Re NEET 2026 रिजल्ट पर मचा बवाल, आंसर-की में थे 522 अंक, स्कोरकार्ड में आए केवल 95

न्यूज तक डेस्क

19 Jul 2026 (अपडेटेड: Jul 20 2026 11:44 AM)

NEET UG 2026 री-एग्जाम के रिजल्ट के बाद महाराष्ट्र के बीड जिले के कई छात्रों ने स्कोरकार्ड में गड़बड़ी का आरोप लगाया है. उनका कहना है कि अंक आधिकारिक आंसर-की से मेल नहीं खाते. परिवारों ने जांच, संशोधित रिजल्ट और जरूरत पड़ने पर अदालत जाने की तैयारी की है.

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Re NEET 2026 रिजल्ट पर मचा बवाल ? क्या है पूरा मामला ?
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NEET UG 2026 री-एग्जाम का रिजल्ट जारी होने के बाद एक बार फिर विवाद खड़ा हो गया है. महाराष्ट्र के बीड जिले के कई छात्रों और उनके परिवारों ने आरोप लगाया है कि उनके स्कोरकार्ड में दर्ज अंक, NTA की आधिकारिक आंसर-की के अनुसार बनने वाले अंकों से मेल नहीं खाते. इस मामले में प्रभावित परिवारों ने जांच की मांग की है और जरूरत पड़ने पर अदालत जाने की बात भी कही है.

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रिजल्ट के बाद सामने आए सवाल

राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने 16 जुलाई को री-NEET का परिणाम जारी किया था. यह परीक्षा 21 जून को आयोजित की गई थी. इससे पहले 3 मई को हुई NEET UG 2026 परीक्षा पेपर लीक के आरोपों के बाद रद्द कर दी गई थी, जिसके बाद दोबारा परीक्षा कराई गई.

रिजल्ट आने के बाद बीड जिले के कई छात्रों ने दावा किया कि उनके स्कोरकार्ड में दिखाए गए अंक वास्तविक प्रदर्शन से काफी कम हैं.

522 की जगह मिले 95 अंक होने का दावा

छात्र सोहम गावते के परिवार का कहना है कि आधिकारिक आंसर-की के आधार पर उसके लगभग 522 अंक बनने चाहिए थे. लेकिन जारी स्कोरकार्ड में उसे केवल 95 अंक दिए गए. परिवार का कहना है कि इस परिणाम से छात्र मानसिक रूप से काफी परेशान है और उसे काउंसलिंग तक लेनी पड़ी.

सोहम के पिता नितिन गावते ने कहा कि यदि जल्द सुधार नहीं किया गया तो वे कानूनी कार्रवाई करेंगे.

'702 की उम्मीद थी, स्कोरकार्ड में सिर्फ 87 अंक'

एक अन्य छात्रा ज्ञानेश्वरी पवार ने भी गंभीर आरोप लगाए हैं. परिवार का दावा है कि NTA ने गलती से किसी अन्य उम्मीदवार की OMR शीट अपलोड कर दी. उनका कहना है कि आधिकारिक आंसर-की के अनुसार छात्रा के करीब 702 अंक बनने चाहिए थे, लेकिन स्कोरकार्ड में सिर्फ 87 अंक दर्ज हैं.

ज्ञानेश्वरी के पिता अनिलकुमार पवार ने बताया कि उनके पास परीक्षा के दौरान इस्तेमाल किया गया मूल प्रश्न पत्र मौजूद है, जिसके आधार पर वे अपने दावे को सही साबित कर सकते हैं.

मेडिकल एडमिशन पर असर की चिंता

प्रभावित छात्रों के अभिभावकों का कहना है कि यदि जल्द गलती नहीं सुधारी गई तो उनके बच्चों के मेडिकल कॉलेज में प्रवेश पर सीधा असर पड़ सकता है. इसलिए उन्होंने NTA से निष्पक्ष जांच, मूल्यांकन प्रक्रिया की समीक्षा और त्रुटि मिलने पर संशोधित स्कोरकार्ड जारी करने की मांग की है.

NTA की ओर से अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं

फिलहाल स्कोरकार्ड में गड़बड़ी के आरोपों पर नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है. अब सभी की नजर एजेंसी की प्रतिक्रिया और संभावित जांच पर टिकी हुई है.

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