केतन अग्रवाल को खाई में धक्का देने से पहले की गई थी रिहर्सल? पुलिस की जांच में हुआ चौंकाने वाला खुलासा

Pune Ketan Agrawal Case: पुणे के कारोबारी केतन अग्रवाल की कथित हत्या अब और रहस्यमयी होती जा रही है. जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी सिया गोयल और चेतन चौधरी ने वारदात से पहले खाई में धक्का देने की कथित रिहर्सल की थी. पुलिस ने सिया के घर से वारदात के दिन के कपड़े जब्त किए हैं. वहीं मामले की कड़ियों को जोड़ने के लिए पुलिस ने अदालत से सिया का लाई डिटेक्टर टेस्ट कराने की इजाजत मांगी है.

केतन हत्याकांड में बड़ा खुलासा. (Photo: ITG)
केतन हत्याकांड में बड़ा खुलासा. (Photo: ITG)

ओमकार

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Ketan Agrawal Murder Case: पुणे के मशहूर कारोबारी केतन अग्रवाल की कथित हत्या के मामले में हर दिन चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं. इस हाई-प्रोफाइल केस की जांच कर रही पुलिस टीम गुरुवार को आरोपी सिया गोयल को पुणे के लुल्लानगर एक स्पाॅट पर लेकर पहुंची. जांच एजेंसियों का अनुसार आरोपी सिया और चेतन चौधरी ने इसी जगह पर केतन अग्रवाल को खाई में धक्का देने का अभ्यास यानी रिहर्सल किया था. पुलिस ने मौके पर पहुंचकर पूरे घटनाक्रम को समझने और दोनों आरोपियों की कड़ियों को जोड़ने की कोशिश की है.

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घर से बरामद किए वारदात के दिन पहने कपड़े

लुल्लानगर में जांच करने के बाद लोणावला ग्रामीण पुलिस की टीम आरोपी सिया गोयल को उसके घर लेकर गई. पुलिस टीम करीब डेढ़ घंटे तक सिया के घर पर रही. पुलिस ने यहां से 18 तारीख को वारदात के दिन सिया ने जो कपड़े पहलने थे उन्हें अपने कब्जे में लिया. जांच में पता चला कि केतन को लोहगढ़ किले से नीचे फेंकने की जो कथित साजिश रची गई थी, उसका रिहर्सल सिया के घर से महज पांच मिनट की दूरी पर किया गया था. इस खुलासे से साफ संकेत मिल रहे हैं कि केतन अग्रवाल की कथित तौर हत्या पूरी प्लानिंग के साथ की गई थी.

पुलिस ने मांगी पॉलीग्राफ टेस्ट की इजाजत

इस मामले में पुणे ग्रामीण पुलिस ने अब एक बड़ा कदम उठाया है. पुलिस ने वडगांव मावल अदालत में अर्जी दाखिल कर आरोपी सिया गोयल का पॉलीग्राफ यानी लाई डिटेक्टर टेस्ट कराने की परमिशन मांगी है. पुलिस का कहना है कि हालांकि दोनों आरोपियों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं, लेकिन मामले की तह तक जाने और जांच को आगे बढ़ाने के लिए यह टेस्ट बेहद जरूरी हो गया है.

आखिर किसने दिया खाई में धक्का? उलझी पुलिस की गुत्थी

अदालत में दी गई अर्जी में पुलिस ने माना है कि सिया गोयल और चेतन चौधरी के बयानों के बावजूद अब तक कोई भी चश्मदीद गवाह सामने नहीं आया है. अभी तक ये साफ नहीं हो सका है कि केतन अग्रवाल को खाई में किसने धक्का दिया था. अब तक मिले सबूत भी इस बड़े सवाल का जवाब देने में नाकाम रहे हैं. ऐसे में पुलिस को उम्मीद है कि पॉलीग्राफ टेस्ट के जरिए इस मर्डर मिस्ट्री से जुड़े कुछ बेहद अहम सुराग हाथ लगने की संभावना है.

आरोपी की मंजूरी के बिना नहीं हो सकता यह टेस्ट

जांच अधिकारियों ने कहा कि पॉलीग्राफ टेस्ट की रिपोर्ट को अदालत में अंतिम या स्वतंत्र सबूत के तौर पर मान्यता नहीं मिलती है. इस टेस्ट का मुख्य मकसद केवल जांच एजेंसियों को एक सही दिशा देना और नए सुराग ढूंढने में मदद करना होता है. यदि टेस्ट के दौरान कोई जरूरी जानकारी मिलती है तो उसके आधार पर अलग से स्वतंत्र सबूत जुटाने का काम किया जाता है.

इस बीच सिया गोयल के वकील विपुल दुशिंग ने कहा कि उन्हें जानकारी मिली है कि पुलिस ने अदालत से पॉलीग्राफ टेस्ट की परमिशन मांगी है. उन्होंने बताया कि ऐसा टेस्ट कराने से पहले कई कानूनी और तकनीकी प्रक्रियाओं का पालन करना आवश्यक होता है. सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि किसी भी आरोपी का पॉलीग्राफ टेस्ट उसकी इजाजत के बिना नहीं कराया जा सकता. अब इस मामले में अदालत के फैसले और आरोपी की सहमति पर आगे की जांच की दिशा काफी हद तक निर्भर करेगी.

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