"दिल्ली में नॉर्थ-ईस्ट का हर परिवार आज खौफ में है", मणिपुरी म्यूजिशियन चोंगथम विक्रम सिंह की हत्या पर भड़के राहुल गांधी

अलका कुमारी

08 Sep 2026 (अपडेटेड: Sep 8 2026 1:27 PM)

साउथ दिल्ली में शोर मचाने का विरोध करने पर मणिपुर के पूर्व संगीतकार चोंगथम विक्रम सिंह की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई. इस वारदात के बाद 8 आरोपी पकड़े गए हैं और घटना को लेकर राजधानी में पूर्वोत्तर के लोगों का आक्रोश और राजनीतिक बहस तेज हो गई है.

चोंगथम विक्रम सिंह
चोंगथम विक्रम सिंह
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दिल्ली में मणिपुर के रहने वाले रिटायर्ड म्यूजिक टीचर चोंगथम विक्रम सिंह की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई. उनका कसूर सिर्फ इतना था कि उन्होंने घर के बाहर शोर मचा रहे कुछ लड़कों को चीखने-चिल्लाने से मना किया था.  सिर्फ इतनी सी बात पर अगर किसी को अपनी जान गंवानी पड़े तो ये सवाल उठना लाजमी है कि क्या हम अपने ही देश की राजधानी में सुरक्षित हैं?

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घटना रविवार यानी 6 सितंबर के रात के करीब 11:30 बजे की है. 55 साल के चोंगथम विक्रम सिंह अपने परिवार के साथ साउथ दिल्ली के किलोकरी गांव में अपने घर पर थें. हर रोज की तरह उस दिन भी वो अपने घर से कूड़ा डालने के लिए 3rd फ्लोर से नीचे आए. उन्होंने देखा की उनके घर के सामने कुछ डिलीवरी बॉय और ढाबा कर्मचारी हंगामा कर रहे थे. जब शोर काफी बढ़ गया तो विक्रम सिंह ने उन युवकों से शोर न मचाने और शांति बनाए रखने की अपील की लेकिन पुलिस के मुताबिक, वहां मौजूद युवक, जिनमें से ज्यादातर डिलीवरी एग्जीक्यूटिव के रूप में काम करते हैं, इस बात पर उनसे उलझ गए."

देखते ही देखते यह बहस बेहद हिंसा में बदल गई. उन युवकों ने विक्रम सिंह पर जानलेवा हमला कर दिया और उन्हें बुरी तरह पीटा गया. जिसकी वजह से उन्हें गंभीर चोटें आईं. हमले के तुरंत बाद, उनका बेटा यैफाबा उन्हें इलाज के लिए ओखला स्थित 'होली फैमिली अस्पताल' लेकर भागा, लेकिन विक्रम सिंह की हालत बेहद नाजुक थी. घाव इतने गहरे थे कि दवाई भी असर नहीं कर सकी और सोमवार, यानी 7 सिंतबर की सुबह उन्होंने अस्पताल में दम तोड़ दिया. अस्पताल की मेडिकल रिपोर्ट के अनुसार, उनकी मौत का कारण 'BLUNT फोर्स ट्रॉमा' यानी किसी भारी चीज से वार के कारण अंदरूनी चोट लगना था. 

Indian Express की एक रिपोर्ट के अनुसार साउथ-ईस्ट दिल्ली के DCP विनीत कुमार ने इस घटना की जानकारी देते हुए बताया कि वे खुद वरिष्ठ अधिकारियों के साथ पीड़ित परिवार और समुदाय के लोगों से मिले और उन्हें त्वरित और निष्पक्ष कानूनी कार्रवाई का आश्वासन दिया.....पुलिस की अब तक की जांच में सभी 7 मुख्य बालिग आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि एक नाबालिग को भी हिरासत में लिया गया है पकड़े गए आरोपियों की उम्र 19 से 36 साल के बीच है और वे इलाके में डिलीवरी एजेंट का काम करते हैं. मामले में आगे की कानूनी जांच जारी है."

नार्थ ईस्ट के लोगों में भारी गुस्सा 

वहीं दूसरी तरफ चोंगथम विक्रम सिंह की मौत के बाद लोगों में भारी गुस्सा है. विक्रम सिंह की हत्या के विरोध में मणिपुर के लोगों ने दिल्ली की सड़कों पर कैंडल मार्च निकाला. लोगों ने हाथों में मोमबत्तियां लेकर मृतक को श्रद्धांजलि दी. साथ ही आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है. प्रदर्शन में शामिल लोगों का कहना है कि ऐसी घटनाओं को किसी भी कीमत पर नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए. प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग की है .

राहुल गांधी ने पूछा सवाल

इस घटना के बाद न सिर्फ पूर्वोत्तर के लोगों में बल्कि राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी गहरा आक्रोश देखा जा रहा है. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी ट्वीट करते हुए राजधानी दिल्ली के कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं. राहुल गांधी ने एक्स पर लिखा, ''एक पिता की हत्या उसके अपने ही घर के बाहर, उसके ही देश की राजधानी में कर दी गई. ऐसी कई घटनाओं के बाद, आज दिल्ली में रहने वाला हर नॉर्थ-ईस्ट का परिवार यही सवाल पूछ रहा है- क्या हम यहां सुरक्षित हैं?'..

राहुल गांधी ने सवाल पूछा कि, ''अमित शाह का गृह मंत्रालय और दिल्ली पुलिस इस बढ़ती अराजकता को रोकने के लिए क्या कर रही है, खासकर नॉर्थ-ईस्ट के लोगों के खिलाफ? इस मामले की जल्द से जल्द जांच होनी चाहिए और दोषियों को सजा मिलनी चाहिए. विक्रम के परिवार के प्रति मेरी संवेदनाएं.''

वहीं मणिपुर के पूर्व मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने भी इस घटना पर गहरा दुख जताया. उन्होंने दिल्ली पुलिस और दिल्ली सरकार से मांग की कि मामले में सबूतों के आधार पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए और न्याय जल्द से जल्द मिले.

कौन थे चोंगथम विक्रम सिंह?

"चोंगथम विक्रम सिंह कोई साधारण व्यक्ति नहीं थे, बल्कि वे मणिपुर के रॉक म्यूजिक के शुरुआती दौर के अग्रदूतों में से एक थे.  उन्होंने अपने करियर की शुरुआत 'अल्ट्रा वायरस'  नाम के बैंड से की थी. इसके बाद, 1980 के दशक की शुरुआत में वे मणिपुर के मशहूर और लेजेंडरी रॉक बैंड 'फीनिक्स' के लीड गिटारिस्ट बने. फीनिक्स के बाद वे स्थानीय स्तर पर बेहद लोकप्रिय बैंड 'ईस्टर्न डार्क' से जुड़े. जिसके कुछ टाइम बाद ही वे मणिपुर छोड़कर नई दिल्ली आ गए, जहां अब बच्चों को गिटार सिखाते थे और एक म्यूजिशियन के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे थेय"

उनकी ह्त्या के बाज फीनिक्स बैंड के लीड सिंगर विवेक शर्मा ने उन्हें याद करते हुए कहा कि विक्रम जी एक बेहद विनम्र और बिना किसी अहंकार वाले इंसान थे. वे पर्दे के पीछे रहकर बिना किसी तारीफ की चाह के अपना सर्वश्रेष्ठ काम करते थे. इतना ही नहीं, विक्रम एक समृद्ध संगीतमय परिवार से आते थे.  उनकी मां का नाम  चोंगथम कमला है, जो मणिपुर की जानी-मानी क्लासिकल सिंगर हैं. उन्हें एक समय में मणिपुर की लता मंगेशकर भी कहा जाता था. 

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