Pralhad Joshi Education Minister: केंद्र सरकार ने एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक फेरबदल करते हुए केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद वेंकटेश जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा है. उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण तथा नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय का जिम्मा संभाल रहे प्रल्हाद वेंकटेश जोशी अब देश की शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी जिम्मेदारियां भी देखेंगे.
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कर्नाटक के धारवाड़ से 5वीं बार सांसद चुने गए प्रल्हाद वेंकटेश जोशी भारतीय जनता पार्टी के बेहद अनुभवी और वरिष्ठ नेताओं में गिने जाते हैं. इससे पहले वे संसदीय कार्य, कोयला और खान मंत्रालय जैसे महत्वपूर्ण विभागों का सफल नेतृत्व कर चुके हैं. प्रशासनिक क्षमता और संसदीय मामलों की गहरी समझ के लिए जाने जाने वाले जोशी के सामने नए प्रभार के तहत शिक्षा क्षेत्र की जारी प्राथमिकताओं को गति देने की चुनौती होगी.
शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार मिलने के बाद उनसे नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के क्रियान्वयन, उच्च शिक्षा संस्थाओं के सुदृढ़ीकरण और देश भर में शैक्षणिक सुधारों से जुड़ी योजनाओं को सुचारू रूप से आगे बढ़ाने की उम्मीद जताई जा रही है.
कौन हैं प्रल्हाद जोशी?
प्रल्हाद वेंकटेश जोशी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता हैं. वह 30 मई 2019 से केंद्र सरकार में संसदीय कार्य, कोयला और खान मंत्रालय की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. वर्ष 2004 से लगातार लोकसभा के सदस्य हैं और कर्नाटक की धारवाड़ लोकसभा सीट का प्रतिनिधित्व करते हैं. इसके अलावा, वह वर्ष 2014 से 2016 तक भाजपा की कर्नाटक इकाई के प्रदेश अध्यक्ष भी रह चुके हैं. उन्होंने 2014 से 2018 के दौरान लोकसभा अध्यक्षों के पैनल में भी सदस्य के रूप में काम किया.
हुबली और कर्नाटक से हुई पढ़ाई
प्रल्हाद जोशी का जन्म 27 नवंबर 1962 को कर्नाटक के विजयपुर में हुआ था. उनके माता-पिता का नाम मालतीबाई और वेंकटेश जोशी है. शुरुआती पढ़ाई के बाद उन्होंने हुबली और कर्नाटक विश्वविद्यालय के के.एस. आर्ट्स कॉलेज, धारवाड़ से बीए की डिग्री हासिल की. 26 नवंबर 1992 को उनकी शादी ज्योति जोशी से हुई. उनके परिवार में पत्नी के अलावा तीन बेटियां हैं.
कैसे शुरू हुआ राजनीतिक सफर?
प्रल्हाद जोशी पहली बार 1992 से 1994 के बीच हुबली के ईदगाह मैदान में तिरंगा फहराने को लेकर चले आंदोलन के दौरान सार्वजनिक रूप से चर्चा में आए. उस आंदोलन के बाद उनकी राजनीतिक पहचान मजबूत हुई. बाद में सुप्रीम कोर्ट ने ईदगाह मैदान के स्वामित्व को लेकर कर्नाटक हाई कोर्ट के फैसले को बरकरार रखा.
लगातार चार बार बने सांसद
प्रल्हाद जोशी ने 2004 में पहली बार धारवाड़ लोकसभा सीट से चुनाव जीतकर संसद में प्रवेश किया. इसके बाद उन्होंने 2009, 2014 और 2019 के लोकसभा चुनाव भी लगातार जीते. 30 मई 2019 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूसरे कार्यकाल में उन्हें केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल किया गया और संसदीय कार्य, कोयला तथा खान मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपी गई.
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