Ketan Aggarwal Murder Case: पुणे के बेहद चर्चित लोहागढ़ केतन अग्रवाल मर्डर केस में अब हत्या की जांच के साथ-साथ एक नई कानूनी जंग शुरू हो गई है. ताजा मामला केतन की हत्या के आरोपी सिया गोयल के वकील को लेकर सामने आया है. दरअसल, पिछले कुछ दिनों से जो वकील खुद को सिया का लीगल काउंसल बताकर मीडिया में पक्ष रख रहे थे उन्हें लेकर कोर्ट रूम में नया मोड़ आ गया. यहां सिया और उसके परिवार ने वकील के इस दावों से किनारा कर लिया. मामला इतना बढ़ा कि ये विवाद 10 करोड़ रुपये के मानहानि नोटिस तक पहुंच गया है. क्या है ये पूरा विवाद चलिए जानते हैं इस खबर में...
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जानें कोर्ट रूम कैसे बदल गई तस्वीर
मिली जानकारी के मुताबिक, पिछले कई दिनों से अधिवक्ता आशुतोष श्रीवास्तव लगातार मीडिया के सामने आकर आरोपी सिया गोयल का पक्ष रख रहे थे. उनका दावा था कि वही अदालत में सिया की तरफ से यह केस लड़ रहे हैं. लेकिन सोमवार को जब यह मामला वडगांव मावल कोर्ट पहुंचा तो यहां मामले में नया मोड़ आ गया, जिसके बाद सब हैरान रह गए.
कोर्ट रूम में एक साथ खड़े हुए दो वकील
कोर्ट की कार्यवाही के सयम सिया के परिवार ने कहा गया कि उन्होंने आशुतोष श्रीवास्तव उनके वकील नहीं हैं. परिवार की तरफ से अदालत में अधिवक्ता विपुल दुशिंग पेश हुए. उन्होंने कोर्ट को बताया कि वे ही सिया गोयल के असली और अधिकृत वकील हैं. इसके बाद अदालत कक्ष में कुछ समय के लिए भ्रम की स्थिति पैदा हो गई. दरअसल, कोर्ट में सुनवाई करते हुए अभियोजन पक्ष ने पुलिस हिरासत बढ़ाने की डिमांड की तो वकील आशुतोष श्रीवास्तव खड़े हुए और सिया की तरफ से अपनी दलीलें पेश करने लगे.
उन्होंने जैसे ही अपनी बहस खत्म की तो दूसरे वकील विपुल दुशिंग भी खड़े हो गए. उन्होंने भी खुद को सिया का वकील बता दिया. अब कोर्ट में एक ही आरोपी के लिए दो दो वकील को बहस करता देख कोर्ट रूम में सब हैरान रह गए. आखिर में जब न्यायिक मजिस्ट्रेट एएम विभूते मामले में अपन आदेश सुरक्षित रखने वाले थे कि इस बीच आरोपी सिया ने खुद बोलने की परमिशन मांगी.
सिया के एक बयान से पलटा पूरा मामला
अदालत से अनुमति मिलने के बाद आरोपी सिया गोयल ने जज के सामने साफ किया कि विपुल दुशिंग ही उनके अधिकृत वकील हैं. सिया के इस बयान के बाद कोर्ट रूम का पूरा नजारा बदल गया. इस घटनाक्रम से नाराज होकर अगले ही दिन यानी मंगलवार को वकील आशुतोष श्रीवास्तव ने सिया के भाई साहिल गोयल को 10 करोड़ रुपये का नोटिस थमा दिया.
वकील आशुतोष श्रीवास्तव का बड़ा दावा
वहीं इस मामले में आशुतोष श्रीवास्तव का बयान भी सामने आया है. उन्होंने कहा कि साहिल गोयल झूठे बाेल रहे हैं. उन्होंने कहा कि साहिल ने लोगों को गुमराह करने का काम किया है. उनका दावा है कि सिया बालिग है और उसने सभी जरूरी कानूनी दस्तावेजों पर साइन करके उन्हें विधिवत अधिकृत किया है. उनका वकालतनामा कोर्ट में दाखिल हो गया है. ऐसे में हाई कोर्ट में भी इस केस को वहीं लड़ेंगे. उन्होंने कहा कि अगर सिया अपने वकील बदलना चाहती है तो उसे कानूनी प्रक्रिया के तहत पहले नियुक्त वकील से नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) लेना होगा.
भाई से कभी नहीं हुई कोई बातचीत
आशुतोष श्रीवास्तव ने बताया कि सिया के भाई साहिल गोयल से उनकी कभी बात नहीं हुई. दोनों के बीच न तो फोन पर, न ईमेल से और न ही किसी दूसरे माध्यम से कोई संपर्क हुआ था. ऐसे में साहिल द्वारा उनके खिलाफ बयान देना पूरी तरह गैर-जिम्मेदाराना है, जिसके कारण उन्हें यह कानूनी कदम उठाना पड़ा.
क्या है पूरा लोहागढ़ मर्डर केस?
आपको बता दें कि पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड में सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी मुख्य आरोपी हैं. पुलिस जांच में दावा किया गया है कि 18 जून को दोनों केतन अग्रवाल को लोहागढ़ किले पर ले गए, जहां कथित तौर पर उसे खाई में धक्का दे दिया गया. जांच के दौरान यह भी पता चला कि केतन और सिया की शादी इसी साल नवंबर में तय थी. हालांकि, पुलिस को आशंका है कि सिया इस रिश्ते से संतुष्ट नहीं थी और इसी वजह से हत्या की साजिश रची गई हो सकती है.
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