'छात्रों को खाना खिलाना अपराध है तो...', जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों को खाना खिलाने वाले जुनैद पहुंचे रांची, किया बड़ा ऐलान!

दिनेश यादव

• 01:59 PM • 06 Aug 2026

JPSC-JSSC Protest: जंतर-मंतर आंदोलन के दौरान 37 दिनों तक प्रदर्शनकारी छात्रों को भोजन कराने वाले मोहम्मद जुनैद अब रांची पहुंच गए हैं. उन्होंने JPSC-JSSC परीक्षा में कथित धांधली की CBI जांच, 'जीरो पेपर लीक' व्यवस्था लागू करने और छात्रों के आंदोलन को पूरा समर्थन देने का ऐलान किया. जानिए रांची पहुंचकर जुनैद ने क्या कहा, ट्रोलिंग पर कैसे जवाब दिया और छात्रों की मदद को लेकर उनका बड़ा बयान.

Junaid on Ranchi Student Protest
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दिल्ली के जंतर-मंतर आंदोलन का बड़ा चेहरा और अभ्यर्थियों को 37 दिनों तक भोजन कराने वाले मोहम्मद जुनैद अब रांची पहुंच चुके हैं. झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की परीक्षाओं में हुई अनियमितताओं और धांधली के खिलाफ छात्रों का विरोध प्रदर्शन पिछले 13 दिनों से जारी है. जुनैद इस आंदोलन को अपना समर्थन देने और छात्रों की मदद करने के लिए रांची पहुंचे हैं.

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सीबीआई जांच और 'जीरो पेपर लीक' की मांग

रांची में आंदोलन स्थल पर पहुंचे जुनैद ने JPSC और JSSC में हुई धांधली के आरोपों पर गंभीर सवाल खड़े किए. उन्होंने कहा कि परीक्षाओं में हो रही धांधलीबाजी की सीबीआई (CBI) जांच होनी चाहिए. लगातार पेपर लीक होने से छात्र-छात्राओं का दमन और शोषण हो रहा है. उन्होंने कहा कि जो छात्र रोजाना 10, 12 या 16 घंटे मेहनत करते हैं, वे अपनी सीट नहीं प्राप्त कर पा रहे हैं. पैसे के बल पर और राजनीतिक संरक्षण के तहत पेपर लीक कराया जा रहा है, जिससे अयोग्य अभ्यर्थी आगे बढ़ रहे हैं. उन्होंने देश में 'जीरो पेपर लीक' व्यवस्था लागू करने की मांग की.

सोशल मीडिया पर बन रहे नैरेटिव पर दिया जवाब

13 दिन बाद रांची आने और सोशल मीडिया पर हो रही ट्रोलिंग पर जुनैद ने स्थिति साफ की. उन्होंने बताया कि जंतर-मंतर का आंदोलन समाप्त हुए अभी 13 दिन भी पूरे नहीं हुए हैं. आंदोलन खत्म होने के बाद बैठकें और कुछ कानूनी प्रक्रियाएं थीं, जिनकी वजह से आने में थोड़ा समय लगा. सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ बनाए जा रहे गलत नैरेटिव को खारिज करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि वे किसी के खिलाफ नहीं, बल्कि सिर्फ अभ्यर्थियों के हक और न्याय की लड़ाई में उनके साथ खड़े हैं.

'छात्रों को खाना खिलाना अपराध नहीं'

छात्रों की मदद करने को लेकर जुनैद ने कड़ा रुख अपनाया. उन्होंने कहा कि जो छात्र दूर-दराज से आए हैं, जिनके पास रहने, खाने या यात्रा करने तक के पैसे नहीं हैं, अगर उनके लिए पानी या भोजन की व्यवस्था कर दी जाती है तो यह कोई अपराध नहीं है. संविधान की किसी किताब में इसे अपराध नहीं बताया गया है. उन्होंने साफ कहा कि अगर छात्रों को भोजन और सहायता देना अपराध है, तो यह अपराध वे एक बार नहीं बल्कि हजार बार करने के लिए तैयार हैं.

एकजुटता से ही मिलेगी जीत

जुनैद ने जंतर-मंतर आंदोलन की सफलता का जिक्र करते हुए कहा कि वहां की जीत का सबसे बड़ा कारण यह था कि अभ्यर्थी जाति, लिंग, भाषा या क्षेत्र के आधार पर नहीं बंटे. सभी पूरी तरह एकजुट और संगठित रहे. उन्होंने रांची में प्रदर्शन कर रहे छात्रों से भी इसी एकजुटता को बनाए रखने की अपील की. उन्होंने कहा कि जब तक JPSC और JSSC के अभ्यर्थियों का आंदोलन चलेगा और उन्हें न्याय नहीं मिल जाता, वे उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहेंगे.

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