पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड ने सबको झकझोर कर रख दिया है. अब इस मामले में एक और नया खुलासा हुआ है. जांच के दौरान अब उस कैब ड्राइवर का बयान सामने आया है, जिसकी गाड़ी से केतन अग्रवाल, सिया गोयल और उसका साहिल मुंबई एयरपोर्ट पहुंचे थे. कैब ड्राइवर ने बातचीत के दौरान कई ऐसे खुलासे किए हैं, जिसने मामले को एक नया ही मोड़ दिया है. उन्होंने बताया कि रास्ते में पहले तो सिया गाड़ी में बैठने के लिए राजी नहीं हो रही थी और जबरदस्ती बैठने के बाद वह अपने साहिल से लगातार झगड़े कर रही थी. विस्तार से जानिए पूरी बात.
ADVERTISEMENT
कैब ड्राइवर ने बताई उस दिन की पूरी बात
केतन और सिया ने पुणे से मुंबई जाने के लिए एक कैब बुक की थी, जिसका नंबर 'MH 04 MH 3772' था. इस कैब के ड्राइवर वैभव जाधव ने आज तक से खास बातचीत में उस दिन की पूरी कहानी बताई है. वैभव ने बताया कि सुबह करीब 10 बजे उन्होंने सिया और उसके भाई साहिल को पुणे से पिक किया था. लेकिन इस दौरान सिया गाड़ी में नहीं बैठना चाह रही थी और सिया-साहिल के बीच बहसबाजी भी हुई. लेकिन साहिल ने जबरन सिया को गाड़ी में बिठाया. ड्राइवर के अनुसार इसके बाद वे लोग पुणे के पिंपरी-चिंचवड नगर निगम क्षेत्र में स्थित रावेत पहुंचे और यहां से केतन अग्रवाल को अपने साथ लिया. उन्होंने यह भी बताया कि रावेत पहुंचने से पहले सिया और साहिल लगातार झगड़ा करते रहे.
'बीच रास्ते सिया ने डिक्की से कुछ निकाला था'
वैभव ने आगे बताया कि मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर एक फूड मॉल के पास सिया ने चाय पीने के लिए गाड़ी रुकवाई थी. फिर लगभग 10 मिनट के बाद वह गाड़ी के पास वापस आई और डिक्की खोलने को कहा. कैब ड्राइवर ने बताया कि सिया ने डिक्की में रखें अपने पर्स से कुछ निकाला था. फिर करीब 15-20 मिनट बाद सिया और साहिल ने वैभव को गाड़ी लेकर आने को कहा और मुंबई एयरपोर्ट के लिए रवाना हो गए. वैभव ने आगे बताया कि एयरपोर्ट पर छोड़ने के कुछ देर बाद उन्हें फोना आया कि एक छोटा बैग गाड़ी में छूट गया है तो फिर उन्होंने बैग वापस पहुंचा दिया.
ड्राइवर ने आगे बताया कि, फिर फोन आया कि केतन का पासपोर्ट गाड़ी में गिर गया है. लेकिन वैभव का कहना है कि गाड़ी पहले ही अच्छे तरीके से चेक कर ली गई थी और वहां कुछ नहीं था. इसके बावजूद उनसे वीडियो कॉल पर गाड़ी दिखाने को कहा गया. बाद में साहिल और केतन खुद पासपोर्ट ढूंढने के लिए पहुंचे लेकिन उन्हें भी नहीं मिला.
क्या जान बूझकर गायब किया गया पासपोर्ट?
वैभव के बीच रास्ते सिया का डिक्का में पर्स खुलने वाले बयान पर अब जांच एजेंसियों को शक है कि पासपोर्ट जान-बूझकर गायब किया हो सकता है. हालांकि केतन अग्रवाल हत्याकांड में पुलिस ने आरोपी सिया और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी को गिरफ्तार कर लिया है. फिलहाल जांच एजेंसियां इस पूरे मामले को प्रेम-संबंध, साजिश और आर्थिक एंगल से भी जोड़कर देख रही है. पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या बाली ट्रिप और केतन का पासपोर्ट गायब होने की घटना उसकी हत्या की साजिश का हिस्सा थी.
18 जून को हुई थी घटना!
यह चर्चित घटना 18 जून 2026 को पुणे के प्रसिद्ध लोहागढ़ किले में हुई, जहां केतन करीब 300-400 फीट गहरी खाई में गिर गया था. पहले तो इसे दुर्घटना माना गया, लेकिन बाद में जांच के दौरान पुलिस को हत्या की साजिश के संकेत मिले. जांच के दौरान ये भी खुलासा हुआ कि सिया और चेतन ने इस घटना से 4 दिन पहले भी केतन की हत्या की कोशिश की थी. पुलिस के मुताबिक, सिया और चेतन ने इंटरनेट पर हत्या के कई तरीके सर्च किए और घटना को अंजाम देने से पहले कई रिहर्सल भी किए थे. साथ ही जांच में यह भी पता चला है कि दोनों ने मोबाइल चैट और डिजिटल सबूत मिटाने की भी कोशिश की थी. फिलहाल इस हाई-प्रोफाइल केस में महाराष्ट्र सरकार ने वरिष्ठ वकील उज्जवल निकम को विशेष सरकारी वकील नियुक्त किया है.
ADVERTISEMENT


