Exclusive : 'टोयोटा वाली घटना में पेट्रोल में पानी...' मनीष कश्यप की खराब हुई कार के मामले में नितिन गडकरी का आया रिएक्शन

न्यूज तक डेस्क

• 04:35 PM • 09 Jul 2026

Nitin Gadkari Reaction on Manish Kashyap Controversy: E20 पेट्रोल को लेकर मनीष कश्यप के दावों के बाद शुरू हुए विवाद पर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने बिना नाम लिए प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि E20 से गाड़ी खराब होने का कोई प्रमाणित मामला सामने नहीं आया, जबकि टोयोटा की जांच में दूषित ईंधन की बात सामने आई.

मनीष कश्यप के E20 दावे पर गडकरी का जवाब
मनीष कश्यप के E20 दावे पर गडकरी का जवाब
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Nitin Gadkari on Manish Kashyap Controversy: एथेनॉल मिले पेट्रोल (E20) को लेकर इन दिनों देशभर में बहस छिड़ी हुई है. हाल ही में बिहार के यूट्यूबर मनीष कश्यप ने दावा किया कि उनकी Toyota Innova Hycross में E20 पेट्रोल भरवाने के बाद इंजन में खराबी आ गई. इस दावे के बाद शुरू हुए विवाद के बीच केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बिना नाम लिए अपनी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने 'आज तक' की मैनेजिंग एडिटर श्वेता सिंह को दिए एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में कहा कि अब तक E20 पेट्रोल की वजह से गाड़ी खराब होने की कोई प्रमाणित शिकायत सामने नहीं आई है.

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पटना वाली इनोवा कार का पूरा मामला

इंटरव्यू के दौरान नितिन गडकरी ने बिना नाम लिए मनीष कश्यप वाली इस वायरल वीडियो का जिक्र किया. उन्होंने कहा क टोयोटा कंपनी ने जांच के लिए गाड़ी मांगी तो पहले मना किया गया. बाद में जब गाड़ी की टेस्टिंग हुई तो उसमें पेट्रोल के साथ पानी की मिलावट (एडल्ट्रेशन) पाई गई थी. गडकरी ने कहा कि यह सब उन्हें और एथेनॉल को बदनाम करने का एक राजनीतिक प्रयास है. उन्होंने जनता से आह्वान किया कि अगर किसी की भी गाड़ी एथेनॉल से खराब होती है तो वे तुरंत डीलर के पास या परिवहन मंत्रालय के पास शिकायत दर्ज कराएं उसकी पूरी जांच की जाएगी.

मनीष कश्यप ने क्या लगाए गए थे आरोप?

दरअसल, मनीष कश्यप ने अपनी इनोवा हाइक्रॉस का वीडियो शेयर कर आरोप लगाए थे कि उनकी गाड़ी (जो लगभग 12,000 किमी चल चुकी थी) में E20 पेट्रोल इस्तेमाल करने के बाद इंजन में कंपन, नॉकिंग और ब्रेकडाउन जैसी समस्याएं आने लगीं. उन्होंने दावा किया कि गाड़ी से निकाले गए ईंधन के नमूनों का रंग अलग था. उसमें कचरा और मिलावट दिखाई दे रही थी. मनीष कश्यप का तर्क था कि कार के फ्यूल कैप पर "Up to E20 Petrol" लिखा है, इसलिए E20-अनुकूल वाहन में ऐसी दिक्कत नहीं आनी चाहिए. उन्होंने सरकार की इथेनॉल-ब्लेंडिंग नीति पर भी सवाल उठाए और इस मामले में कानूनी रास्ता अपनाने की बात कही थी.

टोयोटा कंपनी द्वारा दिया गया जवाब

टोयोटा किर्लोस्कर मोटर (TKM) ने इन आरोपों को खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि इनोवा हाइक्रॉस पूरी तरह से E20 ईंधन के लिए डिज़ाइन, टेस्ट और प्रमाणित की गई है. कंपनी की तकनीकी जांच में सामने आया कि गाड़ी में खराबी इथेनॉल ब्लेंड के कारण नहीं, बल्कि दूषित और गैर-मानक ईंधन (Contaminated Fuel) की वजह से आई थी. जांच में वाहन या उसके फ्यूल सिस्टम को कोई नुकसान नहीं पाया गया. सर्विस सेंटर पर ईंधन टैंक और लाइनों को साफ करके जब दोबारा स्टैंडर्ड E20 ईंधन भरा गया तो गाड़ी बिल्कुल ठीक चलने लगी. टोयोटा ने ग्राहकों को केवल प्रमाणित और प्रतिष्ठित फ्यूल स्टेशनों से ही ईंधन भरवाने की सलाह दी है.

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