पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में हाई प्रोफाइल नेताओं के अलावा एक नेता जिसकी खूब चर्चा हुई थी, वो है फलता विधानसभा सीट से TMC उम्मीदवार जहांगीर खान. यूपी कैडर के चर्चित IPS अजय पाल शर्मा की सख्त चेतावनी के बाद खुद को जहांगीर खान ने पुष्पा बताया और कहा था कि वह झुकेगा नहीं. लेकिन री-पोलिंग से पहले ही पुष्पा झुक गया और जहांगीर खान ने चुनावी प्रक्रिया से दूरी बनाने का ऐलान कर दिया. लेकिन अब एक बार फिर जहांगीर खान सुर्खियों में आ गया है. इस बार जहांगीर खान का वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें पुलिस वाले उसे नंगे पैर परेड करा रहे है और इस दौरान वो कभी हाथ जोड़ रहा तो कभी कान पकड़ रहा है. सोशल मीडिया पर इस वीडियो ने धूम मचा रखी है. आइए विस्तार से जानते है पूरी बात.
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जहांगीर खान का नया वीडियो आया सामने
TMC नेता जहांगीर खान चुनाव के बाद लगातार फरार बताया जा रहा था. पुलिस को भी उसकी तलाश थी. इसी बीच 8 जून को पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया था. गिरफ्तारी के बाद उनका एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें पुलिस उनको हाफ पैंट में परेड कर रही थी और वह हाथ जोड़कर चल रहे थे. अब उनका एक नया वीडियो सामने आया है, जिसने बहस छेड़ दी है.
नए वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है, पुलिस जहांगीर खान को परेड कर रही है. इस दौरान वे नंग पैर सड़क पर चल रहे है और वहां मौजूद लोगों के सामने हाथ जोड़ रहे है. साथ ही जहांगीर खान के कमर में रस्सी भी बंधी हुई और इस दौरान कई बार वो कान पकड़ते हुए देखे जा रहे है. महज कुछ सेकेंड के इस वीडियो ने सोशल मीडिया पर धूम मचा रखी है और लोग तरह-तरह के रिएक्शन दे रहे हैं.
नेपाल बॉर्डर से हुए थे गिरफ्तार
चुनावी प्रक्रिया के दौरान और उससे पहले भी जहांगीर खान पर कई गंभीर मुकदमे दर्ज है और इसी वजह से लगातार उनकी तलाशी जारी थी. लेकिन चुनाव प्रक्रिया के दौरान से ही जहांगीर खान लगातार अपनी लोकेशन बदल रहे थे और बंगाल STF की टीम उन्हें ढूंढ रही थी. इसी बीच 8 जून को फोन नेटवर्क के लोकेशन के आधार पर STF ने उन्हें नेपाल बॉर्डर से धर-दबोचा और फिर आगे की कार्रवाई शुरू हुई. (यहां पढ़ें पूरी खबर)
चुनाव से पहले हटने का किया ऐलान
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में फलता सीट काफी चर्चा में रहा. हालांकि 29 अप्रैल को दूसरे फेज में हुए चुनाव के दौरान वहां पर गड़बड़ियां हुई जिसके बाद चुनाव आयोग ने इस सीट पर री-पोलिंग के आदेश दिए, जिसके तहत 21 मई को चुनाव होने थे. लेकिन चुनाव से कुछ दिन पहले ही उन्होंने चुनावी प्रक्रिया से दूर होने का ऐलान कर दिया. तब से ही बंगाल STF को उनकी तलाश थी.(यहां पढ़ें पूरी खबर)
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