रानी पद्मावती को 'कायर' कहने के आरोपों पर भड़कीं स्वरा भास्कर, वीडियो शेयर कर बताया पूरा सच

न्यूज तक डेस्क

• 03:26 PM • 02 Sep 2026

'पद्मावत' के जौहर सीन पर दिए अपने बयान से उपजे विवाद और भारी ट्रोलिंग के बाद स्वरा भास्कर ने वीडियो जारी कर सफाई दी है. उन्होंने साफ किया कि उन्होंने रानी पद्मावती को कायर नहीं कहा, बल्कि उनका सवाल सिर्फ इस बात पर था कि क्या महिला की 'पवित्रता' उसकी जान से ज्यादा कीमती है.

स्वरा भास्कर
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संजय लीला भंसाली की ब्लॉकबस्टर फिल्म 'पद्मावत' को रिलीज हुए सालों बीत चुके हैं, लेकिन इसके क्लाइमैक्स यानी 'जौहर सीन' को लेकर छिड़ी बहस आज भी ठंडी नहीं हुई है. बॉलीवुड एक्ट्रेस स्वरा भास्कर एक बार फिर अपने बेबाक बयान की वजह से चर्चा और भारी ट्रोलिंग के केंद्र में आ गई हैं.पूरा मामला 31 अगस्त का है, जब स्वरा दिल्ली के 'इंडिया इंटरनेशनल सेंटर' में आयोजित 'वुमन, लाइफ, फ्रीडम' नाम के एक टॉक शो में हिस्सा ले रही थीं. बातचीत के दौरान उन्होंने 'पद्मावत' के उसी चर्चित जौहर सीन पर अपनी राय रखी और बताया कि क्यों उन्हें वह सीन देखकर बेहद गुस्सा आया था.

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इवेंट में क्या बोलीं स्वरा?

स्वरा ने अपनी बात रखते हुए कहा कि फिल्म का यह सीन समाज में और खास तौर पर रेप सर्वाइवर्स के पास बहुत गलत संदेश भेज सकता है. उन्होंने सवाल उठाया, "क्या हम सर्वाइवर्स को यs सीख दे रहे हैं कि उनके लिए जिंदगी खत्म हो चुकी है? क्या हम उनसे यह कहना चाहते हैं कि अगर वे सच में बहादुर और इज्जतदार होतीं तो खुद को खत्म कर लेतीं?"

स्वरा ने फिल्म के उस फ्रेम का भी जिक्र किया जिसमें एक गर्भवती महिला को आग की तरफ बढ़ते दिखाया गया है. उन्होंने कहा कि थियेटर में वह दृश्य देखकर उनके मुंह से 'छी' निकल गया था और इसी नाराजगी में उन्होंने 2018 में भंसाली को ओपन लेटर लिखा था.

सोशल मीडिया पर हंगामा और स्वरा का पलटवार

स्वरा का यह बयान जैसे ही इंटरनेट पर वायरल हुआ, लोगों ने उन पर रानी पद्मावती और राजपूत महिलाओं के ऐतिहासिक बलिदान का अपमान करने का आरोप लगाना शुरू कर दिया. कुछ यूजर्स ने दावा किया कि स्वरा ने जौहर करने वाली महिलाओं को 'कायर' कहा है. बढ़ते विवाद और ट्रोलिंग के बीच स्वरा ने अपने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो जारी कर अपनी स्थिति साफ की. उन्होंने कहा, "मैंने रानी पद्मावती या महल की महिलाओं को कभी कायर नहीं कहा. मेरी बात को मरोड़कर पेश किया जा रहा है. "

वो आगे कहती हैं मेरा मतलब सिर्फ इतना था कि अगर कोई रेप पीड़िता ये फिल्म देखेगी तो उसे लगेगा कि घटना के बाद जिंदा रहकर उसने शायद कायरता दिखाई है. स्वरा ने निर्भया केस का उदाहरण देते हुए आगे जोड़ा कि भारत में रेप एक भयानक महामारी जैसा है. निर्भया ने अपनी आखिरी सांस तक जीने के लिए लड़ाई लड़ी थी. क्या हम ऐसी सोच को बढ़ावा देना चाहते हैं जहां महिला की 'पवित्रता' उसकी जान से ज्यादा कीमती मानी जाए?

प्रियंका चतुर्वेदी के साथ तीखी बहस

इस पूरे विवाद में शिवसेना (UBT) सांसद प्रियंका चतुर्वेदी भी कूद पड़ीं. प्रियंका ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर लिखा कि जब महिलाओं के पास गुलामी और मौत में से किसी एक को चुनने का विकल्प था, तो उन्होंने मौत को चुना- यह उनका अपना फैसला था.

स्वरा ने प्रियंका को जवाब देते हुए लिखा, "प्रियंका जी, आप असल मुद्दे से भटक रही हैं. सवाल 13वीं सदी की महिलाओं की पसंद का नहीं है, सवाल यह है कि आज 21वीं सदी में हम किस सोच को महिमामंडित (glorify) कर रहे हैं? क्या किसी सर्वाइवर को रेप के बाद सिर उठाकर जीने का हक नहीं है?"

क्या था फिल्म 'पद्मावत' का वो सीन?

फिल्म के क्लाइमैक्स में जब अलाउद्दीन खिलजी की सेना चित्तौड़ के किले में दाखिल होने लगती है, तो रानी पद्मावती (दीपिका पादुकोण) किले की सैकड़ों महिलाओं के साथ जलती हुई चिता में कूद जाती हैं ताकि वे दुश्मनों के हाथ न लग सकें. फिल्म में इसे एक वीरतापूर्ण और सम्मानजनक कदम के रूप में दिखाया गया था, जिस पर स्वरा भास्कर की राय बिल्कुल अलग है.

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