वेडिंग टिकट करवा रही लेकिन शादी होने वाली है नहीं... सिया गोयल के स्नैपचैट मैसेज से चेतन मर्डर मामले में आया नया ट्विस्ट

ओमकार

• 03:48 PM • 04 Jul 2026

केतन अग्रवाल हत्याकांड में आरोपी सिया गोयल की एक चौंकाने वाली स्नैपचैट चैट सामने आई है, जिसमें शादी के बहाने फ्लाइट टिकट बुकिंग के लिए आधार कार्ड मांगने की बात मर्डर प्लॉट को छिपाने की साजिश की तरफ इशारा करती है.

चेतन मर्डर केस
चेतन मर्डर केस
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पुणे के केतन अग्रवाल हत्याकांड में एक ऐसा मोड़ आया है जिसने पुलिस प्रशासन से लेकर आम जनता तक सबको चौंका दिया है. इस हाई-प्रोफाइल मर्डर मिस्ट्री की कड़ियों को जोड़ रही जांच टीम के हाथ अब एक ऐसा डिजिटल सुराग लगा है जो इस पूरी वारदात के पीछे एक बेहद ठंडे दिमाग से रची गई साजिश की तरफ इशारा कर रहा है. पुलिस अब मुख्य आरोपी सिया गोयल के स्नैपचैट अकाउंट की खाक छान रही है.

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स्नैपचैट चैट से खुला बड़ा राज

सूत्रों के मुताबिक, पुलिस के हाथ 25 मई की एक कथित स्नैपचैट बातचीत लगी है. इस चैट में आरोपी सिया गोयल अपनी एक सहेली से फ्लाइट टिकट बुक करने के नाम पर उसका आधार कार्ड मांग रही है. लेकिन चौंकाने वाली बात वो नहीं है जो मांगी गई बल्कि वो है जो सिया ने आगे लिखी.

सिया ने बेहद बेफिक्री से हिंदी में मैसेज किया, "आधार कार्ड फ्रंट और बैक भेज दे फॉर वेडिंग टिकिट्स, जो होने नहीं वाली पर फिर भी भेज दे." अब जांच अधिकारी इसी लाइन का सिरा पकड़कर आगे बढ़ रहे हैं. पुलिस को शक है कि हवाई टिकटों का यह पूरा ताना-बाना सिर्फ एक दिखावा था.

मर्डर प्लॉट को छिपाने का मास्टरप्लान?

जांच टीम का मानना है कि इस चैट और टिकटों के बहाने सिया शायद दुनिया और केतन के सामने यह जताने की कोशिश कर रही थी कि दोनों के बीच शादी की तैयारियां बिल्कुल नॉर्मल चल रही हैं. ऐसा इसलिए किया गया ताकि अगर केतन के साथ कोई अनहोनी हो भी जाए, तो शक की सुई कभी सिया की तरफ न घूमे. हालांकि, पुलिस अधिकारियों का यह भी कहना है कि इस डिजिटल बातचीत की कानूनी अहमियत तभी साबित होगी जब इसकी फोरेंसिक और तकनीकी जांच पूरी हो जाएगी. इसलिए फिलहाल इसे अंतिम सच नहीं माना जा सकता.

क्या हुआ था उस दिन? 

केतन के पिता विशाल देवीचंद अग्रवाल द्वारा दर्ज कराई गई एफआईआर (FIR) इस पूरे मामले की खौफनाक कहानी बयां करती है. शिकायत के मुताबिक, यह कोई हादसा नहीं बल्कि एक सोची-समझी हत्या थी. जिसे सिया और उसके साथी चेतन ने मिलकर अंजाम दिया.

घटनाक्रम कुछ इस तरह सामने आया है कि 18 जून की सुबह केतन हमेशा की तरह अपने घर से निकला. उसने पुणे-मुंबई हाईवे पर किवाले ब्रिज से सिया को अपनी गाड़ी में बिठाया और दोनों लोहागढ़ फोर्ट (किले) की तरफ निकल गए. दोपहर का वक्त अचानक सिया ने केतन की मां को फोन कर बदहवास आवाज में बताया कि केतन पैर फिसलने की वजह से लोहागढ़ किले की एक गहरी खाई में गिर गया है. स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से केतन को खाई से बाहर निकालकर अस्पताल ले जाया गया लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी; डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.

ऐसे गहराया हत्या का शक

शुरुआत में इसे एक हादसा माना जा रहा था, लेकिन 21 जून को जब केतन के पिता और उनके कुछ रिश्तेदार खुद उस घटना स्थल का मुआयना करने पहुंचे तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई. उस जगह को देखकर साफ लग रहा था कि वहां से किसी का गलती से फिसलना लगभग नामुमकिन है.

इसके अलावा, परिवार को सिया के बर्ताव पर भी काफी समय से शक था. उनका आरोप है कि सिया का फोन अक्सर बिजी रहता था और वह बातों-बातों में हमेशा 'चेतन' नाम के एक लड़के का जिक्र करती थी. परिवार को पूरा अंदेशा है कि सिया और चेतन के बीच अफेयर था और इसी रास्ते के कांटे को हटाने के लिए केतन को चट्टान से नीचे धकेल दिया गया. फिलहाल पुलिस हर एक पहलू को खंगाल रही है और इस स्नैपचैट चैट के सामने आने के बाद आरोपियों की मुश्किलें बढ़ना तय माना जा रहा है.

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