CJP Protest Supreme court news: सुप्रीम कोर्ट द्वारा 20 से 25 जुलाई के बीच हुए विरोध प्रदर्शनों से जुड़े मामलों में दर्ज सभी एफआईआर (FIR) रद्द करने और नीट (NEET) पीड़ित परिवारों को मुआवजा देने के ऐतिहासिक आदेश के बाद CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) के फाउंडर अभिजीत दीपके की प्रतिक्रिया सामने आई है.
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अभिजीत दीपके ने इस फैसले को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने वाले छात्रों, नीट घोटाले से प्रभावित परिवारों और देश के आम नागरिकों की सामूहिक जीत करार दिया है. अभिजीत दीपके ने कहा कि आज सही मायनों में उन सभी लोगों के साथ न्याय हुआ है जो जंतर-मंतर और देश के कोने-कोने में अपने अधिकारों के लिए लड़ रहे थे.
सोशल मीडिया पर पोस्ट करने वालों की भी जीत- दीपके
"यह फैसला हर उस इंसान की जीत है जो इस आंदोलन के दौरान सड़कों पर उतरा. सिर्फ जंतर-मंतर ही नहीं, बल्कि देशभर में जिसने भी विरोध दर्ज कराया, यह उसकी जीत है. अगर कोई सड़क पर नहीं भी उतर पाया, लेकिन उसने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया या अपने वॉट्सऐप पर स्टेटस लगाकर आवाज उठाई, यह उन सभी की जीत है."
दिल्ली से महाराष्ट्र पहुंचे डेलीगेशन के साथ 7-8 दौर की बैठकें
आंदोलन के दबाव और जनता की ताकत का जिक्र करते हुए अभिजीत दीपके ने खुलासा किया कि केंद्र सरकार का एक विशेष प्रतिनिधिमंडल (डेलीगेशन) दिल्ली से महाराष्ट्र आया था.
उन्होंने बताया कि पिछले दो-तीन दिनों में उनकी और डेलीगेशन के बीच करीब 7 से 8 दौर की मैराथन बैठकें हुईं. इन बैठकों का मुख्य उद्देश्य नीट प्रभावित छात्रों और पीड़ित परिवारों को पूर्ण न्याय (Absolute Justice) दिलाना था, ताकि किसी नए आंदोलन की नौबत न आए. उन्होंने कहा कि जनता की अटूट ताकत, लाठीचार्ज और धमकियों के बावजूद न डरने के जज्बे के कारण ही सरकार को बातचीत की मेज पर आना पड़ा.
नीट पीड़ित परिवारों से भावुक अपील और माफी
बयान के दौरान CJP फाउंडर बेहद भावुक नजर आए. उन्होंने नीट परीक्षा और पेपर लीक के तनाव के कारण जान गंवाने वाले छात्रों के परिवारों से सार्वजनिक रूप से माफी मांगी.
उन्होंने भावुक होकर कहा
"मैं नीट पीड़ित परिवारों से सबसे पहले माफी मांगना चाहता हूं कि हम आपके बच्चों को बचा नहीं सके. यह ऐसी कमी है जिसे कभी पूरा नहीं किया जा सकता. आकांक्षा, काहान पटेल, प्रदीप मेघवाल और रिया थापा के पिताओं समेत मैं कई पीड़ित परिवारों से मिला हूं. उन बच्चों की कोई गलती नहीं थी, उन्होंने डॉक्टर बनने के लिए बहुत मेहनत और ईमानदारी से पढ़ाई की थी. यह सरकार की नाकामी (Failure) थी जिसकी वजह से बच्चों को अपनी जान गंवानी पड़ी."
आंदोलनकारियों और जनता का जताया आभार
अभिजीत दीपके ने स्पष्ट किया कि यह जीत किसी एक संगठन की नहीं, बल्कि देश के हर उस जागरूक नागरिक की है जिसने अन्याय के खिलाफ बोलने से इनकार नहीं किया. उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से नीट पीड़ित परिवारों को न सिर्फ कानूनी राहत मिली है, बल्कि उनके वित्तीय और मानसिक तनाव को कम करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है.
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