इस्तीफे के बाद जंतर-मंतर पर जश्न, छात्रों ने गाया राष्ट्रगान, अभिजीत दीपके बोले- 'झुकती है दुनिया...'

न्यूज तक डेस्क

• 03:25 PM • 25 Jul 2026

छात्रों के भारी विरोध के बीच शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है, जिसके बाद जंतर-मंतर पर जश्न मनाया गया. वहीं 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) ने इस कदम को लोकतंत्र की जीत बताते हुए पीड़ित परिवारों के लिए मुआवजे और छात्रों पर दर्ज केस वापस लेने की मांग उठाई है.

अभिजीत दीपके
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शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का ऐलान होते ही दिल्ली के जंतर-मंतर पर ढोल-नगाड़ों और नारों की गूंज सुनाई देने लगी. महीनों से विरोध-प्रदर्शन कर रहे छात्रों की आंखों में राहत और जीत की खुशी साफ नजर आई. आंदोलन स्थल पर "छात्र एकता जिंदाबाद" के नारे गूंज उठे. इस मौके पर छात्रों ने एक साथ मिलकर राष्ट्रगान गाया और नीट पेपर लीक विवाद के दौरान जान गंवाने वाले साथी छात्रों की याद में दो मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि दी.

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कॉकरोच एक बार घुसता है तो निकलता नहीं

इस्तीफे के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के फाउंडर अभिजीत दीपके का एक तीखा और बेबाक बयान सामने आया. जंतर-मंतर पर छात्रों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, "लोग कहते थे कि इस सरकार में कोई इस्तीफा नहीं होता, ये मनमानी सरकार है. लेकिन हमने साबित कर दिया कि 'झुकती है दुनिया, झुकाने वाला चाहिए'. जो लोग मुझसे पिछले एक महीने से पूछ रहे थे कि कब तक बैठे रहोगे, आज उन्हें जवाब मिल गया है."

अभिजीत ने साफ किया कि आंदोलन अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है. उन्होंने कहा, "कॉकरोच की फितरत होती है—वह एक बार कहीं घुस जाए तो आसानी से निकलता नहीं. हमने एक मंत्री का इस्तीफा तो ले लिया है, लेकिन हमारी दो अहम मांगें अभी भी बाकी हैं."

CJP की मुख्य मांगें

  • नीट धांधली की वजह से जिन छात्रों ने तंग आकर सुसाइड किया, उनके परिवारों को सरकार 1-1 करोड़ रुपये का मुआवजा दे.
  • प्रदर्शनकारी छात्रों पर दर्ज किए गए सभी पुलिस केस तुरंत वापस लिए जाएं और छात्रों पर कड़ा रुख अपनाने वाले पुलिस अधिकारियों पर सख्त एक्शन हो.
  • दिल्ली पुलिस को चेतावनी देते हुए अभिजीत दीपके ने कहा, "पुलिस अधिकारी यह बात अच्छी तरह याद रखें कि उन्होंने कॉकरोच से पंगा लिया है. जब हमने देश के मंत्री से इस्तीफा करवा दिया, तो पुलिस क्या चीज़ है. यह लोकतंत्र की ताकत है!"

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