भारतीय जनता पार्टी (BJP) की ओर से युवाओं और Gen Z तक अपनी पहुंच बनाने के लिए शुरू किए गए 'Gen Z OutReach Program' को लेकर सियासत गर्मा गई है. हाल ही में गठित BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की नई राष्ट्रीय टीम में पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी को बड़ी जिम्मेदारी दी गई है. हालांकि, भाजपा की इस पहल पर 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के प्रवक्ता सौरभ दास ने कड़ा ऐतराज जताते हुए स्मृति ईरानी और भाजपा पर तीखा हमला बोला है.
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क्या है पूरा मामला?
भारतीय जनता पार्टी के मुख्यालय में आयोजित राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के दौरान Gen Z आउटरीच कार्यक्रम के संचालन के लिए एक विशेष टीम तय की गई. इस टीम में स्मृति ईरानी के अलावा विनोद तावड़े, गुजरात के गृह राज्य मंत्री हर्ष संघवी और छत्तीसगढ़ के मंत्री ओपी चौधरी शामिल हैं. स्मृति ईरानी ने बैठक के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर भाजपा मुख्यालय में हुए 'वंदे मातरम' गायन का वीडियो साझा किया था. इसी पोस्ट को रीपोस्ट करते हुए सौरभ दास ने स्मृति ईरानी और भाजपा के इस जनसंपर्क अभियान पर सवाल उठाए.
सौरभ दास के मुख्य आरोप और सवाल:
शिक्षा और सरकारी संस्थानों की अनदेखी: सौरभ दास ने पोस्ट में लिखा कि महज अपने राजनीतिक एजेंडे के लिए जनसंपर्क करने के बजाय सरकार को संसद का विशेष सत्र बुलाकर सरकारी स्कूलों और कॉलेजों की गिरती स्थिति पर बात करनी चाहिए. उन्होंने कहा कि शिक्षण संस्थानों की गुणवत्ता सुधारी जाए ताकि बंकिम चंद्र चटर्जी और रवींद्रनाथ टैगोर जैसी प्रतिभाएं फिर से देश में उभर सकें.
सौरभ दास ने निशाना साधते हुए कहा कि “2016 में 2 साल के भीतर उन्हें (स्मृति ईरानी) शिक्षा मंत्रालय से क्यों हटाया गया था, इसे Google करके देख लें”. इसके अलावा उन्होंने रोहित वेमुला मामले और स्मृति ईरानी की शैक्षणिक डिग्री पर उठे पुराने विवादों को उठाते हुए कहा कि इन वजहों से उन्हें युवाओं को नैतिक उपदेश देने का कोई अधिकार नहीं है.
भाजपा अध्यक्ष पर साधा निशाना
सौरभ दास ने बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के उन बयानों का भी जिक्र किया, जिनमें उन्होंने कथित तौर पर युवाओं व प्रदर्शनकारियों के खिलाफ सख्त भाषा का इस्तेमाल किया था.
वंदे मातरम विवाद और अनुराग ठाकुर पर पलटवार
हाल ही में भाजपा नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने 'वंदे मातरम' के पूरे गायन को लेकर कांग्रेस पर मुस्लिम तुष्टीकरण का आरोप लगाया था. इस पर सौरभ दास ने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा के पास सरकारी स्कूलों और कॉलेजों की स्थिति सुधारने का समय नहीं है, लेकिन वंदे मातरम पर बयानबाजी करने के लिए भरपूर वक्त है. आने वाले कई राज्यों के विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए जहां भाजपा Gen Z आउटरीच प्रोग्राम के जरिए युवा मतदाताओं को साधने में जुटी है, वहीं कॉकरोच जनता पार्टी और सौरभ दास जैसे नेता युवाओं से जुड़े वास्तविक मुद्दों (रोजगार और शिक्षा) को उठाकर भाजपा के इस कदम को महज राजनीतिक स्टंट करार दे रहे हैं.
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