Meerut Kanwariya Dispute Video Viral: उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में कांवड़ यात्रा के दौरान कांवड़ियों की मारपीट का एक वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है. इस वीडियो में भीड़, चीख-पुकार और पुलिस की जीप के पास दो लोगों की बेरहमी से पिटाई होती दिखाई दे रही है. वीडियो सामने आने के बाद इंटरनेट पर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं. कई पोस्ट्स में दावा किया जाने लगा कि कांवड़ियों ने सादी वर्दी में मौजूद पुलिसकर्मियों को जीप से खींचकर पीटा है और मौके पर गाड़ी में आग लगाने तक की बातें की जा रही थीं.
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खेतों तक खदेड़कर डंडों से की गई पिटाई
वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि बड़ी संख्या में लोग दो युवकों के साथ मारपीट कर रहे हैं. दोनों युवक पुलिस की जीप में बैठे हुए थे, जिन्हें उग्र भीड़ ने बाहर खींच लिया और पीटना शुरू कर दिया. मौके पर मौजूद एक वर्दीधारी पुलिसकर्मी भीड़ को रोकने की कोशिश करता नजर आ रहा है, लेकिन भीड़ का गुस्सा शांत नहीं हुआ. फटे कपड़ों में एक युवक जान बचाने के लिए खेतों की तरफ भागता है, लेकिन भीड़ डंडों के साथ उसका पीछा करती है और खेतों में भी उसकी पिटाई करती है.
अब जानिए क्या था मामला?
मेरठ के एसपी सिटी विनायक गोपाल भोंसले ने बताया कि 3 अगस्त की रात करीब 2:30 बजे दो कांवड़िया समूह आमने-सामने आ गए, जिसके बाद उनके बीच विवाद और मारपीट हो गई. वीडियो में जिस वाहन में बैठे व्यक्ति दिखाई दे रहे हैं, उनकी पहचान सोनू के रूप में हुई है जो मूल रूप से बिहार के रहने वाले हैं और फिलहाल गौतम बुद्ध नगर में रहते हैं. वह अपने साथी गुड्डू के साथ हरिद्वार से गंगाजल लेने जा रहे थे. इसी दौरान सामने से आ रहे दूसरे कांवड़िया समूह से उनका विवाद हो गया था.
की जा रही है कानूनी कार्रवाई
एसपी सिटी के मुताबिक, सूचना मिलते ही दौराला थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को शांत कराने का प्रयास किया. सोनू और उसके साथी गुड्डू को सुरक्षा के लिए पुलिस वाहन में बैठाया गया. इसी दौरान दूसरा पक्ष उग्र हो गया, जिसका दृश्य वायरल वीडियो में दिखाई दे रहा है. एसपी सिटी ने बाताया कि दोनों पक्षों को थाने लाकर उनका मेडिकल कराया गया है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है.
मेरठ पुलिस ने किया अफवाहों का खंडन
उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में कांवड़ियों ने पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट की और उनकी वर्दी फाड़ने का ये दावा गलत है. पुलिस ने इन दावों को पूरी तरह असत्य और भ्रामक करार दिया. पुलिस का स्पष्ट कहना है कि यह हमला पुलिसकर्मियों पर नहीं हुआ था और ना ही किसी पुलिसकर्मी की वर्दी फाड़ी गई है. वायरल हो रही बातें पूरी तरह से गलत हैं.
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