सोशल मीडिया पर ई-रिक्शा बंद करने वाला 'BAT-BMS' ऐप का मजाक पड़ सकता है भारी, सीधे होगी जेल और जुर्माना, जानें कैसे कर रहा है ये काम

अलका कुमारी

• 01:50 PM • 03 Jul 2026

BAT-BMS ऐप से बिना पासवर्ड वाली चीनी ब्लूटूथ बैटरी को दूर से बंद करने का यह मजाक भारी पड़ सकता है, क्योंकि बिना सहमति ई-रिक्शा के सिस्टम से छेड़छाड़ करने पर साइबर कानून के तहत 3 साल की जेल और 5 लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है.

ई-रिक्शा की बैटरी हो रही है बंद
ई-रिक्शा की बैटरी हो रही है बंद
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सोशल मीडिया पर इन दिनों से कुछ वीडियोज काफी वायरल हो रहे है जिसमें कोई भी व्यक्ति एक ऐप का इस्तेमाल करके सड़क पर चल रही ई-रिक्शा की बैटरी को आसानी से बंद कर पा रहा है. कुछ लोग ऐसा भले ही मजाक में कर रहे हो लेकिन उनकी इस हरकत ने कई ई-रिक्शा चलाने वालों की जिंदगी काफी मुश्किल कर दी है.

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कई ऐसे वीडियोज भी सामने आ रहे हैं जिसमें ई-रिक्शा चालक रोते हुए बता रहा है कि कैसे किसी के इस मजाक ने उनकी दिन भर की कमाई का जरिया छीन लिया. अब जिस ऐप का इस्तेमाल करके ऐसा किया जा रहा है उसका नाम है BAT-BMS. तो अगर आप भी इसे महज़ एक मजाक समझकर आजमाने की सोच रहे हैं तो रुक जाइए, क्योंकि ऐसा करना आपको सीधे जेल की सलाखों के पीछे पहुंचा सकता है. 

दरअसल देश के जाने-माने साइबर कानून विशेषज्ञ और इंटरनेशनल कमीशन ऑफ साइबर सिक्योरिटी लॉ के चेयरमैन पवन दुग्गल ने इस मामले पर बड़ी चेतावनी दी है. उन्होंने बताया कि अगर कोई व्यक्ति ई-रिक्शा के कंप्यूटर सिस्टम में मालिक की जानकारी या सहमति के बिना बेईमानी या धोखाधड़ी की नीयत से एंटर करता है या उसमें छेड़छाड़ करता है तो ये कानून के तहत अपराध माना जाएगा. ऐसे अपराध के लिए 3 साल तक की जेल और 5 लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है'

अब सवाल ये है कि आखिर ये कौन सा ऐप है और कैसे सड़क पर चल रही किसी भी ई-रिक्शा की बैटरी को बंद कर पा रहा है, चलिए जानते हैं. 

क्या है BAT-BMS APP

दरअसल BAT-BMS रियल टाइम बैटरी मैनेजमेंट टूल है जिसे एक चाइनीज कंपनी शेन्ज़ेन ग्रेनर्जी टेक्नोलॉजी ने डेवलप किया है. इसे इसलिए बनाया गया था ताकि ई-रिक्शा चलाने वाले अपने फोन पर ही देख सकें कि उनकी लिथियम बैटरी कितनी चार्ज है, कैसे काम कर रही है और मोटर को कितनी पावर दे रही है. वैसे तो ये काम की चीज है, लेकिन अब कुछ लोग इससे दूसरों को परेशान कर रहे हैं.

असल में दिल्ली में चलने वाले ज्यादातर ई-रिक्शों में सस्ते चीन के बने बैटरी पैक लगे हैं. इन बैटरियों में ब्लूटूथ तो है लेकिन सिक्योरिटी के लिए कोई पासवर्ड या पिन नहीं है. इसका फायदा उठाकर कोई भी अजनबी इस ऐप को चालू करके किसी भी ई-रिक्शा की बैटरी से कनेक्ट हो जाता है वो भी बिना ड्राइवर की मर्जी के. एक बार कनेक्ट होने के बाद ऐप में बैटरी को बंद करने का एक बटन यानी डिस्चार्ज स्विच होता है. जैसे ही कोई उस बटन को दबाता है, चलती हुए ई-रिक्शा की मोटर तुरंत बंद हो जाती है. चाहे रिक्शा भारी ट्रैफिक के बीच ही क्यों न हो.

ये ऐप कितनी दूर से काम कर जाता है?

सबसे हैरान करने वाली बात ये है कि इसके लिए रिक्शा के पास जाने की भी जरूरत नहीं है. ये ऐप 10 से 15 मीटर यानी लगभग 30 से 40 फीट की दूरी से भी काम कर जाता है. इसका मतलब ये हुआ कि फुटपाथ पर खड़ा कोई इंसान पास से गुजरने वाले बाइक सवार या किसी दूसरी गाड़ी में बैठा इंसान दूर से ही चलते रिक्शा की बत्ती गुल कर सकता है. 

क्या देश की सभी ई-रिक्शा या इलेक्ट्रिक गाड़ियां इससे बंद हो सकते हैं? 

तो इस सवाल का जवाब है नहीं. इंडिया टुडे की एक रिपोर्ट के अनुसार भले ही ये ऐप बैटरी को बंद कर सकती है है. लेकिन इससे सभी ई-रिक्शा जोखिम में नहीं हैं. ये ऐप सिर्फ उन्हीं गाड़ियों पर असर डाल सकता है जो कुछ खास शर्तों को पूरा करते हैं. पहली शर्त ये कि वाहन में ब्लूटूथ सपोर्ट करने वाली लिथियम-आयन बैटरी लगी हो. दूसरी शर्त ये है कि बैटरी का ब्लूटूथ कनेक्शन बिना पासवर्ड के ओपन छोड़ दिया गया हो. 

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