Divisha Mahanta Viral Video: असम में नीट (NEET) पेपर लीक को लेकर हुआ विरोध प्रदर्शन अब एक बड़े राजनीतिक विवाद में बदल गया है. सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें असम सरकार के मंत्री केशव महंत की बेटी दिविशा महंत प्रदर्शनकारियों के साथ नारेबाजी करती नजर आ रही हैं. दावा है कि इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया. इस घटना के बाद राजनीतिक गलियारों में बहस छिड़ गई है और मंत्री को सोशल मीडिया पर जमकर ट्रोल किया जा रहा है.
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सीएम हिमंत विश्व शर्मा का बचाव और पिता का बयान
मामले को बढ़ता देख असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने मंत्री का बचाव किया है. उन्होंने कहा कि संभव है कि मंत्री की बेटी अपने पिता की राजनीतिक विचारधारा से अलग सोच रखती हो. इसके लिए कैबिनेट सहयोगी को निशाना बनाना ठीक नहीं है. उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि कल को अगर उनका बेटा वकालत करे तो हो सकता है वह किसी ऐसे व्यक्ति का केस लड़े जिसे वे खुद पसंद न करते हों. वहीं, मंत्री केशव महंत ने सफाई देते हुए कहा कि उनकी बेटी के दोस्त उसे ट्यूशन पढ़ने के बहाने इस विरोध प्रदर्शन में ले गए थे.
कौन हैं AGP नेता और मंत्री केशव महंत?
केशव महंत असम गण परिषद (AGP) के वरिष्ठ नेता हैं और वर्तमान में बीजेपी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार में राजस्व मंत्री हैं. वह 1996 से 1998 तक कालियाबोर से लोकसभा सांसद रह चुके हैं और 2006 से इसी सीट से विधायक बनते आ रहे हैं. इससे पहले वे स्वास्थ्य, जल संसाधन और विज्ञान-प्रौद्योगिकी जैसे मंत्रालयों का जिम्मा संभाल चुके हैं. वह 2014 से असम गण परिषद के कार्यकारी अध्यक्ष भी हैं. चुनावी हलफनामे के अनुसार उनके पास करीब 5 करोड़ रुपये की कुल संपत्ति है.
जानिए कौन हैं दिविशा महंत?
केशव महंत की बड़ी बेटी दिविशा महंत ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दौलत राम कॉलेज से राजनीति विज्ञान में ग्रेजुएशन किया है. इसके बाद उन्होंने 2025 में ब्रिटेन (लंदन) से डबल एमए की पढ़ाई पूरी की. वर्तमान में वह छात्रों से जुड़े मुद्दों पर काफी सक्रिय हैं. वह देश की शिक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और हालिया नीट विवाद पर खुलकर अपनी बात रखती हैं. हालांकि, विवाद बढ़ने के बाद ऐसा लगता है कि उन्होंने अपना सोशल मीडिया अकाउंट डीएक्टिवेट या हटा दिया है.
सीजेपी के बैनर तले हुआ था प्रदर्शन
मिली जानकारी के मुताबिक, यह वीडियो 23 जुलाई को असम के चाचल में हुए प्रदर्शन का बताया जा रहा है. तस्वीरों और वीडियो में दिविशा महंत सीजेपी के बैनर तले छात्रों के साथ प्लेकार्ड पकड़े और नारे लगाते दिखीं. इस प्रदर्शन में असम और पूर्वोत्तर के कई छात्र शामिल हुए थे, जिन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की थी. विवाद के बाद कई लोगों ने नारेबाजी में इस्तेमाल की गई भाषा को अपमानजनक बताते हुए इसकी आलोचना की है.
सरकार से बातचीत और विरोध प्रदर्शन का अंत
23 जुलाई को केंद्र सरकार के साथ बातचीत के बाद सोनम वांगचुक ने अपनी 26 दिनों की भूख हड़ताल समाप्त कर दी. इसी बीच प्रधानमंत्री मोदी ने ऐलान किया कि पेपर लीक मामलों के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाए जाएंगे और सख्त कानून लाया जाएगा. इसके बाद 25 जुलाई को धर्मेंद्र प्रधान ने शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया. सरकार द्वारा प्रदर्शनकारियों की तीनों मांगें मान लिए जाने के बाद यह आंदोलन पूरी तरह से खत्म हो गया.
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