीं आता था, तो बर्तन धोने की जिम्मेदारी निभानी पड़ती थी.
16 साल की उम्र में रणजी ट्रॉफी में डेब्यू मिला. एक मैच में तेज गेंदबाज अबू नेचिम के खिलाफ पहली ही गेंद पर चौका जड़कर उन्होंने बता दिया था कि उनमें आत्मविश्वास की कमी नहीं है.
शादी की खबरों पर दादा और मां के बयान
जहां एक तरफ मैदान पर उनकी वापसी चर्चा में है, वहीं दूसरी ओर उनकी निजी जिंदगी को लेकर भी खूब बातें हो रही हैं. हाल ही में ईशान के दादा का एक इंटरव्यू वायरल हुआ, जिसमें उन्होंने कहा कि ईशान शादी करेंगे और लड़की का नाम भी बताया- Aditi Hundia.
29 साल की अदिति जयपुर की रहने वाली हैं और फेमिना मिस इंडिया की फाइनलिस्ट रह चुकी हैं. 2018 में उन्होंने मिस डीवा का खिताब भी जीता था. उनका अपना फैशन ब्रांड भी है. आईपीएल मैचों के दौरान उन्हें कई बार ईशान को चीयर करते हुए देखा गया है. सोशल मीडिया पर दोनों की साथ वाली तस्वीरें भी चर्चा में रही हैं.
लेकिन दादा के बयान के कुछ ही घंटे बाद ईशान की मां ने इन खबरों को साफ तौर पर नकार दिया. उनका कहना था कि अभी शादी की कोई बात नहीं है और ईशान का पूरा ध्यान क्रिकेट पर है. उन्होंने यह भी कहा कि सोशल मीडिया पर जो बातें चलती हैं, उसी के आधार पर गलतफहमियां बन जाती हैं. मां के बयान के बाद फिलहाल शादी की अटकलों पर विराम लग गया है.
फोकस साफ है, सिर्फ क्रिकेट
ईशान किशन की कहानी सिर्फ एक क्रिकेटर की कहानी नहीं है, बल्कि यह संघर्ष, गिरावट और वापसी की कहानी है. उन्होंने दिखाया कि मुश्किल दौर में धैर्य और मेहनत ही सबसे बड़ा सहारा होते हैं.
आज पटना का वह लड़का इंटरनेशनल क्रिकेट में अपनी पहचान बना चुका है. मैदान पर उनका आत्मविश्वास और परिपक्वता साफ नजर आती है. निजी जिंदगी को लेकर चर्चाएं भले चलती रहें, लेकिन फिलहाल उनका लक्ष्य साफ है- टीम इंडिया के लिए लगातार अच्छा प्रदर्शन करना. अब देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले समय में ईशान अपनी इस लय को कितनी दूर तक ले जाते हैं.
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