दिव्यांग युवती के साथ 5 महीने पहले रेप का हुआ हैरान करने वाला खुलासा, DNA रिपोर्ट से पिता तक पहुंची पुलिस

Mumbai Rape Case: मुंबई में दिव्यांग युवती से दुष्कर्म के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है. कफ परेड पुलिस ने डीएनए रिपोर्ट के आधार पर पीड़िता के पिता को गिरफ्तार किया है. जांच में सामने आया कि पीड़िता के गर्भ में पल रहे 5 महीने के भ्रूण का डीएनए आरोपी पिता से मैच हुआ. मामले में अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस आगे की जांच कर रही है.

Mumbai rape case
मुंबई रेप केस में हुआ बड़ा खुलासा

दीपेश त्रिपाठी

follow google news

मुंबई से रिश्तों को शर्मसार करने वाली एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने सबको झकझोर दिया है. यहां कफ परेड पुलिस ने 20 साल की मानसिक रूप से दिव्यांग लड़की के साथ हुए रेप के मामले में उसके सगे पिता को गिरफ्तार किया है. यह गिरफ्तारी महीनों बाद डीएनए (DNA) रिपोर्ट के आधार पर की गई है, जिससे यह साफ हो गया कि पीड़िता के गर्भ में पल रहे पांच महीने के भ्रूण का पिता कोई और नहीं, बल्कि उसका अपना पिता ही था. आइए विस्तार से जानते हैं इस पूरी कहानी.

Read more!

क्या है पूरा मामला?

पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक यह मामला अक्टूबर 2025 का है. दक्षिण मुंबई के कामा एंड अल्बलेस अस्पताल से उस वक्त कफ परेड पुलिस को एक कॉल आया था. फोन करने वाले ने बताया कि एक मानसिक रूप से बीमार 20 साल की महिला को अस्पताल में पेट दर्द के कारण भर्ती कराया गया था, लेकिन वह 5 महीने की प्रेग्नेंट है. 

मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस अस्पताल पहुंची लेकिन उनके सामने एक बड़ी चुनौती आ गई. महिला मानसिक रूप से बीमार होने के साथ-साथ कुछ बोल भी नहीं पाती थी. फिर पुलिस ने मामले की जांच के लिए पीड़िता के पिता, परिवार के अन्य सदस्य, पड़ोसी सहित लगभग 16 लोगों का DNA सैंपल लिया.

DNA रिपोर्ट ने खोला राज

पुलिस ने यह भी बताया कि कानूनी प्रक्रिया के तहत पीड़िता का गर्भपात कराया और उसके भ्रूण का DNA भी कलिना फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी भेजा गया है. 27 जनवरी को लैब की फोरेंसिक रिपोर्ट में पिता के DNA और भ्रूण से लिए गए सैंपल के बीच मैच की पुष्टि हुई, जिसके बाद मंगलवार को उसे गिरफ्तार कर लिया गया.

डर के साये में थी पीड़िता

जांच में यह भी सामने आया है कि इस घिनौने अपराध में केवल पिता ही नहीं, बल्कि अन्य लोग भी शामिल थे. कफ परेड पुलिस स्टेशन के एक अधिकारी ने कहा, 'हमने शुरू में 16 साल के एक लड़के और 32 साल के एक आदमी को गिरफ्तार किया था, दोनों कफ परेड झुग्गी बस्ती के रहने वाले हैं.' पीड़िता ने तस्वीरों और विजुअल एड्स का इस्तेमाल करके उनकी पहचान की थी. उनके खिलाफ पहले ही चार्जशीट दायर की जा चुकी है.

पीड़िता ने शुरू में डर के कारण अपने पिता का नाम नहीं लिया था। वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, 'काउंसलिंग सत्र के दौरान पीड़िता ने खुलासा किया कि उसके पिता ने भी उसके साथ यौन उत्पीड़न किया था, लेकिन उसे डर था कि पुलिस उसके पिता को ले जाएगी और वह अकेली रह जाएगी.'

काउंसलिंग और NGO की मदद

पीड़िता की स्थिति को देखते हुए सहायक पुलिस निरीक्षक अश्विनी पाटिल ने बाल अधिकारों के लिए काम करने वाली संस्था विधायक भारती की मदद ली. संस्था की लीना पटाडे ने बताया कि पीड़िता बेहद डरी हुई थी और उसे आरोपियों द्वारा धमकी दी गई थी. जांच में पता चला कि आरोपियों ने उसकी लाचारी का फायदा उठाकर उसे सुनसान जगहों और उसके घर पर तब अपना शिकार बनाया जब वह अकेली होती थी. फिलहाल इस मामले में पुलिस BNS के विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है.

यह खबर भी पढ़ें: हाथ में कलावा पहन लड़कियों को प्यार का झांसा देता था अजफरुल...300 युवतियों से ब्लैकमेलिंग और रेप की होश उड़ा देने वाली कहानी आई सामने

    follow google news