सूरत में टीकाकरण के बाद पैरासिटामोल की जगह दे दी डायबिटीज की दवा, 3.5 महीने के बच्चे समेत 5 की हालत बिगड़ी

न्यूज तक डेस्क

• 09:04 AM • 27 Sep 2026

सूरत के पलसाणा में टीकाकरण के बाद पांच बच्चों को पैरासिटामोल की जगह गलती से डायबिटीज की दवा ग्लिमेपिराइड दे दी गई. तबीयत बिगड़ने पर बच्चों को ICU/PICU में भर्ती कराया गया. स्वास्थ्य विभाग ने महिला हेल्थ वर्कर को निलंबित कर जांच शुरू की है.

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सूरत जिले के पलसाणा तहसील से स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है. कणाव प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के सब सेंटर पलसाणा-01 में टीकाकरण के बाद बच्चों को पैरासिटामोल की जगह गलती से डायबिटीज की दवा ग्लिमेपिराइड 2 एमजी दे दी गई. दवा लेने के बाद पांच बच्चों की तबीयत बिगड़ गई. इनमें छोटे बच्चे भी शामिल हैं. सभी को ICU/PICU में भर्ती कराना पड़ा.

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मामले को गंभीरता से लेते हुए स्वास्थ्य विभाग ने महिला हेल्थ वर्कर इंदुबेन रतिलाल चौधरी को निलंबित कर दिया है. विभाग ने आगे की जांच के भी आदेश दिए हैं.

ममता दिवस पर हुआ पूरा मामला

जानकारी के मुताबिक, 23 सितंबर 2026 को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कणाव के सब सेंटर पलसाणा-01 में ममता दिवस का आयोजन किया गया था. इस दौरान कुल 7 बच्चों का टीकाकरण किया गया.

टीकाकरण के बाद बच्चों को पैरासिटामोल किड टैबलेट दी जानी थी. इसका इस्तेमाल टीकाकरण के बाद बुखार या शरीर का तापमान बढ़ने की स्थिति में किया जाता है. लेकिन पांच बच्चों को गलती से ग्लिमेपिराइड 2 एमजी की गोली दे दी गई. ग्लिमेपिराइड डायबिटीज के इलाज में इस्तेमाल होने वाली दवा है. बच्चों को यह दवा दिए जाने के बाद उनमें गंभीर प्रतिकूल प्रभाव दिखाई देने लगे.

पांच बच्चों को ICU/PICU में कराया गया भर्ती

दवा दिए जाने के बाद पांच बच्चों की हालत बिगड़ गई. स्थिति गंभीर होने पर 24 सितंबर 2026 को उन्हें ICU/PICU में भर्ती कराया गया. स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, इस घटना में बच्चों की जान जोखिम में पड़ गई थी. मामला सामने आने के बाद संबंधित कर्मचारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई. जांच के बाद सूरत जिला मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी ने महिला हेल्थ वर्कर इंदुबेन रतिलाल चौधरी के खिलाफ निलंबन का आदेश जारी किया.

महिला हेल्थ वर्कर निलंबित

आदेश के मुताबिक, इंदुबेन रतिलाल चौधरी को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है. निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, डांगरापाड़ा, तालुका उमरपाड़ा, जिला सूरत निर्धारित किया गया है.

निलंबन के दौरान उन्हें बिना अनुमति कोई निजी नौकरी या कारोबार करने की इजाजत नहीं होगी. उन्हें हर महीने संबंधित तालुका स्वास्थ्य अधिकारी के सामने निर्धारित प्रमाणपत्र भी पेश करना होगा. इसके बाद ही नियमों के अनुसार निलंबन भत्ते का भुगतान किया जाएगा.

सरकारी आदेश में यह भी कहा गया है कि निलंबित कर्मचारी को तय मुख्यालय पर रहना होगा. संबंधित अधिकारी की अनुमति के बिना वह मुख्यालय नहीं छोड़ सकेंगी. विभागीय जांच के बाद आगे की कार्रवाई और अंतिम फैसला नियमों के अनुसार लिया जाएगा.

स्वास्थ्य मंत्री ने क्या कहा?

गुजरात सरकार के स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल पानसेरिया ने मामले को गंभीर लापरवाही बताया है. उन्होंने कहा कि पलसाणा तहसील के एक गांव में ममता दिवस के दौरान पांच बच्चों को टीका लगाया गया था. इनमें करीब 3.5 महीने और एक साल की उम्र के बच्चे भी शामिल थे.

मंत्री के मुताबिक, टीकाकरण के बाद बच्चों को पैरासिटामोल दी जानी थी, लेकिन ड्यूटी पर मौजूद नर्स और टीम की ओर से डायबिटीज की दवा दे दी गई. इसके बाद बच्चों को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा.

उन्होंने कहा कि घटना की जानकारी मिलने के बाद अधिकारियों को जांच के निर्देश दिए गए थे. संबंधित नर्स को निलंबित कर दिया गया है. बच्चों की हालत अब स्थिर बताई गई है और तत्काल इलाज मिलने के बाद उनकी स्थिति में सुधार हुआ है. मंत्री ने उम्मीद जताई कि बच्चों को जल्द अस्पताल से छुट्टी मिल जाएगी.

आगे की जांच के बाद होगी कार्रवाई

स्वास्थ्य विभाग ने मामले में जांच शुरू कर दी है. अधिकारियों की रिपोर्ट आने के बाद जिम्मेदारी तय की जाएगी और नियमानुसार आगे की कार्रवाई होगी. फिलहाल पांचों बच्चों की हालत स्थिर बताई गई है.

रिपोर्ट: संजय सिंह राठौड़

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